Sun05262019

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Displaying items by tag: HDFC Bank - दिव्य इंडिया न्यूज़

आज एचडीएफसी बैंक ने टीचिंग के इनोवेटिव विचारों पर ‘नवाचार पुस्तिका’ नामक एक मैन्युअल लाॅन्च किया।इस मैन्युअल में शिक्षण की इनोवेटिव विधियों का संकलन है, जो स्वयं टीचर्स द्वारा बताई गई हैं। ये एचडीएफसीबैंक के ‘टीचिंग-द-टीचर’ (3टी) कार्यक्रम का हिस्सा हैं। 3टी कार्यक्रम श्री औरोबिंदो सोसायटी के साथ साझेदारी में संचालित किया जाता है। 3टी के तहत18 राज्यों के 14 लाख से अधिक टीचर्स को प्रषिक्षित करने के लिए उनसे विचारआमंत्रित किए गए और चयनित विचारों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों में क्रियान्वित किया गया। यह कार्यक्रम 6 लाख सरकारी स्कूलों में 1.6 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित कर चुका है। सर्वोच्च 600 प्रतिभागी टीचर्स को नईदिल्ली में 3-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए आमंत्रित कियागया। 18 राज्यों में से प्रत्येक के लिए एक इनोवेशन मैन्युअल का लाॅन्च मिस. आषिमा भट्ट, ग्रुपहेड-सीएसआर, एचडीएफसी बैंक और श्री संभ्रांत शर्मा, एक्ज़िक्यूटिवडायरेक्टर, श्री औरोबिंदो सोसायटी ने किया।

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लखनऊ: लोन आपके हिसाब से तो गाड़ी भी आपके हिसाब से के आईडिया को सामने एचडीएफसी बैंक ने लखनऊ में कस्टम-फिट कार लोंस ‘आपके हिसाब से’ को आज लाॅन्च किया। इस नई पेशकश के तहत ग्राहक अब कम ईएमआई (पहले तीन सालों में स्टेप-अप ईएमआई के तहत 24 प्रतिशत और बैलून रिपेमेंट प्रोग्राम के तहत 30 प्रतिशत तक) पर कार खरीद सकेंगे। HDFC का यह नया प्रोडक्ट कारों की सभी श्रेणियों, स्टैंडर्ड से लेकर प्रीमियम तक उपलब्ध है | 

स्टेप-अप प्लान द्वारा ग्राहक अपनी कार लोन का रिपेमेंट पहले तीन सालों तक 24 प्रति शत कम ईएमआई पर कर सकते हैं, और इसके बाद ईएमआई बढ़ा सकते हैं। इसके द्वारा ग्राहक कम ईएमआई पर ज्यादा लोन ले सकते हैं। 

7 सालों (84 महीनों) की अवधि के साथ 10 लाख रु. के कार लोन के मामले में स्टैंडर्ड ईएमआई: 16,620 रु.बनती  है जबकि स्टेप-अप ईएमआई: 12,390 रु. इसके बाद प्रत्येक वर्ष EMI प्रतिशत की वृद्धि होती रहेगी | स्टेप-अप ईएमआई स्कीम 20 लाख तक के लोन पर उपलब्ध होगी |

बैलून रिपेमेंट स्कीम में ईएमआई के साथ ग्राहकों को पूरी अवधि के दौरान 30 प्रतिशत कम ईएमआई देनी होगी और अवधि समाप्त होने पर वो एक बड़ी राशि  एकमुश्त  दे सकते हैं। इस स्कीम में आॅटो लोन लेने वाले ग्राहक 60 प्रतिशत लोन का भुगतान 59 महीनों (5 साल की अवधि के लिए) में कर सकते है। शेष 40 प्रतिशत राशि अवधि समाप्त होने पर बैलून रिपेमेंट विकल्प के तहत दी जा सकती है। बैलून रिपेमेंट स्कीम  20 से 50 लाख तक के लोन पर उपलब्ध है | 

