Sat11162019

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लाइफ स्टाइल - दिव्य इंडिया न्यूज़
गठिया रोग किसी भी तरह का हो, इसका उपचार आहार और सही उपचार की मदद से ही हो सकता है। गठिया रोग के कुछ कुदरती उपचार भी होते हैं। गठिया अर्थात संधिशोथ रोग को दो विभागों में बांटा जा सकता है, उत्तेजक और अपकर्षक। पर गठिया रोग किसी भी तरह का हो, वह केवल आहार व सही उपचार के द्वारा ही काबू हो सकता है। गठिया रोग के कुछ कुदरती उपचार भी हैं जो इसकी पीड़ा को कम करते हैं और इसके प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं। तो तलिये जानें गठिया रोग के इलाज के कुछ घरेलू तरीके। पूरी रात पीड़ादायक जोड़ पर लाल फलालैन बांधने पर काफी लाभ मिलता है। जैतून के तेल से भी मालिश…
किडनी में स्‍टोन खनिज की अधिकता के कारण बनती है जिससे बॉडी के साइड पार्ट और पीठ पर तेज दर्द होता है। गुर्दे की पथरी शुरू में लक्षण नहीं दिखाती है, जब तक ये मूत्रवाहिनी पर नहीं जाते हैं। स्‍टोन जब एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर खिसकता है तो तेज दर्द होता है। इसके अलावा पेशाब करते समय दर्द, पेशाब का रंग बदलना, बार-बार पेशाब आने की इच्छा इत्यादि के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन, अनुचित आहार के कारण भी गुर्दे की पथरी बन सकती है। यह एक गंभीर स्थिति है क्योंकि इसमें असहनीय पीड़ा होती है। किडनी स्टोन को प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने के लिए आप अजमोद (Parsley) का सेवन…
जब किसी व्यक्ति की किडनी काम करना बंद कर देती है तो इंसान डायलिसिस करवाने पर मजबूर हो जाता है। अगर कोई मरीज़ इस समस्या में ग्रस्त है तो उसके लिए बेहतरीन और आसान एलाज यह है कि आख़रोट और अजवाइन का प्रयोग शुरू कर दे। अजवाइन से सब परिचित हैं ज़ीरे जैसी होती है बल्कि उससे भी बारीक और दुकानों पर आसानी से मिल जाती है। हर रोज़ रात के समय दो तीन चम्चा अजवाइन खाएं और साथ में अख़रोट खाएं। कुछ दिनों तक यही करते रहें तो बेकार हो चुकी किडनी धीरे धीरे काम करना शुरू कर देगी। किडनी को निकलवाने की ज़रूरत नहीं है। अख़रोट का गूदा और अजवाइन रोज़ाना रात के समय दो तीन चम्चा खाएं।…
तुलसी की पत्तियां अपने आप में एक औषधि होती हैं और जब ये दूध के साथ मिलती हैं तो इसके औषधीय गुणों में और इजाफा हो जाता है। तुलसी के पत्ते जब दूध में उबलते हैं तो तुलसी के सारे गुण इस दूध में आ जाते हैं। दूध में अपने आप में एक संपूर्ण पोषण होता है, तो दोनों साथ में मिलकर शरीर की कई कमियों को दूर करने के साथ बीमारियों से भी मुक्त करते हैं। आपको जान कर आश्चर्य होगा कि कई बीमारियों कि दवा हमारे घर में मौजूद तुलसी में ही होती है लेकिन हम उसकी खूबियों को जान नहीं पाते और दवाओं को खाने लगते हैं। एक बात याद रखें यदि आपको कोई गंभीर बीमारी है…
नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को चंद्रयान -2 पर स्थापित टेरेन मैपिंग कैमरा का उपयोग करके चंद्रमा की सतह को दर्शाने वाली तस्वीरों का एक सेट जारी किया। 4,375 किमी की ऊंचाई से क्लिक की गई तस्वीरों में जैक्सन, मित्रा (एक भारतीय भौतिक विज्ञानी के नाम पर), मच और कोरोलेव जैसे क्रेटर्स को दिखाया गया है। अंतरिक्ष एजेंसी ने एक ट्वीट में कहा, 'चंद्रयान -2 के टेरेन मैपिंग कैमरा -2 (टीएमसी -2) द्वारा 23 अगस्त को जैक्सन, मच, कोरोलेव और मित्रा जैसे क्रेटरों को दिखाते हुए लगभग 4375 किमी की ऊंचाई पर स्थित चंद्र सतह की तस्वीर ली गई।' अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि मित्रा क्रेटर, चंद्रयान -2 द्वारा खींची गई तस्वीर का नाम प्रोफेसर सिसिर…
