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Friday, 15 May 2020 17:01

दुनिया की 170 हस्तियों का खुला पत्र, खाद्य संकट दूर करने के उपाय तत्काल हों

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नई दिल्ली: दुनिया की 170 जानी-मानी हस्तियों ने संयुक्त राष्ट्र, जी-20 देशों और विभिन्न देशों की सरकारों को कोविड-19 के दौर में खाद्य और पोषण सुरक्षा पर खुला पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि खाद्य और पोषण सुरक्षा पर कोविड-19 के मध्यम और दीर्घावधि में पड़ने वाले असर का समाधान किया जाना चाहिए। कोविड महामारी से दुनियाभर में जो संकट पैदा हुआ है उससे सप्लाई चेन पूरी तरह बिगड़ गई है। इससे भूख और कुपोषण को लेकर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। पत्र में संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2015 में अपनाए गए टिकाऊ विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अति सक्रियता दिखाने और मिलजुलकर कदम उठाने को कहा गया है।

पत्र के अनुसार कोविड-19 महामारी पूरी दुनिया के लिए बड़ा स्वास्थ्य संकट है, लेकिन दुनिया कि खाद्य प्रणाली भी बड़े संकट से जूझ रही है। उपभोक्ता ज्यादा कीमत चुका रहे हैं, सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित हो गई है, स्कूलों में बच्चों को जो भोजन दिया जाता है उससे वे वंचित हो रहे हैं और खाद्य सहायता पर निर्भर परिवार संघर्ष कर रहे हैं। किसान अपनी उपज कहीं बेच नहीं पा रहे हैं। वे तैयार फसल की कटाई और अगले सीजन में नई फसल की बुवाई को लेकर चिंतित हैं। कुछ सरकारों ने निर्यात पर पाबंदी और आयात पर बंदिशें लगाकर इस संकट का समाधान तलाशने की कोशिश की है, लेकिन इससे दाम बढ़ेंगे। इससे देशों के बीच व्यापार को लेकर तनाव भी बढ़ेगा। कोविड-19 के चलते यह तनाव पहले ही काफी अधिक है। दुनियाभर की सरकारों को व्यापार जारी रखना चाहिए।

कुछ देशों ने खाद्य आपूर्ति सुधारने जैसी मानवीय पहल की है, जिनकी प्रशंसा की जानी चाहिए, हालांकि ये उपाय नाकाफी हैं। आने वाले दिनों में ऐसे उपाय किए जाने चाहिए जिनसे तैयार फसलों की कटाई सुनिश्चित हो और नई फसल की बुवाई हो सके। खाद्य संग्रह और वितरण के लिए ऐसी सक्षम प्रणाली तैयार की जाए जिससे भूखे लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों, को पोषक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

आईएमएफ, विश्व बैंक, खाद्य एवं कृषि संगठन समेत दुनिया की विभिन्न संस्थाओं ने जिन चुनौतियों की बात कही है पत्र में उनसे सहमति जताई गई है। इसमें कहा गया है कि वर्ल्ड फूड प्राइज और दूसरे प्रमुख रिसर्च संस्थान दुनिया को सही दिशा में ले जाना चाहते हैं। इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं खाद्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना जरूरी है।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत के पूर्व योजना मंत्री योगेंद्र अलघ, मिस्र के पूर्व कृषि मंत्री अमीन अबाजा, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अजीज, अल्बानिया के पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति सली बेरिशा, मेडागास्कर के पूर्व प्रधानमंत्री ज्यां बेरिशी, शांति का नोबेल पाने वाले वाइडेड बाउचरमाओई और इक्रीसैट के महानिदेशक पीटर कार्बेरी भी शामिल हैं।

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