Thu02272020

ताज़ा खबरें :
Back You are here: Home लाइफ स्टाइल
लाइफ स्टाइल - दिव्य इंडिया न्यूज़
नई दिल्ली: पैरों की खूबसूरती को बढ़ाती है सैंडल। फुटवियर की शौक़ीन महिलाएं इसके लिए काफी पैसे खर्च करती हैं लेकिन यहाँ एक ऐसी मंहगी सैंडल का ज़िक्र हो रहा है जिसकी एक जोड़ी की कीमत आपके होश उदा सकती है । साल 2018 के सितम्बर महीने में इस सैंडल को दुबई के एक 7 स्टार होटल में लॉन्च किया गया। असली डायमंड और गोल्ड से बनी इस सैंडल को Jada Dubai की ओर से डिजाइन किया गया था। जिसे बुर्ज अल अरब में लॉन्च किया गया था। प्योर गोल्डन कलर की इस सैंडल में असली हीरों का काम किया गया है जिससे ये और खूबसूरत दिखती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसकी कीमत 17 मिलियन डॉलर यानि कि…
टोक्यो: इस साल 24 जुलाई से 9 अगस्त तक जापान की राजधानी टोक्यो में खेलों के महाकुंभ यानी ओलंपिक गेम्स का आयोजन होना है। जापान ओलंपिक के इस 29वें संस्करण को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यहां आने वाले न सिर्फ खिलाड़ियों, बल्कि सपोर्ट स्टाफ और फैंस को भी कोई असुविधा नहीं हो, इसका भी विशेष ख्याल रखा है। उसने मुस्लिम खिलाड़ियों, उनके सपोर्ट स्टाफ और फैंस के लिए मोबाइल मस्जिद भी बनाई है, ताकि खेलों के दौरान उन्हें नमाज पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं हो। आयोजकों की मानें तो ओलंपिक के दौरान टोक्यो की सड़कों पर मस्जिद ऑन व्हील्स चलती हुई दिखाई देगी। इसके अलावा खेल गांव में भी प्रार्थना स्थल बनाने के लिए…
आशा वेलफेयर फाउंडेशन ने आयोजित किया बुज़ुर्ग उत्सव भाग दो  लखनऊ: राजधानी की सक्रिय संस्था आशा वेलफेयर फाउंडेशन ने बुज़ुर्ग उत्सव भाग दो का आयोजन सरोजिनीनगर स्थित वृद्धाश्रम में किया। वृद्धाश्रम में रह रहे बुज़ुर्गों ने इस अवसर जमकर जीवन का आनंद लिया। आयोजन में वृद्धाश्रम में अपने घर से कोसों दूर रह रहे बुज़ुर्गों के लिए गेम्स, गीत, संगीत, कॉमेडी से भरपूर कार्यक्रमों का समावेश किया गया। बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें फ्रूट चाट का नाश्ता दिया गया| आधुनिक गानों पर बुज़ुर्गों का डांस देखते ही बनता था, जीवन के अंतिम पड़ाव में यह बुज़ुर्ग इन पलों को यादगार बनाने का वह कोई मौक़ा नहीं खोना चाह रहे थे| आशा वेलफेयर फाउंडेशन के इस जीवंत…
मुंबई: 6 दिसंबर को एचडीएफसी बैंक अपने राष्ट्रीय रक्तदान अभियान के 13 वें संस्करण का आयोजन करेगा। इन शिविरों में लोगों की प्रतिभागिता बढ़ाने के लिए 1100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में 4200 से ज्यादा रक्तदान शिविर स्थापित किए जाएंगे। एचडीएफसी बैंक का यह अभियान का उद्देश्य ट्रांसफ्यूज़न के लिए सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना है। रिपोर्ट्स  के अनुसार, भारत में ट्रांसफ्यूज़न के लिए 40 मिलियन यूनिट से ज्यादा सुरक्षित खून की कमी है। बैंक इस अभियान द्वारा लगभग 1.2 मिलियन यूनिट रक्त एकत्रित कर चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, 1 यूनिट रक्त 3 जिंदगियां बचा सकता है। श्री भावेश ज़वेरी, कंट्री हेड- ऑपरेशन्स, एचडीएफसी बैंक ने कहा, ‘‘हम सभी रक्त का उपहार देने के लिए आमंत्रित करते हैं।‘‘ उन्होंने…
सर्दियों का मौसम शुरू होते ही सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, संक्रमण, सांस और त्वचा जैसे रोग भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। सर्दियों में पानी की कमी, तापमान गिरने, धूप की कमी, प्रदूषण बढ़ने से लोग जल्दी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इस मौसम का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसमें इम्युनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिस वजह से शरीर रोगों से लड़ने की क्षमता खोने लगता है।  इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए आप रोजाना किशमिश का सेवन कर सकते हैं। किशमिश में मुख्य रूप से जिंक, कैल्शियम, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। अमेरिकन जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना एक…
