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Tuesday, 24 December 2019 10:03

‘‘कान में डाला गया जहर है ये दंगा‘‘

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बडे बुजुर्गों ने सदियों पहले बताया था कि पेट में गया जहर व्यक्ति को एक बार ही मारता है परन्तु कान में डाला गया जहर व्यक्ति अथवा व्यक्तियों को कितना नुकसान पहुंचाता है इसकी कोई सीमा नहीं है। एक कहावत् और सुनी है कि कऊआ कान ले गया बस देखा नहीं सुना है, सुनाने वाला कौन कोई था अब यहां नहीं है। नागरिक संशोधन बिल का विरोध करने वालो से जब पत्रकार पूछ रहे थे की आप यहां क्यों आए है क्या कारण है विरोध किस बात का कर रहे हो तो किसी के पास कोई सही जवाब नहीं था। कोई कह रहा था हमें लाया गया है तो कोई कह रहा था मुसलमानों को कैम्पो में रखा जाएगा। भीड़ में बाहर से आए लोगों को देखा गया व पहचाना गया है। पश्चिम बंगाल से उन्मादी शरारती तत्व बड़ी संख्या में आए स्थानीय लोगों की भीड को हिंसा फैलाने में लग गए। वो असामाजिक तत्व जो चाहते थे कुछ हद तक सफल रहे। धारा 144 लागू होने के बाद तथा प्रशासन की अनुमति लिए बिना उनका भारी भीड़ के रूप में जुटना-हिंसा करना, सरकारी व गैर सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाना गैर कानूनी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन पर कड़ा रूख अपनाते हुए कहा कि विपक्ष ने जिसमें कांग्रेस व सपा शामिल है उसने अपनी राजनीतिक रोटियां सेकी है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष के दुश्प्रचार के कारण ही लोग हिंसा कर रहे है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी सम्पत्ति व पब्लिक प्रापर्टी को जिस तरह नुकसान पहुंचाया गया है बसों को जलाया गया है पुलिस चैकी को फूंका दिया गया है। हिंसा पर उतारू भीड़ पर पुलिस ने धैर्य का परिचय दिया वरना पुलिस चाहती तो कुछ भी कर सकती थी। दिनभर दंगाईयों और पुलिस के बीच गुरिल्ला लड़ाई चलती रही। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तत्काल आपातकालीन बैठक बुलाकर हालात की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपद्रवियों, दंगा करने वालों को किसी भी कीमत पर पकड़ा जाएगा। कानून के हिसाब से कडे़ से कड़ा दण्ड दिया जाएगा। दंगाइयों ने जितनी भी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया है उसका आकंलन कराकर उसे नुकसान पहुंचाने वालो से उनकी सम्पत्ति को जब्त कर वसूला जाएगा। शत प्रतिशत हिंसा करने वालो को कड़ा सबक सीखया जाएगा। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। सबको लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत ही धरना प्रदर्शन की आजादी है। हिंसा किसी भी सूरत में बरदास्त नही की जाएगी। जिस प्रकार से लखनऊ, वाराणसी व संभल तथा अन्य जिलो में हिंसा हुई है, उसकी तहतक जाएगें। सभी दंगाइयों को सीसी टीवी फूटेज के माध्यम से पहचाना जा रहा है। सबकी गिरफ्तारी के आदेश दे दिए गए है। जल्द ही सब जेल की हवा खाएगें और पछताएगें। विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस व सपा के पास सरकार के विरोध का कोई मुद्दा नही बचा है तो ये पार्टिंयां लोगों को गुमराह कर रही है। केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए नागरिक संशोधन कानून को विपक्ष जान बूझकर भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने तथा गृहमंत्री भारत सरकार ने कानून बनाते वक्त ही संसद के समक्ष स्पष्ट कर दिया था कि इस कानून  से किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता को कोई भी किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है। विपक्ष को आडे़ हाथों लेते हुए गृहमंत्री अमित शाह जी ने कहा था कि हर मसले पर राजनीति करना बंद करो। 