Sun07052020

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लेख - दिव्य इंडिया न्यूज़
2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में एक साल का समय बाकी है। हाल ही में यूपी और बिहार में हुए उपचुनाव में विपक्ष को मिली जीत ने राजनीतिक माहौल गर्माया है। विपक्ष लगातार सरकार के खिलाफ हमलावर मुद्रा में है। देश में संसद से लेकर सड़क तक जो राजनीतिक माहौल दिख रहा है उससे साफ हो जाता है कि 2019 से पहले बहुत कुछ होगा। फिलवक्त देश की राजनीति जिस दिशा में बह और बढ़ रही है उसके महीन तार कहीं न कहीं लोकसभा चुनाव से ही जुड़े हैं। सरकार और विपक्ष के बीच नोक-झोंक, आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का दौर उफान पर है। हर दिन बीतने के साथ-साथ राजनीतिक पारा ऊपर चढ़ रहा है। अगर पिछले छह महीने की…
मृत्युंजय दीक्षित देश के सभी मोदी विरोधी दल और नेता अब पूरी ताकत के साथ पीएम नरेंद्र मोदी की मजबूत सरकार को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी ताकत के साथ लामबंद हो रहे हैं तथा मोर्चाबंदी कर रहे हैं। राजस्थान ,उप्र और मप्र के कुछ उपचुनावों में भाजपा की पराजय क्या हो गयी जैसे इन सभी लोगों को ऐसा लग रहा है कि बस लाॅटरी लग ही गयी है तथा यह लोग अब ऐसा व्यवहार कर रहे हैं कि एक धक्का और दो मोदी सरकार और भाजपा को ध्वस्त कर दो। विपक्ष का यह सपना आखिर कितना और कैसे पूरा हो सकेगा यह तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन उसने पूरी तन्मन्यता के साथ मोदी सरकार…
**-एस.आर.दारापुरी, भूतपूर्व पुलिस महानिरीक्षक एवं संयोजक, जनमंच उत्तर प्रदेश** उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाल के उपचुनावों के परिणामों के बाद सपा, बसपा के गठबंधन के भविष्य, संभावनाएं एवं संभावित खतरों की चर्चा बहुत जोर शोर से चल रही है. उपचुनाव में बसपा द्वारा सपा  के समर्थन से दो सीटें जीतने को उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि यदि 2019 में भी सपा और बसपा का यह गठबंधन कायम रहे तो इससे भाजपा के लिए बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है. कुछ अतिउत्साही लोगों का तो यहाँ तक कहना है कि इससे न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि शेष भारत में भी भाजपा को हराया…
आशीष वशिष्ठ  यूपी की राजनीति में इन दिनों इस बात की आम चर्चा है कि आखिरकर वो क्या वजह या मजबूरी है कि बसपा सुप्रीमो मायावती सपा के साथ दोस्ती की पींगे बढ़ा रही हैं। लोकसभा उपचुनाव के ऐन मौके पर सपा-बसपा का साथ आना किसी हैरानी से कम नहीं था। सपा-बसपा के इस फैसले ने राजनीतिक विश्लेषकों को अपनी राय बदलने का मजबूर किया। राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी की हार के बाद भाजपा ने दोनों की दोस्ती में खटास भरने के लिये प्रचार किया कि सपा लेना जानती है, देना नहीं। लेकिन मायावती ने भाजपा की खुशी को यह कहकर काफूर कर दिया कि सपा-बसपा भाजपा के खिलाफ लड़ते रहेंगे। 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के…
-आशीष वशिष्ठ  यूपी में राज्यसभा चुनाव में बसपा को पटखनी देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चैन की सांस ले रहे थे। जीत से प्रसन्न भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के मुंह में मिठाई मिठास अभी कम भी नहीं हुई थी कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा से अपनी दोस्ती जारी रखने का ऐलान कर भाजपाईयों का जायका बिगाड़ दिया। लोकसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे से खाली दो सीटें गंवानी वाली भाजपा ने राज्यसभा चुनाव हिसाब बराबर करने का काम किया। राज्यसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार को जिताने के लिये सपा प्रमुख अखिलेश यादव भारी दबाव में थे। क्रास वोटिंग के चलते बसपा का उम्मीदवार हार गया। यूपी में राज्यसभा की दसवीं सीट के लिये मचे घमासान…
