Sat06062020

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लाइफ स्टाइल - दिव्य इंडिया न्यूज़
नई दिल्ली : ‘पानी बचाओ (Save Water)’ कार्यक्रम के अंतर्गत  स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी स्मार्टवैल्यू (SmartValue) ने  31 जुलाई 2019 को दिल्ली के चौधरी हरसुख पार्क, सफदरजंग एन्क्लेव, में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया । इस कार्यक्रम में करीब 2000 लोगों ने भाग लिया और वे सभी मिलकर वॉटर ड्रॉप की एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर पानी बचाने का संदेश दिया । ये मानव श्रृंखला इसके बाद इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज की गयी । पानी उन 5 तत्वों में से एक है जिनसे मिलकर ये शरीर और प्रकृति बनी है। बारिश की कमी, भीषण गर्मी और भूजल ( ग्राउंड वॉटर) के नीचे चले जाने की वजह से इस समय देश के कई शहरों…
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 10 लोगों की हत्या का मामला शांत होता नहीं दिख रहा. इस घटना के पीड़ितों से मिलने को लेकर अड़ी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को प्रशासन ने सोनभद्र जाने की इजाजत नहीं दी. इस बीच पीड़ित परिवारों के लोग मिर्जापुर स्थित चुनार गेस्ट हाउस आकर कांग्रेस महासचिव से मिले. पीड़ित महिलाओं से मिलकर प्रियंका गांधी काफी भावुक हो गईं. उन्होंने महिलाओं के गले मिलकर ढांढस बंधाया. इस दौरान प्रियंका की आंखों से आंसू छलक आए. इससे पहले प्रियंका गाधी ने साफ किया था कि जब तक वह पीड़ित परिवारों से मिल नहीं लेतीं, तब तक वापस नहीं जाएंगी. प्रियंका गांधी ने कहा, ' मैं कानून का उल्लंघन नहीं करना चाहती. मैंने प्रशासन को…
सहजन की सब्‍जी तो कभी न कभी आपने जरुर खाई होगी, दक्षिण भारतीय व्‍यंजनों में विशेष रूप से इस सब्‍जी का इस्‍तेमाल होता है जिसे अंग्रेजी में मोरिंगा के नाम से जाना जाता है। लेकिन क्‍या आप जानते है कि सहजन की पत्तियों से बनी चाय बहुत हेल्‍दी है। जी हां, आजकल बाजार में बहुत आराम से सहजन की पत्तियों का पाउडर मिल जाता है। इसके अलावा आप भी इन पत्तियों से चाय बना सकते हो। आइए जानते है कि सहजन की चाय पीने के फायदों के बारे मे और इसकी रेसिपी। सहजन की ताजी पत्तियों को छाया में सुखा लीजिए। फि‍र इन सूखी पत्तियों को ग्राइंडर में पीस कर एक एयर टाइट कंटेनर में स्टोर करके रख लें। सहजन…
पिलोनाइडल साइनस या गांठ एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है जिसमें रीढ़ की हड्डी के अंतिम सिरे पर छोटा सा छेद हो जाता है और इसका आकार बढ़ता जाता है। बैक्टीरिया से संक्रमित होने पर सूजन व दर्द होता है। इसके बाद साइनस के भीतर ही मवाद से भरा फोड़ा बनने लगता है। जिससे कच्चे खून के साथ हल्का मवाद हर समय रिसता रहता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये समस्‍या वयस्‍क पुरुषों में अधिक देखी जाती हैं। हर पांच में से चार पुरुष इस समस्‍या से परेशान होता हैं। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान सैनिकों में पाइलोनाइडल साइनस की समस्‍या सबसे ज्‍यादा सामने आई थी क्‍योंकि वे लंबे समय तक ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर जीप में सवारी करते थे। आइए…
नई दिल्ली: मौसम में नमी और तापमान बढ़ते ही मच्छरों की समस्या बढ़ने लगती है। जहां भी पानी जमा होता है वहां पानी में मच्छर पनपने लगते हैं। मलेरिया के मच्छर जहां गंदे पानी में पैदा होते हैं वही डेंगू के मच्छर साफ पानी में भी पैदा हो जाते है। इसलिए सबसे पहले तो घर और घर के आसपास पानी के जमाव को रोकना बड़ी जिम्मेदारी है। मच्छरों के कारण होने वाली ये बीमारियां जानलेवा हैं इसलिए इनसे बचने के लिए अपने स्तर से यानी घर से शुरुआत करें। घर में ऐसे पौधे या सुंगध का प्रयोग करें जो मच्छरों के दुश्मन हैं। साथ ही अन्य कई तरीके हैं जिनसे अपने घर को आप मच्छरों से मुक्त कर डेंगू जैसे…
