Wed10172018

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कला और साहित्य - दिव्य इंडिया न्यूज़
इस किताब को पूर्व में बॉलीवुड सुपर स्टार अक्षय कुमार द्वारा नई दिल्ली में रिलीज किया जा चुका है लखनऊ:  हिंदू धर्म- माया से मोक्ष तक, गंगा: अ डिविनिटी इन फ्लो और स्पार्कलिंग पंजाब जैसी किताबों के लेखक विजय सिंगल ने आज लखनऊ में ‘भगवद् गीता - सेइंग इट द सिम्पल वे’ पुस्तक का विमोचन किया | एक पत्रकार वार्ता में बताया कि आज के प्रतियोगी समय में भगवद् गीता की शिक्षाओं का बड़ा महत्व है। इसमें जीवन के उद्देश्य, मानव अस्तित्व, भौतिक उपलब्धियों और आध्यात्मिक संतुष्टि आदि के बारे में विस्तार से व्याख्या की गयी है। अर्जुन को अपना कर्तव्य निभाने की शिक्षा देते हुए, भगवान कृष्ण ने आत्म-साक्षात्कार के कई तरीकों का वर्णन किया है, जैसे कि कर्म…
महात्मा गांधी डेढ़ सौंवी जयंती की थीम पर मोतीमहल लान में सोलहवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला शुरू लखनऊ: आज के डिजिटल युग में भी प्राचीनकाल से चली आ रही दृश्यकाव्य और पाठ्यकाव्य की महत्ता कम नहीं हुई है। सोशल मीडिया से संपादित होकर जो चीजें पहुंचती हैं उनका भी महत्व है पर पुस्तकें मन के भीतर जो स्थायी भाव पैदा करती हैं, उसकी अनुभूति और महत्व कभी खत्म नहीं हो सकता।  ये उद्गार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा.महेन्द्रनाथ पाण्डेय ने राणाप्रताप मार्ग मोतीमहल वाटिका लान में जवानी की दहलीज पर कदम रख चुके सोलहवें राष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए। मेला यहां सात अक्टूबर तक रोज सुबह 11 से रात नौ बजे तक चलेगा। दि फेडरेशन आॅफ पब्लिशर्स एण्ड…
धानी चुनरिया के संयोजन में बच्चों की गायन व नृत्य प्रतियोगिता लखनऊ: तहजीब के जिस शहर के रचनाकारों अमृतलाल नागर, यशपाल, भगवतीचरण वर्मा, श्रीलाल शुक्ल, कामतानाथ, मुद्राराक्षस जैसे अनेक का साहित्य जगत में आज तक राज कायम है। इनके साथ ही और भी अनेक रचनाकारों ने पुस्तक और साहित्य जगत में अपना नाम बनाया है। यहां रवीन्द्रालय लाॅन चारबाग में 14 सितम्बर तक चलने वाले राष्ट्रीय पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमी शहर के बहुत से रचनाकारों से उनकी किताबों के जरिए रूबरू हो सकते हैं तो बहुत से रचनाकारों से साहित्यक मंच पर जीवंत साक्षात्कार कर सकते हैं। सुबह 11 से रात नौ बजे तक चल रहे इस मेले में सभी ग्राहकों को पुस्तकों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट…
लखनऊ:  शब्दकोश हो या कारवां गुजर गया, मधुशाला, गुनाहों का देवता, राग दरबारी जैसा कालजयी साहित्य, ये तो हर समय खरीदा और पढ़ा जाता है पर यहां रवीन्द्रालय लाॅन चारबाग में 14 सितम्बर तक चलने वाले राष्ट्रीय पुस्तक मेले में हर किस्म के साहित्य और पुस्तक प्रेमियों के लिए ये मौका है कि वह किताबों की नई दुनिया के साथ ही नये साहित्य, नये लेखकों से भी सहज रूबरू हो सकते हैं। आज यहां ‘कुच्चाी का कानून’ जैसे सशक्त व चर्चित लघु उपन्यास के रचयिता कथाकार शिवमूर्ति को आयोजक नालेज हब की ओर से अंगवस्त्र, स्मृतिचिह्न, सम्मान पत्र, 11 हजार की राशि व पुष्प देकर साहित्यकार शिरोमणि सम्मान से नवाजा गया।  सुबह 11 से रात नौ बजे तक चल रहे…
रवीन्द्रालय लान में नीरज को समर्पित राष्ट्रीय पुस्तक मेला शुरू राज्यपाल नेकिया उद्घाटन लखनऊः उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज रविन्द्रालय प्रागंण में आयोजित ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला 2018’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधि मंत्री श्री बृजेश पाठक, कवि श्री सुनील जोगी, कवि श्री सर्वेश अस्थाना, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता श्री राजेश त्रिपाठी, पुस्तक मेला के आयोजक श्री देवराज अरोरा व बड़ी संख्या में साहित्यकार और पुस्तक प्रेमी उपस्थित थे। 5 से 14 सितम्बर तक चलने वाला पुस्तक मेला स्वर्गीय कवि गोपाल दास ‘नीरज’ को समर्पित है। राज्यपाल ने इस अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुये कहा कि ‘मैंने पुस्तक मेला उद्घाटन कार्यक्रम मांग कर लिया है। समाचार पत्रों में पढ़ा कि आयोजक ने राज्यपाल…
