Wed10212020

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धर्मकर्म - दिव्य इंडिया न्यूज़
नई दिल्ली: श्रद्धालु अब रोजाना चार घंटे देवघर के बाबा वैद्यनाथ यानी द्वादश ज्‍योतिर्लिंग और दुमका के बासुकीनाथ यानी फौजदारी बाबा का दर्शन कर सकेंगे। झारखंड सरकार ने कुछ शर्तों के साथ इसकी अनुमति दे दी है। गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने बुधवार को देवघर और दुमका के उपायुक्‍त को इस संबंध में पत्र भेज दिया है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेश और दोनों उपायुक्‍तों से रायशुमारी के मद्देनजर राज्‍य सरकार ने यह अनुमति दी है। राज्‍य सरकार ने कुछ शर्तों के साथ अनुमति प्रदान की है। सिर्फ राज्‍य के लोगों को ही दर्शन का लाभ मिलेगा। रोजाना सिर्फ चार घंटे ही दर्शन की अनुमति है। प्रति घंटे अधिकतम 50 श्रद्धालु बाबा वैद्यनाथ का और 40 श्रद्धालु बासुकीनाथ का…
नई दिल्लीः बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर का मुंबई के चंदनवाड़ी शमशान घाट पर इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे और अभिनेता रनबीर कपूर ने अंतिम संस्कार की सारी प्रक्रिया निभाई। लॉकडाउन की वजह से पुलिस ने अंतिम संस्कार में कुछ बेहद करीबी लोगों को ही शामिल होने की इजाज़त दी। ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर दिल्ली पुलिस से मंजूरी मिलने के बावजूद अपने पिता के आखिरी दर्शन नहीं कर सकीं।  ऋषि कपूर का आज निधन हो गया था। वह  67 वर्ष के थे। तबीयत खराब होने के कारण उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महानायक अमिताभ बच्चन ने ऋषि कपूर के निधन की जानकारी दी। ऋषि कपूर दो साल से कैंसर से जूझ…
वाराणसी: शहर में हुई भारी बारिश के बाद पेट सम्बन्धी बीमारियों गैस्ट्रोएंटेरिस्टिस (दस्त, उल्टी, बुखार और मतली), पैरों में फंगल इंफेक्शन एवं मौसमी बीमारियों के मरीज श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के गेट नंबर चार छत्ता द्वार पर खोले गए नयति द्वारा संचालित श्री काशी विश्वनाथ आरोग्य मंदिर में भारी संख्या में अपना इलाज कराने आ रहे हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सीईओ विशाल सिंह ने कहा कि “ श्री काशी विश्वनाथ प्रांगण में नयती द्वारा संचालित मेडिकल यूनिट श्रद्धालुओं के लिए काफ़ी कारगर साबित हो रहा है। श्रद्धालुओं को ज़रूरत पढ़ने पर स्वास्थ्य सेवा तत्पर मिल पा रही है। “ नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमें बाबा विश्वनाथ जी के आशीर्वाद से बाबा…
सूर्यपुत्र भगवान श्री शनिदेव सुख-शांति, यश-वैभव, धन-सम्पत्ति एवं पद-प्रतिष्ठा के प्रदाता है। श्री शनिदेव महाराज पृथ्वीवासियों को उनके कर्म के अनुसार दण्डित व पुरस्कृत करते हैं। शास्त्रों के अनुसार शनि पर्वत पर ही भगवान श्री शनिदेव ने घोर तपस्या कर मानव कल्याण के लिये शक्ति एवं बल प्राप्त किया। आज के इस युग में भगवान शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है। भगवान श्री शनिदेव के अनेक मंदिर हैं। श्री शनिदेव के मंदिरों में शिंगनापुर (महाराष्ट्र) का विशेष महत्व है। शिंगनापुर (महाराष्ट्र) के शनि मंदिर में श्री शनि पर्वत की शिलापट्ट स्थापित है, उसी प्रकार शिलापट्ट लखनऊ के ‘श्री शनिदेव अहिमामऊ धाम’ में स्थापित हुई है। शनि पर्वत से लाई गई शिला का अपना एक अलग महात्म्य है। लखनऊ स्थित…
**विधि मंत्री, आयुष मंत्री तथा महिला कल्याण मंत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सुना सत्संग** लखनऊ: विश्व जागृति मिशन के लखनऊ मंडल द्वारा यहां आशियाना के रेल मैदान में आयोजित तीन दिवसीय अमृत ज्ञान वर्षा महोत्सव के दूसरे दिवस की संध्या में मिशन प्रमुख आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने मंत्र जप का ज्ञान - विज्ञान ज्ञान जिज्ञासुओं को समझाया। हजारों की संख्या में सत्संग स्थल पर मौजूद लखनऊ वासियों से उन्होंने कहा कि जप के साथ मंत्र-सिद्धि के उपाय करना बहुत जरूरी है। उन्होंने ध्यान का महत्व का भी ज्ञान सभी को दिया। उत्तर प्रदेश सरकार के विधि मंत्री श्री बृजेश पाठक, आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी और महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री स्वाति सिंह सहित अनेक अति…
लखनऊ के रेल मैदान में ३ दिवसीय अमृत ज्ञान वर्षा महोत्सव शुरू    लखनऊ, २० सितम्बर। गायत्री महामन्त्र व्यक्ति को जीवन की ऊँचाइयों पर प्रतिष्ठित कर देता है। इस आदि-मन्त्र के जप और उपासना से साधक को सदबुद्धि मिलती है। गायत्री मन्त्र जब जीवन में उतरता है तब मनुष्य की सही निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि हो जाती है।    