नई दिल्ली: भारत में जल संकट की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिस गांव में पहले हैंडपंप से मिनटों में बाल्टियां भर जाती थी, अब वहां के लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। बात बिहार के जहानाबाद जिले के किसी गांव की हो या फिर तमिलानाडु की राजधानी चेन्नई की, हर जगह हालात एक समान हो रहे हैं। यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में देश के 21 शहरों में ‘वाटर इमरजेंसी’ आने वाली है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित दिल्ली, गुरुग्राम, मेरठ और फरीदाबाद होंगे। मैग्सेसे अवार्ड विजेता राजेंद्र सिंह ने इस संकंट से संबंधित कई पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आज नागपुर में एक फ्रेंच कंपनी विलोलिया इंडिया पानी उपलब्ध करवा…
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत में बाल मजदूरी करने वाले ज़्यादातर बच्चे किसी फैक्टरी या वर्कशाॅप में काम नहीं करते, न ही वे शहरी क्षेत्रों में घरेलू नौकर या गलियों में सामान बेचने का काम करते हैं; इसके बजाए ज़्यादातर बच्चे खेतों में काम करते हैं, वे फसलों की बुवाई, कटाई, फसलों पर कीटनाशक छिड़कना, खाद डालना, पशुओं और पौधों की देखभल करना जैसे काम करते हैं। 2016 में जारी 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र के 62.5 फीसदी बच्चे खेती या इससे जुड़े अन्य व्यवसायों में काम करते हैं। आंकड़ों की बात करें तो काम करने वाले 40.34 मिलियन बच्चों और किशोरों में से 25.23 मिलियन बच्चे कृषि क्षेत्र में काम…
पूर्व न्यायाधीश एवं वरिष्ठ साहित्यकार डा. चन्द्रभाल सुकुमार का गज़ल संग्रह ‘आदमी अरण्यों में’ प्रकाशित। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के जिला वाराणसी में निवासरत स्वभाव से मृदुभाषी लेखक डा. सुकुमार ने बताया कि ‘आदमी अरण्यों में’ शीर्षक भले ही तीन शब्दों का है लेकिन यह तीन शब्दों का शीर्षक ही बहुत कुछ कह सकने में समर्थ है। उन्होनें कहा कि हर आदमी के मन में एक ‘अरण्य’ होता है, चाहे कितना ही छोटा क्यों न हो। तुलसी के ‘मानस’ में भी एक ‘अरण्य’ है। राम का वह जीवन जो राम को ‘राम’ बनाता है, इसी ‘अरण्य’ से प्रारम्भ होता है। आज की गजल भी तरह-तरह के आरण्यक संदर्भों में खो गयी है। कलम रुकनी नहीं चाहिए। बस, इसी साधना-याचना-आराधना-अर्चना-आशा- अभिलाषा…
नई दिल्ली: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा हाल में जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में बेरोजगारी चार दशकों में सबसे ज्यादा 6.1 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसमें भी हैरान करने वाली बात ये है कि इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित 15 से 29 साल के शहरों में रहने वाले युवा हैं। मिंट ने पीएलएफएस के वर्ष 2017-18 के डेटा के अनुसार बताया है कि दिसंबर तिमाही के दौरान लगभग एक चौथाई शहरी युवा जो रोजगार की तलाश में थे, बेरोजगार रह गए। तीन तिमाहियों में लगातार बढ़ने के बाद, वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में शहरी युवाओं में बेरोजगारी की दर 23.7 प्रतिशत थी। यह कहानी उन युवाओं की है जो अपनी औपचारिक शिक्षा पर औसतन 11 साल…
हर साल तंबाकू और धूम्रपान से लाखों जिंदगियाँ बरबाद हो रही हैं। दुनिया भर में तंबाकू का इस्तेमाल अकाल मृत्यु और बीमारी का प्रमुख कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, 1 अरब लोग धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करते हैं जिनमें से आधे प्रतिशत लोगो की सामान्य उम्र से पहले मृत्यु होने की सम्भावना बढ़ जाती है। 60 लाख लोग हर साल तम्बाकू के सेवन से मर रहे हैं। भारत की यह संख्या तक़रीबन 10 लाख प्रति वर्ष है। इस बार वल्र्ड नो तंबाकू दिवस की थीम “तंबाकू और हृदय रोग” रखी गई है। इससे अभिप्राय है कि वल्र्ड स्तर पर तंबाकू के कारण पैदा होने वाली हृदय और इससे जुडी अन्य गंभीर समस्याओं से लोगों को अवगत…