राज्यपाल ने नूर अमरोहवी के गज़ल संग्रह ‘दुआएं काम आती हैं’ का विमोचन किया  लखनऊः उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिका में रह रहे प्रवासी भारतीय एवं सुप्रसिद्ध शायर नूर अमरोहवी के द्विभाषीय गज़ल संग्रह ‘दुआएं काम आती हैं‘ का लोकार्पण किया। गज़ल संग्रह को श्री अमरोहवी ने अपने माता-पिता को समर्पित किया है। इस अवसर पर पूर्व विधान परिषद सदस्य सिराज मेंहदी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव हेमन्त राव, अनीस अंसारी, नासिर अमरोहवी, असलम बकाई, सर्वेश अस्थाना, नसीम निकहत , चरन सिंह बशर, हसन काजमी, शबीना अदीब व अन्य शायर तथा साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर श्रद्धांजलि भी अर्पित की…
नई दिल्ली: पद्मभूषण महाकवि गोपाल दास नीरज का गुरुवार शाम को दिल्ली एम्स में निधन हो गया। शाम करीब 7.50 मिनट पर गोपाल दास नीरज ने अंतिम सांस ली। तबीयत खराब होने के बाद उन्हें बुधवार को आगरा से दिल्ली के एम्स अस्पताल लाया गया। बुधवार शाम करीब 10 बजे वे आगरा से एम्स अस्पताल पहुंचे। जहां, उन्हें ट्रामा सेंटर के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। महाकवि नीरज को मंगलवार सुबह सांस लेने में दिक्कत हुई। इसके बाद उन्हें आगरा के एक अस्पताल में वेंटीलेटर पर रखा गया था। जांच के बाद उनके पायोनिमोथैरस रोग से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। इस बीमारी में सीने में पस भरने और फेफड़ों में हवा भरने से उसकी झिल्ली को नुकसान…
आगरा: मशहूर कवि और गीतकार पद्मभूषण गोपालदास नीरज की तबीयत मंगलवार को अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें आगरा के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक 94 साल के नीरज को चेस्ट में इंफेक्शन और सांस लेने में दिक्कत है।  नीरज के साथ पूर्व पार्षद व उनकी बेटी कुंदनिका शर्मा हैं। कल रात ही वे अलीगढ़ से आगरा आए थे। नीरज जी से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा। डॉक्टर का कहना है उनकी हालत स्थिर है। सांस लेने में उन्हें तकलीफ हो रही है। महाकवि नीरज का जन्म इटावा जिले के ग्राम पुरावली में हुआ था। आज भले ही वो सहारा लेकर चलते हों लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचकर भी उनका…
लखनऊ: कथाकार-उपन्यासकार बादशाह हुसैन रिजवी के उपन्यास ‘मै मुहाजिर नहीं हूं’ के उर्दू संस्करण का आज यहां यूपी प्रेस क्लब में विमोचन हुआ। इस उपन्यास का हिन्दी संस्करण 2011 में आ चुका है। इसका उर्दू अनुवाद डाॅ वजाहत हुसैन रिजवी ने किया है। इप्टा व प्रलेस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सदारत उर्दू के मशहूर अदीब शारिब रुदौलवी ने किया। उन्होंने कहा कि इस उपन्यास में जिस हल्लौर की कथा है, वह पूरे हिन्दुस्तान का प्रतीक है। हमारी मिली-जुली विरासत को यह सामने लाता है। उर्दू में इसका संस्करण आना जरूरी था। आज नफरत का जिस तरह का माहौल, यह उपन्यास रचनाकार का प्रोटेस्ट है। जरूरी है कि हिन्दी अदब को उर्दू में तथा उर्दू अदब को हिन्दी में लाया…
इससे बड़ी बदकिस्मती और क्या होगी कि जिस अजीम शख्स और गीतकार की वजह से हिंदुस्तान ही नहीं गैर मुल्कों में उसके इलाके की पहचान हो, वहीं के लोग आज उस शख्स को भूलते जा रहे हैं. इतना ही नहीं जिला प्रशासन भी लापरवाह बना हुआ है. जी हां, हम बात कर रहे हैं दादा साहब फाल्के समेत दर्जनों अवार्ड हासिल करने वाले प्रसिद्द गीतकार और शायर मजरूह सुल्तानपुरी की. 24 मई 2000 को दुनिया को अलविदा कहने वाले इस गीतकार की आज 18वीं पुण्य तिथि है. चौंकाने वाली बात यह है कि तकरीबन पांच दशकों तक अपने गीतों और गजलों के जरिये लोगों के दिलों पर राज करने वाले मजरूह की सुलतानपुर में कोई भी निशानी मौजूद नहीं है.…
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