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Wednesday, 07 April 2021 18:12

सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी

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नयी दिल्ली: सरकार ने साैर ऊर्जा क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए 4500 करोड़ रुपए की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना ‘नेशनल प्रोग्राम ऑन हाई एफिशेंसी सोलर पीवी (फोटो वॉल्टिक) मॉड्यूल’ की घोषणा की है जो अगले पांच वर्ष में लागू होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर एवं पीयूष गोयल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि फिलहाल सौर क्षमता संवर्धन के लिए मोटे तौर पर आयातित सोलर पीवी सैल्‍स और मॉड्यूल्‍स पर निर्भरता है, क्‍योंकि घरेलू विनिर्माण उद्योग के पास परिचालन योग्‍य सोलर पीवी सैल्‍स और मॉड्यूल्‍स की सीमित क्षमता थी। नेशनल प्रोग्राम ऑन हाई एफिशेंसी सोलर पीवी (फोटो वॉल्टिक) मॉड्यूल से बिजली जैसे महत्‍वपूर्ण क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम होगी। यह ‘आत्‍मनिर्भर भारत’ के अनुरूप है।

उन्हाेंने कहा कि इस योजना से सौर पीवी विनिर्माण संयंत्रों की क्षमता में 10,000 मेगावॉट की वृद्धि होगी। सौर पीवी विनिर्माण परियोजनाओं में 17,200 करोड़ रुपये का प्रत्‍यक्ष निवेश होगा। अगले पांच साल में 17,500 करोड़ रुपये की मांग बढ़ेगी। करीब 30 हजार लोगों को प्रत्‍यक्ष रोजगार और एक लाख 20 हजार लोगों को अप्रत्‍यक्ष रोजगार मिलेगा। हर वर्ष करीब 17,500 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सौर पीवी विनिर्माताओं को पारदर्शी प्रतिस्‍पर्धी निविदा प्रक्रिया के जरिए चुना जाएगा। सोलर पीवी विनिर्माण संयंत्र की शुरुआत के पांच साल के लिए पीएलआई प्रदान की जाएगी। विनिर्माताओं को उच्‍च कुशलता वाले सोलर पीवी मॉड्यूल्‍स के साथ-साथ घरेलू बाजार से सामग्री खरीदने पर लाभ दिया जाएगा।

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