यह बात आज सन्ध्याकाल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना अंचल स्थित रेल मैदान में विशाल जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए राष्ट्र के जाने-माने चिन्तक, विचारक एवं अध्यात्मवेत्ता आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने कही। वह विश्व जागृति मिशन के लखनऊ मण्डल द्वारा आयोजित तीन दिनी सत्संग महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद ज्ञान जिज्ञासुओं को सम्बोधित कर…
आज मुहर्रम की सातवीं तारीख़ है। आज ही के दिन से रसूल ख़ुदा मोहम्मद मुस्ताफ़ा (स) के निवासे हज़रत इमाम हुसैन (अस) पर और उनके बच्चों पर पानी मुसलमानों ने बंद कर दिया था। थोड़ी दूर पर दरियाये फ़रात की एक नहर अलक़मा बह रही थी जिस पर चार हज़ार सिपाहियों का पहरा लगा दिया गया था। नहर से कोई भी आदमी या जानवर पानी पी सकता था मगर रसूल के घराने और उनके साथियों के लिए पानी लेने पर पाबन्दी थी। यह एक दहशतगर्दी का बुज़दिलाना मुज़ाहरा ( प्रदर्शन ) था। दुनियां के किसी भी हिस्से में पानी ज़रुरी होती है। पानी जो काम करता है वह और कोई भी चीज़ नही कर सकती , प्यास फ़ितरी अमल है…
नई दिल्ली: इस बार उत्तराखंड के चार धामों और हेमकुंड साहिब में तीर्थयात्रियों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। हेमकुंड साहिब समेत उत्तराखंड के चार धामों गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ में 17 लाख 15 हजार 413 तीर्थयात्री एक महीने में ही पहुंच चुके हैं। यह एक रिकॉर्ड है। जबकि पिछले साल चारधाम यात्रा सीजन के शुरुआती 30 दिनों में चारों धामों में 11 लाख 10 हजार 777 तीर्थयात्री ही आए थे। पिछले साल के मुकाबले इस साल 30 दिनों में छह लाख चार हजार 636 तीर्थयात्री ज्यादा आए हैं। पिछले साल पूरे चारधाम यात्रा सीजन के दौरान कुल 27 लाख 81 हजार 428 तीर्थयात्री आए थे। यह जानकारी उत्तराखंड के पर्यटन विभाग की नोडल अधिकारी सीमा शर्मा ने दी। रूद्रप्रयाग…
-फ़िरदौस ख़ान होली बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला रंगों का पावन पर्व है. फाल्गुन माह में मनाए जाने की वजह से इसे फागुनी भी कहा जाता है. देश भर में हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाया जाता है. म़ुगल शासनकाल में भी होली को पूरे जोश के साथ मनाया जाता था. अलबरूनी ने अपने स़फरनामे में होली का खूबसूरती से ज़िक्र किया है. अकबर द्वारा जोधा बाई और जहांगीर द्वारा नूरजहां के साथ होली खेलने के अनेक क़िस्से प्रसिद्ध हैं. शाहजहां के दौर में होली खेलने का अंदाज़ बदल गया था. उस वक़्त होली को ईद-ए-गुलाबी या आब-ए-पाशी कहा जाता था. आखिरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के बारे में कहा जाता है कि उनके वज़ीर उन्हें गुलाल लगाया…
नई दिल्ली: अगले वर्ष जनवरी में लगने वाले प्रयाग कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज जिले के विभिन्न स्टेशनों से 800 विशेष रेलगाड़ियां चलाने का प्रस्ताव है। यह रेलगाड़ियां उत्तर मध्य रेलवे द्वारा यहां से संचालित की जाने वाली नियमित गाड़ियों के अतिरिक्त होंगी और इनपर कुंभ से जुड़े चित्रों के अलावा प्रयागराज के ऐतिहासिक स्मारकों की छवियां उकेरी जाएंगी।  कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा समागम होता है और यहां करोड़ों लोग आते हैं। इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जानकारी हासिल हो, इसके लिए मेले की रंगीन और आकर्षक छवियां और प्रयागराज की ऐतिहासिक संरचनाएं विशेष ट्रेनों के 1400 कोच के साथ ही उत्तर मध्य रेलवे की नियमित ट्रेनों पर भी दर्शाई जाएंगी।  रेलवे…
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