(23 मार्च शहीद दिवस विशेष)  राजकुमार  23 मार्च 1931 पंजाब के लाहौर में हलचल तेज थी कि 24 मार्च को देश के तीन रणबाकुरों भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू को फाँसी दी जायेगी। लाहौर की जेल में बन्द नौजवानों की ये टोली मनमस्त फकिरी में थी। 23 मार्च को भगत सिंह, पुस्तक पढ़ रहे थे। जेलर ने आकर एक दिन पहले ही फाँसी की सूचना दी तो उनका आग्रह था कि उन्हें फाँसी के बजाय उन्हें गोली से उड़ा दिया जाय, लेकिन फिरंगी सरकार टाल गयी थी। देश भक्तों ने जेल को घेर रखा था, पर सायं 7 बजकर 34 मिनट पर जेल में वन्देमातरम्, इन्कलाब जिन्दाबाद के नारे लगाते हुए तीनों माँ भारती के पुत्रों ने अपनी शहादत दे…
-आशीष वशिष्ठ  अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर देश में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्ष बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की कोशिश में जुटा है। देश में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी ने ‘डिनर डिप्लोमेसी’ के जरिए विपक्षी एकता की गांठें मजबूत करने की शुरूआत की है। यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के बुलावे पर एक बार फिर ‘मोदी बनाम सब’ करने की कोशिश के तहत दो दर्जन से अधिक दलों के नेता डिनर पर पहुंचे। अगर ये कहा जाए कि चुनाव करीब आते ही आपदा प्रबंधन के तौर पर विपक्षी एकता के प्रयासों की नई कोशिश शुरू हो गई है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इसके पहले भी सोनिया डिनर…
मृत्युंजय दीक्षित  भारत के प्रमुख पड़ोसी देश व पूरी दुनिया को सीधी चुनौती दे रहे चीन में अहम बदलाव हुआ है। चीन में एकदलीय राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव हुआ है। वहां की संसद ने एक ऐतिहासिक संविधान संशोधन को मंजूरी दी है। ऐतिहासिक संशोधन के अनुसार राष्ट्रपति शी चिनफिंग दो कार्यकाल पूरा करनेे के बाद भी आजीवन सत्ता में बने रहेंगे। 64 वर्षीय शी चिनफिंग इसी महीने अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने जा रहे हैं। वह सत्तारूढ़ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी ) और सेना प्रमुख हैं। वह पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष माओत्सेतुंग के बाद ऐसे पहले चीनी नेता हैं। जो आजीवन सत्ता मंे बने रह सकते हंै। चीनी संसद ने संविधान में ऐतिहासिक संशोधन करके देश के राष्ट्रपति…
आशीष वशिष्ठ  सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में मरणासन्न व्यक्ति द्वारा इच्छा मृत्यु के लिए लिखी गई वसीयत (लिविंग विल) को दिशा-निर्देश के साथ कानूनी मान्यता दे दी है। जीवन की तरह ही मरने को भी अधिकार मानने की आवेदनों पर चली लंबी व पेचीदा कानूनी जिरह के उपरांत आखिर सर्वोच्च न्यायालय ने जीने के अधिकार को और विस्तृत करते हुए गरिमापूर्ण मृत्यु से जोड़ते हुए कहा कि स्वस्थ रहते हुए व्यक्ति इच्छा मृत्यु की वसीयत भी कर सकता है। इस मसले का आधार वे लोग हैं जिनके लिए जिंदा रहना केवल सांस चलना जाता है। अस्पताल में वेंटीलेटर या अन्य जीवन सहायक प्रणाली पर पड़े-पड़े व्यक्ति का जीवन एक तरह से उद्देश्यहीन रह जाता है। सुप्रीम कोर्ट के…
-आशीष वशिष्ठ जिस युवा शक्ति के दम पर हम विश्व भर में इतराते फिरते हैं। देश की वही युवा शक्ति एक अदद नौकरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि प्रतिदिन बढ़ती बेरोजगारी के कारण सबसे अधिक आत्महत्याओं का कलंक भी हमारे देश के माथे पर लगा हुआ है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन 26 युवा खुद को काल के गाल में झोंक रहे हैं और इस संताप की स्थिति का जन्म छात्र बेरोजगारी की गंभीर समस्या के कारण हुआ है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, भारत सरकार और विभिन्न एजेंसियों के ताजा सर्वेक्षण और रपट इस ओर इशारा करते हैं कि देश में बेरोजगारी का ग्राफ बढ़ा है। जिन युवाओं…