Wed07172019

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धर्मकर्म - दिव्य इंडिया न्यूज़
नई दिल्ली: इस बार उत्तराखंड के चार धामों और हेमकुंड साहिब में तीर्थयात्रियों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। हेमकुंड साहिब समेत उत्तराखंड के चार धामों गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ में 17 लाख 15 हजार 413 तीर्थयात्री एक महीने में ही पहुंच चुके हैं। यह एक रिकॉर्ड है। जबकि पिछले साल चारधाम यात्रा सीजन के शुरुआती 30 दिनों में चारों धामों में 11 लाख 10 हजार 777 तीर्थयात्री ही आए थे। पिछले साल के मुकाबले इस साल 30 दिनों में छह लाख चार हजार 636 तीर्थयात्री ज्यादा आए हैं। पिछले साल पूरे चारधाम यात्रा सीजन के दौरान कुल 27 लाख 81 हजार 428 तीर्थयात्री आए थे। यह जानकारी उत्तराखंड के पर्यटन विभाग की नोडल अधिकारी सीमा शर्मा ने दी। रूद्रप्रयाग…
-फ़िरदौस ख़ान होली बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला रंगों का पावन पर्व है. फाल्गुन माह में मनाए जाने की वजह से इसे फागुनी भी कहा जाता है. देश भर में हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाया जाता है. म़ुगल शासनकाल में भी होली को पूरे जोश के साथ मनाया जाता था. अलबरूनी ने अपने स़फरनामे में होली का खूबसूरती से ज़िक्र किया है. अकबर द्वारा जोधा बाई और जहांगीर द्वारा नूरजहां के साथ होली खेलने के अनेक क़िस्से प्रसिद्ध हैं. शाहजहां के दौर में होली खेलने का अंदाज़ बदल गया था. उस वक़्त होली को ईद-ए-गुलाबी या आब-ए-पाशी कहा जाता था. आखिरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के बारे में कहा जाता है कि उनके वज़ीर उन्हें गुलाल लगाया…
नई दिल्ली: अगले वर्ष जनवरी में लगने वाले प्रयाग कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज जिले के विभिन्न स्टेशनों से 800 विशेष रेलगाड़ियां चलाने का प्रस्ताव है। यह रेलगाड़ियां उत्तर मध्य रेलवे द्वारा यहां से संचालित की जाने वाली नियमित गाड़ियों के अतिरिक्त होंगी और इनपर कुंभ से जुड़े चित्रों के अलावा प्रयागराज के ऐतिहासिक स्मारकों की छवियां उकेरी जाएंगी।  कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा समागम होता है और यहां करोड़ों लोग आते हैं। इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जानकारी हासिल हो, इसके लिए मेले की रंगीन और आकर्षक छवियां और प्रयागराज की ऐतिहासिक संरचनाएं विशेष ट्रेनों के 1400 कोच के साथ ही उत्तर मध्य रेलवे की नियमित ट्रेनों पर भी दर्शाई जाएंगी।  रेलवे…
जानकीपुरम विस्तार में कलश शोभायात्रा के साथ दिव्य श्रीहनुमन्त कथा शुरू लखनऊ। दिव्य अध्यात्म राष्ट्र सेवा मिशन एवं दिव्य श्री राधा सखी मण्डल जानकीपुरम इकाई के तत्वाधान में आज यहां भव्य शोभायात्रा के साथ दिव्य श्रीहनुमन्त कथा का शुभारम्भ हो गया। पानी की टंकी वाले पार्क संख्या-1, सेक्टर-पांच, जानकीपुरम विस्तार में प्रारम्भ हुयी कथा के पहले दिन वृंदावन से आये कथावाचक डा0 अनिरूद्धजी महाराज ने रामभक्त हनुमान जी के कुशल जीवन प्रबन्धन पर का उदाहरण प्रस्तुत करते हुये बताया कि हनुमान जी की भक्ति के बिना रामजी की कृपा पाना असम्भव है, क्योंकि सेवक ही स्वामी तक पहुंचाता है, और हनुमान भगवान राम के सेवक होने का दुनिया में इससे बड़ा कोई उदाहरण भी नहीं है। सैकड़ों की संख्या में…
  लखनऊ :  प्रज्ञा इंटरनेशनल ट्रस्ट द्वारा कबीर शांति मिशन के स्मृति भवन 6/7 विपुल खंड गोमती नगर लखनऊ  मे संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंगीकृत टिकाऊ विकास के 17 लक्ष्यों मे से पहले और दूसरे लक्ष्यों "गरीबी और भुखमरी निवारण मे आध्यात्म की भूमिका" विषय  पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधि एवं न्याय मंत्री श्री बृजेश पाठक जी थे । इस परिचर्चा  मे विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक गुरु व प्रबुद्ध-जनों सहित अपने अपने क्षेत्र के विषय विशेषज्ञों ने आध्यात्मिक चेतना ,वैश्विक शांति एवं नागरिक कर्तव्य-बोध के जरिये इन लक्ष्यों को  प्राप्त करने हेतु अपने अपने  विचार साझा किए ।  कार्यक्रम की शुरुवात दीप प्रज्वलन और राष्ट्र गीत से हुई , कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायमूर्ति एस…