श्री किसलय श्रीवास्तव, रीज़नल सेल्स मैनेजर, आॅटो लोंस, नाॅर्थ, एचडीएफसी बैंक ने कहा, ‘‘हमारा अभियान ‘आपके हिसाब से’ हमारे उत्पादों व सेवाओं को कस्टमाईज़ करता है, ताकि हमारे ग्राहकों की उम्मीदें व सपने पूरे हो सकें। यह ग्राहकों के लिए एक सुविधा नहीं, बल्कि एक अनुभव है, जिसके तहत हम उन्हें न केवल 10 मिनट की स्वीकृति के साथ कम ईएमआई का विकल्प दे रहे हैं, बल्कि भुगतान की लंबी अवधि के साथ सुरक्षा कवच के रूप में बीमा भी प्रदान कर रहे हैं। स्टेपअप एवं बैलून रिपेमेंट देष में कार की हर श्रेणी के लिए बैंक के पास उपलब्ध हैं।’’

इस अवसर पर संजीव कुमारने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि चाहे इंट्री लेवल  का वाहन हो या फिर टाॅप श्रृंखला का, ग्राहकों को लोन के भुगतान में लचीलापन चाहिए होता है। इस अभियान के साथ वेतनभोगी, सरकारी कर्मचारी एवं बिज़नेसमैन अब अपने सपनों की कार खरीद सकते हैं। लाईफस्टाईल बैंक के रूप में हमारा प्रयास है कि हम अपने ग्राहकों के जीवन का हिस्सा बनकर उनके लिए उपयोगी बनें। 

 

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तिरुवनंतपुरम (केरल): आज एचडीएफसी बैंक ने घोषणा की कि यह केरल में 30 गांवों को गोद ले रहा है। इसके दीर्घकालिक राहत एवं पुनर्वास कार्यों के तहत यह अभियान राज्य में बाढ़ से पीड़ित हिस्सों में लोगों को पुनः स्थापित होने में मदद करेगा। इसके द्वारा किए जाने वाले कार्यों में शामिल हैं:

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सा शिविरों की स्थापना एवं स्वास्थ्य केंद्रों का पुर्ननिर्माण।

स्थानीय स्कूलों के नवोद्धार/पुर्ननिर्माण में सहयोग।

आजीविका पुनः स्थापित करने के लिए परिवारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।

ये कार्य राज्य सरकार के परामर्श  से किए जाएंगे और दीर्घकालिक योजना का हिस्सा होंगे। बैंक के स्थानीय एनजीओ पार्टनर इस प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर सहायता उपलब्ध कराएंगे।

इसके अलावा बैंक ने तत्काल राहत के लिए मुख्यमंत्री के आपदा राहत कोश में 10 करोड़ रु. का योगदान दिया है। बैंक के कर्मचारियों ने संतुलन लाने के लिए बैंक के साथ अपने एक दिन के वेतन का योगदान दिया।

श्री आदित्य पुरी, मैनेजिंग डायरेक्टर, एचडीएफसी बैंक लि. ने कहा, ‘‘हम विपत्ति के इस समय केरलवासियों के साथ खड़े हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थिति तेजी से संतुलन में लाने की कामना करते हैं और हमें उम्मीद है कि हम अपने प्रयासों द्वारा लोगों को मुष्किलों से बाहर निकालने में प्रभावशाली मदद कर सकेंगे।

इस बारे में श्री श्रीकुमार, ज़ोनल हेड- केरल, एचडीएफसी बैंक ने कहा, ‘‘एचडीएफसी बैंक में हम जिन समुदायों में कार्य करते हैं, उन्हें अपना सहयोग प्रदान करने में विश्वास रखते हैं। इस अभियान के द्वारा हमें उम्मीद है कि हम प्राकृतिक आपदा से बाहर निकलकर सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया में काफी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकेंगे। हम अपने कर्मचारियों को भी धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने इस प्रयास में योगदान दिया है।’’