नई दिल्ली: मोबाइल और टीवी के ज्यादा प्रयोग से बच्चों का न्यूरो सिस्टम गड़बड़ा रहा है. ऐसे में यह जरूरी है कि बच्चे मोबाइल पर गेम खेलने और टीवी देखने के अपने घंटे तय कर लें और मोबाइल टीवी की लत से बचें. एम्स फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर के. के. दीपक ने इंडिया एकेडमी ऑफ न्यूरोसाइंस की वार्षिक चर्चा में स्कूली बच्चों से यह बातें कहीं. उन्होंने छात्रों से कहा कि वह बिना दबाव के वह पढ़ें जो वह पढ़ना चाहते हैं. इससे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं होगी. उन्होंने चिंता जताई की अधिकांश अभिभावक मार्केट ट्रेंड के मुताबिक अपने बच्चों को कॉर्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक जैसे कोर्स करा रहे हैं. इससे देश में फंडामेंटल मेडिकल साइंस 'फिजियोलॉजी और मेडिसन' की…
नस चढ़ना एक आम समस्‍या है। बहुत से लोगों के साथ अक्‍सर होता है कि रात को सोते समय या फिर बैठे-बैठे अचानक पैर या कमर में नस पर नस चढ़ जाती है। नस चढ़ने से मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता हैं, जिसके कारण असहनीय दर्द होता है। कई बार इसके कारण सूजन भी आ जाती है और पीड़ित का चलना-फिरना यहां तक कि उठना-बैठना भी हराम हो जाता है। कई बार नस चढ़ने पर कोई दवा या मलहम भी काम नहीं करता।  नस चढ़ने के मुख्या कारणों में मुख्यतः पैरों में रक्त संचार का खराब होना, व्यायाम करते समय काफ मसल्स पर बहुत भार पड़ना, स्ट्रेचिंग की कमी, ज्यादातर समय गर्म तापमान में रहना, मांसपेशियों की थकान, डिहाइड्रेशन, मैग्नीशियम…
गठिया रोग किसी भी तरह का हो, इसका उपचार आहार और सही उपचार की मदद से ही हो सकता है। गठिया रोग के कुछ कुदरती उपचार भी होते हैं। गठिया अर्थात संधिशोथ रोग को दो विभागों में बांटा जा सकता है, उत्तेजक और अपकर्षक। पर गठिया रोग किसी भी तरह का हो, वह केवल आहार व सही उपचार के द्वारा ही काबू हो सकता है। गठिया रोग के कुछ कुदरती उपचार भी हैं जो इसकी पीड़ा को कम करते हैं और इसके प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं। तो तलिये जानें गठिया रोग के इलाज के कुछ घरेलू तरीके। पूरी रात पीड़ादायक जोड़ पर लाल फलालैन बांधने पर काफी लाभ मिलता है। जैतून के तेल से भी मालिश…
किडनी में स्‍टोन खनिज की अधिकता के कारण बनती है जिससे बॉडी के साइड पार्ट और पीठ पर तेज दर्द होता है। गुर्दे की पथरी शुरू में लक्षण नहीं दिखाती है, जब तक ये मूत्रवाहिनी पर नहीं जाते हैं। स्‍टोन जब एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर खिसकता है तो तेज दर्द होता है। इसके अलावा पेशाब करते समय दर्द, पेशाब का रंग बदलना, बार-बार पेशाब आने की इच्छा इत्यादि के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन, अनुचित आहार के कारण भी गुर्दे की पथरी बन सकती है। यह एक गंभीर स्थिति है क्योंकि इसमें असहनीय पीड़ा होती है। किडनी स्टोन को प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने के लिए आप अजमोद (Parsley) का सेवन…
जब किसी व्यक्ति की किडनी काम करना बंद कर देती है तो इंसान डायलिसिस करवाने पर मजबूर हो जाता है। अगर कोई मरीज़ इस समस्या में ग्रस्त है तो उसके लिए बेहतरीन और आसान एलाज यह है कि आख़रोट और अजवाइन का प्रयोग शुरू कर दे। अजवाइन से सब परिचित हैं ज़ीरे जैसी होती है बल्कि उससे भी बारीक और दुकानों पर आसानी से मिल जाती है। हर रोज़ रात के समय दो तीन चम्चा अजवाइन खाएं और साथ में अख़रोट खाएं। कुछ दिनों तक यही करते रहें तो बेकार हो चुकी किडनी धीरे धीरे काम करना शुरू कर देगी। किडनी को निकलवाने की ज़रूरत नहीं है। अख़रोट का गूदा और अजवाइन रोज़ाना रात के समय दो तीन चम्चा खाएं।…
Page 1 of 18