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Wednesday, 12 June 2019 16:47

अब सबका विश्वास जीतने की ओर मोदी सरकार के बढ़ते कदम

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मृत्युंजय दीक्षित 

अबकी बार तीन सौ पार करने के बाद सरकार बनाने में सफल रही केंद्र की भाजपा सरकार भी अब देश के मुसिलम समाज के बीच अपनी छवि को सुधारने के लिये तथा एक प्रकार से उनका विशवास जीतने के लिये कई्र योजनओं पर काम करने जा रही है। वर्तमान समय में विजयी उत्साह में आकर भाजपा ने कई कदम उठाये हैं। अभी सरकार का गठन भी पूरी तरह से नहीं हुआ है लेकिन सरकार की ओर से जो कदम उठाये जाने वाले हंै उनको लेकर टीवी चैनलों व सोशल मीडिया में गमा्रगर्म बहसों तथा नेताआंें की बयानबाजी का दौर भी षुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के मूल विचारधारा के समर्थकों के मन में भी संदेह के बादल उठ रहे हैं लेकिन सरकार जिस प्रकार से मुस्लिम समाज का विश्वास जीतने के लिये आगे बढ़ रही है उससे कइ्र्र प्रकार के सवालिया निशाँ भी उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यह उठ रहा है कि क्या मदररसो का सुधार करने के बाद भी पीएम मोदी मुसलमानों का भरोसा जीत पाएंगे ? जब से नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने और जब गोधरा के बाद वहां पर दंगे हुए तब से लेकर अब तक पीएम मोदी पर विपक्ष व उनके विरोधी बहुत ही आक्रामक ढंग से उनके खिलाफ बयानबाजी लगातार कर रहे हैं। हैदराबाद के सांसद ओवैसी तो उनके खिलाफ जमकर जहर उगलते हैं। संभवतः अब सरकार मुस्लिम समाज के बीच अपनी छवि को बेहतर करने के लिये यह एक छोटा सा लेकिन अतिमहत्वपूर्ण अभिनव प्रयोग करने जा रही हेै। चुनावों के बाद भाजपा व राजनैतिक विश्लेषकों ने जो अनुमान लगाये हैं उससे पता चल रहा है कि इस बार मुस्लिम बहुल इलाकों वाली कई सीटों पर भी मुसलमानों ने बीजेपी को वोट दिया है। सबका विश्वास जीतने व बंगाल व बिहार आदि राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों में मुस्लिम समाज के बीच में अपनी छवि को सुधारने के लिये भी कई अभियान केंद्र सरकार शुरू करने जा रही है। राजनैतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि चूकि अब जम्मू कश्मीर में धारा 370 और 35 ए समाप्त करने का समय आ गया है तथा अबकी बार संत व हिंदू समाज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हर हालत में चाहता है। समस्त हिंदू मसाज का मानना है कि इस बार बीजेपी तीन सौ पार चली गयी है तो अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हर हाल में होकर रहेगा । भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ करने के लिये भी मुस्लिम समाज को खुश करने के लिये यह प्रयास किया जा रहा है। लेकिन 90 फीसदी लोगों का मत है कि मुस्लिम समाज के लिये जितना भी किया जाये वह कम ही रहेगा तथा वह अयोध्या में हिंदुओं के लिये कभी अपना बलिदान नहीं करेगा चाहे वहां पर किसी विदेशी हमलावर ने ही जबरन मस्जिद क्यों न बनवा दी हो ? लेकिन अब मोदी जी व बीजेपी अपनी छवि को लेकर भी बैचेन हो रही हेै तथा मुस्लिम तुष्टीकरण के नाम पर बीजेपी के खिलाफ मुस्लिमों को जिस प्रकार से डराया जा रहा था उस डर के माहौल को समाप्त करने के लिये ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से देश के पांच करोड़ अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने जा रही है। इनमें छात्राओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होगी। इसमें आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की लड़कियों के लिये बेगम हजरत महल बालिका स्कालरशिप भी शामिल है जो दस लाख से अधिक होगाी। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि अल्पसंख्यक वर्ग की स्कूल ड्रापआउट लड़कियों को देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से ब्रिज कोर्स कराकर उन्हें शिक्षा और रोजगार से भी जोड़ा जायेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि अगले महीने से देश भर के मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिये मदरसा शिक्षकों को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। सरकार अल्पसंख्यक बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए पढ़ो व बढ़ो जागरूकता अभियान चलायेगी। इस कड़ी में पहले चरण में देश के 60 अल्पसंख्यक बहुल जिलोें को चयनित कर इस अभियान को प्रारंभ किया जायेगा । इसके तहत सभी दूरदराज क्षेत्रों में जहां सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ापन है और लोग अपने बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में भेजने के लिये जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जायेगा। अल्पसंख्यक समुदाय के मुसलमानों , ईसाइयों सिखों जैनियों बौद्धों और पारसियों में आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिये केंद्रीय व राज्य प्रशासनिक सेवाओं ,बैंकिंग सेवाओं , रेलवे आदि कइ्र्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये निःशुल्क कोचिंग भी दी जायेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालने के बाद पहली बार मालदीव का दौरा किया था। मालदीव से ही देश के अल्पसंख्यक मुसलमान समाज को एक बहुत बड़ा संदेश देते हुए वहां की ऐतिहासिक महत्व की मूंगे वाली मस्जिद के संरक्षण के लिये भी धन उपलब्कध कराने का ऐलान किया है। अब देखना यह है कि मोदी जी और उनकी सरकार का यह प्रयास कितना सफल होता है। यह प्रयोग एक बहुत बड़ी दुधारी तलवार के समान है। आवैसी आर आजम खान जैसे लोग अब भी संदेह करेंगे तथा अपनी विचारधारा के अनुरूप ही मुसिलमों के बीच बयानबाजी करते ही रहेंगे लेकिन मोदी जी नामुमकिन को मुमकिन बनाने के लिये निकल पड़े हंै। भाजपा व राजनैतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि पिछली सरकार की बहुत सी योजनाओं से गरीब मुसलमानों व महिलाओं को बहुत लाभ हुआ था जिसमें आवास से लेकर गैस का सिलेंडर तथा मुद्रा योजना से भी मुसलमानों को बहुत लाभ हुआ । उन्हीं प्रयासों के चलते आज बीजेपी को यी आशीर्वाद मिला है जबकि हिंदू समाज का मानना है कि राम जी ने मोदी जी को एक और बहुत बड़ा अवसर दिया है। अब दोनों ही पक्षों के बीच सामंजस्य बिठाते हुए सरकार व भाजपा संगठन को काम करना है।

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