Fri11272020

ताज़ा खबरें :
Back You are here: Home राज्य बिहार, झारखंड में पत्रकारों की हत्या खतरनाक संकेत: रिहाई मंच
Sunday, 15 May 2016 16:24

बिहार, झारखंड में पत्रकारों की हत्या खतरनाक संकेत: रिहाई मंच

Rate this item
(0 votes)

लखनऊ। रिहाई मंच ने बिहार और झारखंड में पत्रकारों की हत्या को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। मंच ने मोदी सरकार द्वारा नीतिगत आधार पर मुसलमानों को योगा ट्रेनिंग के लिए नहीं नियुक्ति करने सम्बंधित खबर को ब्रेक करने वाले पत्रकार पुष्प शर्मा की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी को मोदी सरकार में बढ़ रहे दमन का ताजा नजीर बताया है।

 रिहाई मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच के महासचिव राजीव यादव ने बिहार के सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन और झारखंड चतरा में अखिलेश प्रताप सिंह की हत्या की निंदा करते हुए कहा है कि ये घटनाएं साबित करती हैं इन राज्यों में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। उन्हांने दोनों मामलों में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

 वहीं राजीव यादव ने भारत सरकार द्वारा योगा ट्रेनिंग में नीतिगत आधार पर मुसलमानों की नियुक्ति न करने का आरटीआई से खुलासा करने वाले पत्रकार पुष्प शर्मा की गिरफ्तारी और उक्त खबर को छापने वाले अखबार मिल्ली गजट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को मोदी सरकार की एक और ओछी हरकत बताया है। उन्होंने कहा है कि इस मसले पर आयुश मंत्रालय द्वारा बिना अखबार से खबर के संदर्भ में कोई पूछताछ किए मुकदमा दर्ज करना साबित करता है कि आरटीआई में उजागर तथ्य बिल्कुल सही हैं और सरकार ने बदले की भावना के तहत पत्रकार को उत्पीड़ित करने के लिए जेल भेजा है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पत्रकार के पक्ष में खड़े होने के बजाए खुलकर सरकार का पक्ष लेना साबित करता है कि पीसीआई जैसी संस्था का भी भगवाकरण हो गया है।

Read 733 times