Sat11162019

ताज़ा खबरें :
Back You are here: Home राजनीति माया ने मुलायम को किया माफ़, गेस्ट हाउस कांड का केस वापस लिया
Friday, 08 November 2019 04:39

माया ने मुलायम को किया माफ़, गेस्ट हाउस कांड का केस वापस लिया Featured

Rate this item
(0 votes)

लखनऊ: 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ दर्ज केस बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने वापस ले लिया है। कहा जाता है कि इस कांड के बाद ही दोनों राजनीतिक दल एक-दूसरे के कट्टर विरोधी हो गए थे। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने आपसी मतभेदों को भुलाते हुए ऐतिहासिक गठबंधन किया था। यह जानकारी बीएसपी के 2 नेताओं ने गुरुवार (7 नवंबर) को दी।

इस मामले में एसपी की ओर से अभी कोई कंफर्मेशन नहीं मिला है। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के चलते महज 5 महीने में ही एसपी-बीएसपी का ऐतिहासिक गठबंधन टूट गया था। वहीं, बीएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्रा ने पुष्टि की है कि मायावती ने 24 साल पुराने गेस्ट हाउस कांड में दर्ज केस वापस ले लिया है। हालांकि, उन्होंने इस मामले में कोई डिटेल नहीं दी।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएसपी के एक और नेता ने नाम छिपाने की शर्त पर बताया, ‘‘12 जनवरी को एसपी और बीएसपी के बीच ऐतिहासिक गठबंधन हुआ था। उस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2 जून, 1995 के गेस्ट हाउस कांड में उनके पिता मुलायम सिंह यादव के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का अनुरोध किया था।’’

सूत्रों का दावा है कि मैनपुरी में चुनावी रैली के दौरान मायावती व मुलायम सिंह यादव ने मंच साझा किया था। उस दौरान मायावती ने अखिलेश को आश्वासन दिया था कि वह उनकी रिक्वेस्ट जरूर पूरी करेंगी।

एसपी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया, ‘‘मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। शुक्रवार को इसका पता लगाया जाएगा, जिसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।’’ वहीं, बीएसपी के एक अन्य नेता ने बताया कि यह केस सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग था।

1992 में बाबरी विध्वंस के बाद एसपी प्रमुख मुलायम व बीएसपी चीफ कांशीराम ने गठबंधन किया था। ये दोनों पार्टियां 1993 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ मैदान में एक साथ उतरी थीं। उस वक्त इस गठबंधन ने राज्य की कुल 425 सीटों (उस वक्त उत्तराखंड यूपी का हिस्सा था) में से 176 सीटें जीती थीं। साथ ही, कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी और मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बन गए थे।

बताया जाता है कि दोनों पार्टियों में धीरे-धीरे मतभेद होने लगे थे। उस दौरान बीजेपी नेताओं ने मायावती से मुलाकात करके कहा था कि अगर वह उनके साथ आती हैं तो उन्हें सीएम बनाया जा सकता है।

Read 6 times