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Wednesday, 24 June 2020 16:33

रिजर्व बैंक की निगरानी में आएंगे कोऑपरेटिव बैंक, मुद्रा शिशु लोन पर ब्याज में 2 फीसदी की छूट, कैबिनेट ने लिया फैसला Featured

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नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट ने सभी 1540 कोऑपरेटिव और मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव बैंकों को रिजर्व बैंक के दायरे में लाने का निर्णय किया है। इससे 8 करोड़ 60 लाख खाताधारकों की जमा राशि सुरक्षित होगी। इसके साथ ही मुद्रा शिशु लोन में ब्याज पर दो फीसदी छूट की घोषणा की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बैंकिंग सेक्टर को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देश में 1482 अर्बन कोऑपेटिव बैंक और हैं 58 मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक हैं, इनको लेकर आज अध्यादेश लाया गया है कि ये सभी बैंक रिजर्व बैंक के सुपरविजन में आ जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आरबीआई के तहत लाए जाने के बाद जिस तरह शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों पर रिजर्व बैंक का आदेश और निर्देश लागू होता है, वे अब को-ऑपरेटिव बैंक्स पर भी लागू होंगे। इसका फायदा होगा कि जमाकर्ता को भरोसा मिलेगा कि उनका पैसा सुरक्षित है। 8 करोड़ 60 लाख खाताधारक हैं, इन 1540 बैंकों में और 4 लाख करोड़ 84 लाख रुपए जमा हैं।

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