Sat06062020

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कला और साहित्य - दिव्य इंडिया न्यूज़
नई दिल्ली: देश के मशहूर शायर और श्रीमदभागवत गीता का उर्दू शायरी में अनुवाद करने वाले शायर अनवर जलालपुरी का मंगलवार की सुबह निधन हो गया। वह करीब 70 वर्ष के थे। जलालपुरी के बेटे शाहकार ने मीडिया को बताया कि उनके पिता ने आज सुबह लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर में आखिरी सांस ली। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटे हैं। उन्होंने बताया कि जलालपुरी को गत 28 दिसंबर को उनके घर में मस्तिष्क आघात के बाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह करीब सवा नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। जलालपुरी को कल दोपहर में जोहर की नमाज के बाद अंम्बेडकर नगर स्थित उनके पैतृक स्थल जलालपुर में सुपुर्द-ए-खाक किया…
लखनऊ में उत्तर प्रदेश का पहला बिरला प्री स्कूल खुला लखनऊ 22 दिसम्बर । शिक्षा के क्षेत्र में विश्विख्यात संस्था बिरला एजुटेक लिमिटेड (बीईएल) ने तक चिकित्सा शिक्षा एवं अवस्थापना के क्षेत्र में कार्यरत संस्था पीकेएस चैरिटी एंड एजुट्रस्ट के साथ मिल कर आगामी 25 दिसम्बर 2017 से निराला नगर लखनऊ में अभूतपूर्व मनोरंजक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों से भरपूर विशाल निशुल्क क्रिसमस मेले के आयोजन के साथ उत्तर प्रदेश के सर्वप्रथम ग्लोब टॉटर्स प्री स्कूल का शुभारम्भ करने का फैसला लिया है ।  इस प्री स्कूल के मीडिया लांच के मौके पर यहाँ एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में पीकेएस चैरिटी एंड एजुट्रस्ट के अध्यक्ष अविजित सूर्यवंशी ने घोषणा की कि प्री स्कूल में विशेष मेधावी बच्चों को निशुल्क…
नई दिल्ली: बॉलीवुड की अनुभवी अभिनेत्री और मशहूर लेखक जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आज़मी ने इस बात पर ख़ुशी व्यक्त की है कि देश के युवा आज भी उर्दू सीखने के लिए पहल कर रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि उर्दू भाषा किसी भी विशेष सेक्शन तक सीमित नहीं है। शबाना आज़मी ने कल शाम कवि-गायक मीनू बक्शी की “मौज-ए-सारब: वेव्स ऑफ इल्यूजन” को लांच करते हुए कहा कि मैं आशा करती हूँ कि उर्दू भाषा का यूं ही आगे बढ़ना जारी रहेगा। “उर्दू एक ऐसी भाषा है जो हम सब रोज़ रोज़ाना बोलते हैं। इसे किसी विशेष खंड की भाषा नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे ये देखकर बहुत ही ख़ुशी महसूस होती है जब…
लखनऊ। बाराबंकी के राहुल ने वेद की पुस्तकें खरीदीं तो खीरी के रमेश ओहरी ने अहमद फराज व निदा फाजली की शायरी की पुस्तकें। संडीला की शबाना ने शरद सिंह, नासिरा शर्मा व काशीनाथ सिंह के उपन्यास सहित कई किताबें खरीदीं। मोतीमहल लान राणप्रताप मार्ग में चल रहे पन्द्रहवें राष्ट्रीय पुस्तक मेले से वैदिक साहित्य से लेकर आधुनिक साहित्य का डंका बज रहा है।  निःशुल्क प्रवेश वाले इस पुस्तक मेले में जो भी आ रहा है साहित्य अथवा बच्चों के लिए उपयोगी किताबें या अन्य सामग्री जरूर ले रहा है। राजकमल प्रकाशन समूह के स्टाल में नई किताबों में मैत्रेय पुष्पा की फाइटर की डायरी, कृष्णा सोबती की गुजरात पाकिस्तान से गुजरात हिन्दुस्तान, शरद पवार की आत्मकथात्मक अपनी शर्तों पर…
लखनऊ। मोतीमहल लान राणप्रताप मार्ग में चल रहे पन्द्रहवे राष्ट्रीय पुस्तक मेले की किताबे सर्वधर्म समभाव का संदेश दे रही हैं। यहां, बाइबिल, कुरआन, गीता और वेद सब कुछ एक ही जगह उपलब्ध है। मेले के आज चैथे दिन भी खूब रौनक रही। निःशुल्क प्रवेश वाले इस पुस्तक मेले में द गिडियन्स के स्टाल पर लोगों को बाइबिल भेंट की जा रही है तो रामकृष्ण मिशन के स्टाल पर स्वामी रामकृष्ण परमहंस और विवेकानन्द के साहित्य को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। चिन्मय मिशन, हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के स्टाल पर गुरु कमलेश पटेल की अध्यात्म दर्शन की अंग्रेजी किताबों भी लोगों को भा रही हैं पितृपक्ष के इन दिनों पुस्तक मेले में उमड़ने वाले उम्रदराज पुस्तक प्रेमियों का अध्यात्म के…