50 वर्ष पूर्व ही यह कानून बनाया जाना चाहिए थे परन्तु आप लोगों ने सत्ता को अपने तथा अपने परिजनो के सुख का साधन बना कर देश की जनता के साथ छलावा किया है। क्या भारत से किसी ने भी यह कहकर पाकिस्तान, बंग्लादेश व अफगानिस्तान जैसे इस्लामिक कानून वाले देश से शरण मांगी है कि वह मुस्लिम है वह इस्लाम धर्म को मानता है इस कारण भारत में उसका उत्पीड़न हुआ है या होता रहा है कभी नहीं क्योंकि भारत में सभी धर्मों को मानने वालो को समान अधिकार प्राप्त है और रहेंगा। यह भारतीयता की पहचान हैै। पाकिस्तान से बंग्लादेश से व अफगानिस्तान से गैर मुस्लिमस को जिस प्रकार से उत्पीड़न कर भगाए गए और वे जान बचाने के लिए भारत आये उनको भारत सरकार ने कानून बनाकर यहा की नागरिकता दी है इससे अन्य का कोई नुकसान नहीं है। परन्तु घोर तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दलों को यह बात हजम नही हुई उन्होंने लोगों को इसके खिलाफ भड़काने की राजनीति शुरू कर दी। पूर्वोत्तर में पहले हिसंक आन्दोलन हुआ वहां शांत हुआ तो देश की राजधानी दिल्ली में हिंसा भड़का दी। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एएमयू में उग्र प्रदर्शन कराया गया। ए.एम.यू., जे.एम.यू., जे.एन.यू., मंे जा लोग पकडे़ गए उनमें से अधिकतर वहां के छात्र ही नहीं थे सब बाहरी असामाजिक तत्व निकले। हिंसा के पिछे साजिश करने वाले एक एक कर पकडे़ जा रहे है। देश को बदनाम करने की साजिश पाकिस्तान तो कर ही रहा है यहा का विपक्ष  भी अपनी  राजनीति को चमकाने के लिए पिछे नहीं है। देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र भाई ने विपक्ष से पूछा कि अगर उनमें हिम्मत है तो स्पष्ट कहे कि उनकी सरकार बनने पर वे तीन तलाक, धारा 370 व 35ए तथा नागरिक संशोधन कानून को रद् करेंगे। पाकिस्तान, बंग्लादेश से आने वालो को यहां बसाएगें। हिम्मत तो घोषणा  करो देश की जनता तुम्हें सबक सीखा देगी। लोगों को भड़काने की साजिश बंद करो उनके भविष्य को बरबाद मत करो। प्रधानमंत्री व गृहमंत्री ने सब को सबकुछ स्पष्ट बताया है विस्तार से समझाया भी है अतः हमें अपनी चुनी हुई सरकार पर पूरा भरोसा करना चाहिए, किसी पार्टी के हाथों का खिलौना बनने से बचना चाहिए। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सबको बराबर मिला है मिलता है मिलता रहेगा कहीं कोई भेदभाव नहीं है न ही हमारा संविधान इसकी इजाजत देता है। गरीबों को मुफ्त में मकान, गैस सिलेण्डर, इलाज, बिजली, सड़क, पानी सरकार ने दिया है आगे भी सरकार अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर आमजन  को लाभ पहुंचाए इसके लिए हमें सरकार  का साथ देना चाहिए। हा एक बात पर जरूर गौर करिएगा कि देश में 800 से अधिक  विश्वविद्यालय है परन्तु आन्दोलन, हिंसा केवल ए.एम.यू., जे.एम.य.ू, जे.एन.यू. में क्यों ही होती है। दाल मंे कुछ काला तो है। संसद से सड़क तक विरोध करने का संविधान प्रदत अधिकार सभी को परन्तु उसकी आड़ में हिंसा करना, देश को बदनाम करना यह वाजिब नहीं है। लोकतात्रिक व्यवस्था में कानून सर्वोपरि  होता है उसको ध्यान में रखकर ही हमें अपना विरोध  दर्ज  कराना  चाहिए। भाजपा के सामने विपक्षी दलों  की जनता में दाल नही गल रही है।  हताशा, निराश विपक्ष जनता की भावनाओं से खेल रहा है। माहत्मा बुद्ध ने 2500 वर्ष पूर्व कहा था जो आज भी उतना ही प्रासांगिक है, सूर्य-चन्द्रमा और सत्य कभी छूप नही सकता।

 

(नरेन्द्र सिंह राणा)

प्रदेश प्रवक्ता भाजपा

मो0 9415013300  

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