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Sunday, 24 June 2018 15:08

“एक चित्र हज़ार शब्द के बराबर होता है ”

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लखनऊ: एक चित्र हजार शब्द को बयां करता है और भावनाओ को प्रस्तुत करता है । रचनात्मकता को कागज पर उकेरना और अपनी भावनाओ को चित्रो के माध्यम से प्रस्तुत करना अति रोमांचित प्रक्रिया  है। इस प्रक्रिया को हर आयु के वर्ग के लोग करने में उत्सुक रहते है, इन्ही प्रक्रियाओ को लेकर  यह एक सोच संस्था  बच्चो ,किशोरो , युवाओ और प्रौढो सभी के साथ मिलकर  क्रियेटिव कार्यशाला का आयोजन दिनांक 22.6.2018 से 24.6.2018 किया जा रहा है

 यह एक सोच फाउण्डेशन संस्था 2012 से लखनऊ में युवा विकास एवं स्वास्थ्य, सक्रिय नागरिकता तथा समाजिक समावेशन के मुददो पर लगातार कार्य कर रही है और इसी क्रम में युवाओ के साथ अन्य समूहो के लिये क्रियेटिव कार्यशाला की जा रही है जिसके अन्र्तगत सभी को कार्टून के साथ कला की बारिकियों लाईन ड्राॅईंग ,डिस्पियर पेटिंग, हयूमन पाॅस्चर के विषय मे साथ ही साथ विभिन्न खेलो और कहानियों के द्वारा कला के प्रति भावनाओ को प्रस्तुत करने की गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है । 

इस गतिविधि का संचालन प्रसिद्ध चित्रकार राष्ट्रीय काॅर्टूनिस्ट गणेश डे (दादा) के द्वारा की जा रही है । 63 वर्षीय गणेश डे 1986 से इस क्षेत्र  में काम कर रहे है और कई अतंराष्ट्रीय परियोजनाओ पर भी कार्य कर चुके है । वह मुददे अधारित पोस्टर, फ्लैश कार्ड और काॅमिक्स बनाने के लिये प्रसिद्ध है । गणेश दादा कई गैर सरकारी संगठनो , समाजिक नीतियों एजेंसियों और संगठनो से जुड़े है जो समाज के सुधार के लिये काम कर रहे है । ये पूरी कार्यशाला का मुख्य उददेश्य गणेश दादा को सहयोग प्रदान करने के लिये की जा रही है । जैबरोनिकस इलेक्ट्रिाॅनिक उपकरण कम्पनी कार्यशाला में सहयोग प्रदान कर रही है ं। 

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