लखनऊ। पुस्तक मेला घूमने आई रिसर्च स्काॅलर फातिमा छूटते ही बोलीं- मैं कल आने वाली थी पर मिस कर गई पर इस बार बुक फेयर बहुत शानदार है, जिन किताबों की मुझे छह महीने से तलाश थी वह आज यहां पूरी हुई। रायबरेली से आए सत्येन्द्र बोले- बहुत अच्छा लगा। कला साहित्य, बच्चों की, प्रबंधन की, पकवानों की और अध्यात्म-राजनीति जैसे कितने ही विषयों की किताबंे उन्हें यहां सहज सुलभ हैं। मुनव्वर राना के फैन संतोष उनकी किताबों के संग शायरी की बेहतरीन किताबें खरीदकर बहुत प्रसन्न थे। एर्थ क्लास की रूबी और अवंतिका डिक्सनरी, एटलस और मनपसंद कहानियों की किताबें पाकर खुश थीं। पुस्तक मेले में आज तीसरे दिन छुट्टी होने से यहां मोतीमहल वाटिका लान में चल रहे…
लखनऊ। राणाप्रताप मार्ग मोतीमहल वाटिका लान लखनऊ में वर्ष 2003 से निरंतर होता आ रहा पन्द्रहवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला 8 सितम्बर से 17 सितम्बर तक चलेगा। दि फेडरेशन आॅफ पब्लिशर्स एण्ड बुकसेलर्स एसोसिएशन्स इन इण्डिया, नई दिल्ली व फोर्स वन के सहयोग से हो रहे के.टी.फाउण्डेशन का ‘खूब पढ़ो-खूब बढ़ो’ थीम पर आधारित यह आयोजन बच्चो-बड़ों सभी को समर्पित होगा। उद्घाटन मुख्यअतिथि के तौर पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गैरुल हसन रिज़वी आठ सितम्बर को शाम पांच बजे करेंगे। निःशुल्क प्रवेश वाले मेले में पुस्तक प्रेमियों को हमेशा की तरह न्यूनतम 10 फीसदी की छूट मिलेगी।  यशपाल, भगवती बाबू और अमृतलाल नागरजी की इस साहित्यिक नगरी का बहुप्रतीक्षित वार्षिक उत्सव बन चुके इस पन्द्रहवें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के बारे…
लखनऊ। राणाप्रताप मार्ग मोतीमहल वाटिका लान लखनऊ में वर्ष 2003 से निरंतर होता आ रहा पन्द्रहवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला 8 सितम्बर से 17 सितम्बर तक चलेगा। दि फेडरेशन आॅफ पब्लिशर्स एण्ड बुकसेलर्स एसोसिएशन्स इन इण्डिया, नई दिल्ली व फोर्स वन के सहयोग से हो रहे के.टी.फाउण्डेशन का ‘खूब पढ़ो-खूब बढ़ो’ थीम पर आधारित यह आयोजन बच्चो-बड़ों सभी को समर्पित होगा। उद्घाटन मुख्यअतिथि के तौर पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गैरुल हसन रिज़वी आठ सितम्बर को शाम पांच बजे करेंगे। निःशुल्क प्रवेश वाले मेले में पुस्तक प्रेमियों को हमेशा की तरह न्यूनतम 10 फीसदी की छूट मिलेगी।  यशपाल, भगवती बाबू और अमृतलाल नागरजी की इस साहित्यिक नगरी का बहुप्रतीक्षित वार्षिक उत्सव बन चुके इस पन्द्रहवें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के बारे…
लखनऊ: अमृतलाल नागर, यशपाल, भगवतीचरण वर्मा, श्रीनारायण चतुर्वेदी से लेकर श्रीलाल शुक्ल, मुद्राराक्षस जैसे अनेक साहित्यकारों ने लखनऊ का नाम रोशन किया है। यहां मोतीमहल वाटिका लाॅन राणा प्रताप मार्ग में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले में इन रचनाकारों की पुस्तकों के साथ ही शहर के हर विधा के अन्य रचनाकारों की पुस्तकें हैं। मेले में आज अनेक रचनाकार व समाजसेवी सम्मानित भी किये गये। अपना आधे से ज्यादा सफर तय कर चुके पुस्तक मेले में हर तरह की पुस्तकें न्यूनतम 10 प्रतिशत छूट पर मिल रही है। पुस्तक मेले के स्थानीय रचनाकारों के स्टाल में साहित्यकार मुद्राराक्षस पर उनके पुत्र रोमेल मुद्राराक्षस द्वारा अंतरंग स्तर पर लिखी ‘मुद्राराक्षस साहित्य वीथिका’, अनवर जलालपुरी की ‘उर्दू शायरी में गीता’ और एडवोकेट…
लखनऊ: ‘‘हर निर्णय में भागीदारी हमारा ये अधिकार है, बिना हमारी भागीदारी हर निर्णय बेकार है’’ की गॅूज के साथ बाल संगठनों के राज्यस्तरीय नेटवर्क ’’हम बच्चे’’ की प्रस्तुति ‘‘कोई सुन रहा है?’’ का आयोजन आज  संगीत नाटक अकादमी के वाल्मिकी सभागार में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के 18 बाल संगठनों के बच्चों ने प्रतिभाग किया और माइम, लघु नाटिका एवं गीतों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों पर अपनी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति दी। बच्चों ने ‘‘ लौटा दो मेरा बचपन’’ नामक नाटक एवं ‘‘कोई सुन रहा है?’’ नामक माइम प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश में बाल अधिकारों, विशेषकर शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, बाल श्रम, बाल व्यापार, बाल विवाह एवं बाल सुरक्षा जैसे मुद्दो को प्रदेश के…