मेहदी अब्बास रिज़वी   फ़रिश्ते रोते हैं जिन्नों बशर भी रोते है, जो दर्दमंद हैं सब जान अपनी खोते हैं आज की तारीख़ वह तारीख़ है जब इस्लाम फिर से ज़िंदां हुआ और मुसलमान शर्मिंदगी  में डूब गया। करबला के तपते मैदान में तीन दिन की भूख और प्यास में अपने 71 साथियों के साथ इमाम हुसैन ने ज़मीन और आसमान पर एक ऐसी लकीर खींच दी जिसने इस्लाम और मुसलमान को अलग कर दिया। अगर कोई मुसलमान के अमल से इस्लाम को समझने की कोशिश करेगा तो उसे इस्लाम टुकड़ों में नज़र आयेगा, पर अगर कर्बला पर नज़र पड़े गी तो इस्लाम की रूह दिखाई दे गी। इस्लाम ने अल्लाह के बन्दों को बन्दगी का रास्ता दिखाया, इबादत का…
परम्परागत हजारों वर्षों से पूजा एवं यज्ञ आदि में हवन सामाग्री का प्रयोग होता आया है। हवन कुण्ड में अग्नि को प्रज्वलित करने के लिए आम के पेड़ की समिधा (लकड़ी) को अधिकाधिक रूप में प्रयोग में लाया जाता है तथा नवग्रह की शान्ति हेतु भिन्न-भिन्न समिधा (लकड़ी) का प्रयोग का किया जाता है जैसे-सूर्य ग्रह की शान्ति के लिए मदार, चन्द्रमा के लिए ढाक, मंगल के लिए खैर, बुद्ध के लिए लटजीरा, बृहस्पति के लिए पीपल, शुक्र के लिए गूलर, शनि के लिए शमी, राहु के लिए दूब, केतु के लिए कुश का प्रयोग किया जाता है। हवन सामग्री का प्रयोग वातावरण को शुद्ध करता है। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से माना जाता है कि यह अनेक प्रकार के हानिकारक जीवाणुओं…
 कानपुर: जीवन में गुरु कोई भी हो सकता है। वह चाहे माता-पिता, भाई बहन या अन्य हों। गुरु वह है, जो आत्मा का ज्ञान कराए और ईश्वर प्राप्ति का मार्ग दिखाए। यह बात सोमवार को आचार्य किरीट भाई ने किदवई नगर स्थित अग्रसेन भवन में श्रद्धालुओं से कहीं। राधामाधव तुलसी सेवा समिति की ओर से गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें सबसे पहले संस्था के अध्यक्ष राम किशन अग्रवाल और अखिेलश मिश्रा ने आचार्य किरीट भाई का गुरु पूजन किया। इसके बाद सत्संग शुरू हुआ। आचार्य ने कहा कि गुरु की विचार धारा से अभिन्नता ही गुरु सेवा है। तन बल, धन बल और आत्मबल से भी बड़ा परमात्मा के नाम का बल है। मानुष्य की…
लखनऊ: अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि पहली बार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भगवान महावीर जयंती के अवसर पर 29 मार्च को पहुंचेंगे | एक दिवसीय लखनऊ में प्रवास के दौरान आचार्य लोकेश की माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक शिष्ठमंडल के साथ मुख्यमंत्री निवास पर भेंट कर भगवान महावीर जयंती पर शुभकामनाओं का आदान प्रदान करेंगे | आचार्य लोकेश मुनि इस अवसर पर भगवान महावीर जन्म जयंती पर सन्देश देंगे| शिष्ठमंडल में आचार्य लोकेश मुनि के साथ सकल जैन समाज उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्री विनय जैन, सचिव ब्रिजेश जैन, प्रोफेसर डा. अभय कुमार जैन, श्री शैलेन्द्र जैन, अहिंसा विश्व भारती उत्तर प्रदेश संयोजक श्री प्रेम गुप्ता व श्री प्रवीण…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज महाराजा अग्रसेन धर्म जागरण समिति द्वारा श्री खाटू श्याम मंदिर में आयोजित गीता ज्ञान यज्ञ का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अभयानन्द सरस्वती जी महाराज, महाराजा अग्रसेन जागरण समिति के अध्यक्ष श्री शिव कुमार अग्रवाल, संयोजक श्री आर0डी0 अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे। राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वामी अभयानन्द सरस्वती के प्रवचनों के संकलन ‘नारद भक्ति सूत्र’ का विमोचन भी किया। राज्यपाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि वे गीता के मर्मज्ञ नहीं हैं इसलिये स्वयं को गीता पर बोलने का अधिकृत नहीं मानते। गीता का ज्ञान असीम है, व एक ऐसी रचना है जिसे साक्षात् बह्म की वाणी कहा गया है। गीता…
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