खाने में स्वाद और महक को बढ़ाने के लिए लोग हींग का प्रयोग करते हैं लेकिन कई लोगों को ये पता ही नहीं होता कि ये हींग केवल खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ता बल्कि कई रोगों की नेचुरल दवा भी है। इसे पानी में घोल कर लेने से कई तरह के दर्द दूर हो जाते हैं। ये इतना सेफ है कि नवजात शिशु तक को ये दिया जा सकता है। हींग का सेवन करने से ही इसका फायदा नहीं मिलता बल्कि इसे लगाने से भी कई दिक्कतें दूर हो जाती हैं। हींग की खासियत यह है कि इसे सरसों के दाने के बराबर लेना होता है। इतने में ही ये बेहद कारगर हो जाता है। ज्यादा प्रयोग करने…
गैस छोड़ना या पादना (Farting) यह एक प्राकृतिक क्रिया है। अधिक तला-भुना खाने और जीवनशैली के कारण पेट में गैस हो जाती है। यह गैस दो रास्‍तों से बाहर निकलती है। मुंह से बाहर निकलने को डकार कहते हैं और वहीं गुदा मार्ग से निकलने पर पाद (Farting)कहते हैं। यदि आप बहुत से लोगों के बीच बैठें है और इस बीच आप पेट की गैस यानि पाद छोड़ते हैं, तो यह कई बार आपको बेहद शर्मिंदगी महसूस करवाता है। लेकिन इसमें शर्मिंदगी की कोई बात नहीं, बल्कि यह आपके पाचनतंत्र के स्वस्थ होने का संकेत है।   क्‍या आप यह जानते हैं, गैस छोड़ना (Farting) पेट ही नहीं आपके पूरे शरीर के लिए जरूरी है। यह भोजन पचाने का एक आवश्यक…
आलू ऐसी सब्जी है जिसका प्रयोग हम रोज ही किसी न किसी चीज में खाने के लिए करते हैं। हर बार आप आलू को बिना छिलके के ही खाने के लिए यूज करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इस छिलके को फेंकते हुए आप बहुत से पोषक तत्वों को भी फेंक देते हैं। जबकि इन छिलकों में न केवल सेहत का खजाना छुपा होता है बल्कि ये वेट लॉस और हाई बीपी जैसी कई बीमारियों में लाभकारी होता है। आलू के छिलकों में कैल्शियम, विटामिन सी और बी कॉप्लेक्स के साथ ही आयरन भी खूब होता है। यही कारण है कि ये शरीर में कई कमियों को दूर करता है और बीमारियों को दूर रखने में भी फायदेमंद…
तेजपत्ता ऐसा मसाला है जो हर घर में होता है और इसका प्रयोग हर सब्जी में किया ही जाता है। खास बात ये है कि ये केवल अपने एक अलग स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि अपने औषधिय गुणों के लिए भी बेहद काम का है, लेकिन इसके बारे में जानकारी हर किसी को नहीं होती। लोग इसे खाने का जायका बढ़ाने के लिए ही यूज करते हैं। तेजपत्ता से बना काढ़ा कई रोगों में दवा की तरह काम करता है। इस काढ़े को पीने से शरीर में कई तरह कि कमियां भी दूर हो जाती हैं क्योंकि इसमें कई तरह के मिनिरल्स भी भरे होते हैं। तेजपत्ता कॉपर, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम और आयरन से भरा होता है। इतना…
लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि इसके अनगिनत स्वास्थ्य फायदे भी हैं। लहसुन में विटामिन्स विटामिन ए, बी1, बी6, सी, मैंगनीज, कैल्शियम, कॉपर, सल्फ्यूरिक एसिड और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। लहसुन में एलिसिन नामक मुख्य तत्व होता है, जो एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंड के रूप में काम करता है और आपको कई बीमारियों से बचाता है।  क्या आप जानते हैं कि सामान्य लहसुन के मुकाबले अंकुरित लहसुन के सेवन से आपके सेहत को ज्यादा फायदा होता है? आपने देखा होगा कि कई लोग अंकुरित लहसुन को खराब समझकर फेंक देते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसा करना गलत है। शोधकर्ता मानते हैं कि सामान्य लहसुन के मुकाबले अंकुरित लहसुन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल,…
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