अन्य प्रयासों में एचडीएफसी बैंक ने केरल के ग्राहकों के लिए अगस्त में लोन और क्रेडिट कार्ड्स पर ईएमआई/बकाया पर विलंब षुल्क में छूट दे दी है और मुख्यमंत्री के आपदा राहत कोश में योगदान संभव बनाया है। बैंकिंग के कार्यों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए बैंक निरंतर कार्य कर रहा है। अब तक राज्य में लगभग सभी षाखाएं और 331 में से 291 एटीएम सामान्य स्थिति में कार्य कर रहे हैं। 

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एक ही उपकरण से जुर्माना लगाने, छापने और भुगतान लेने की सुविधा

लखनऊ:  एचडीएफसी बैंक ने आज उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिल कर एकीकृत ई-चालान उपकरणों का शुभारंभ किया। हाथ में रहने वाला यह उपकरण एक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल है, जो यातायात पुलिस को कई सारे काम पूरे करने की सुविधा देगा, जैसे जुर्माना लगाना, चालान छापना और भुगतान वसूलना।

इस पहल के चलते यातायात पुलिस शहर में सड़क यातायात के नियमों का उल्लंघन होने पर डिजिटल तरीके से किसी क्रेडिट या डेबिट कार्ड की मदद से जुर्माना वसूल सकेगी।

इस समय उत्तर प्रदेश पुलिस हर दिन 18-20 हजार चालान काटती है और उनमें से अधिकांश कागजी तौर पर जारी होते हैं। इस पहल के जरिये बैंक इस प्रक्रिया का डिजिटलीकरण करने और नकद संभालने की प्रक्रिया को परेशानियों से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखता है।

हापुड़ चौक, राजनगर, गाजियाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) श्री ओ. पी. सिंह, आईपीएस ने एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों की उपस्थिति में इस सेवा के शुभारंभ की घोषणा की। इसके बाद एक संवाददाता सम्मेलन किया गया और श्री सिंह ने एक ई-चालान निकाल कर एक उल्लंघनकर्ता को सौंपा।

एचडीएफसी बैंक के उपाध्यक्ष और क्लस्टर प्रमुख अक्षय कुमार दीक्षित ने कहा, "डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ हमारा प्रयास है कि विधि अनुपालक संस्थाओं को सर्वोत्तम समाधान उपलब्ध करा कर भुगतान संग्रह की नवीनतम तकनीकों से लैस किया जाये। यह पहल बैंक और विधि अनुपालक संस्थाओं के बीच समन्वय बढ़ाने में भी मदद करती है। हम इस सेवा को स्थापित करने में समर्थन और सहयोग देने के लिए गाजियाबाद पुलिस को धन्यवाद देते हैं।"

एचडीएफसी बैंक अपनी डिजिटल पहलकदमियों के अलावा अपने राष्ट्रव्यापी वितरण नेटवर्क के माध्यम से भी लोगों तक पहुँच रहा है। उत्तर प्रदेश में एचडीएफसी बैंक की 469 शाखाएँ और 1,084 एटीएम हैं। एचडीएफसी बैंक के राष्ट्रव्यापी वितरण नेटवर्क में 31 मार्च 2018 के अनुसार 2,691 शहरों में 4,787 शाखाएँ और 12,635 एटीएम मौजूद हैं।

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पटना (बिहार): एचडीएफसी बैंक ने बिहार के निवासियों को पेमेंट गेटवे की सुविधा देने के लिए बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। इस समझौते से यहाँ के निवासी किसी भी तरह के डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेटबैंकिंग सुविधा के इस्तेमाल से तेज और सुविधाजनक रूप से अपने घर या दफ्तर से ही आराम से बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे। इस पहल से राज्य के 6 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी राज्य में बिजली का उत्पादन, वितरण और संचारण करती है।

बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के साथ इस एमओयू के तहत एचडीएफसी बैंक अपना इलेक्ट्रॉनिक कैश मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म उपलब्ध करायेगा, जिससे आरटीजीएस, एनईएफटी और इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के माध्यम से शुल्क का भुगतान किया जा सके।

श्री संदीप कुमार, जोनल प्रमुख - बिहार, एचडीएफसी बैंक ने कहा, "इस पहल में भागीदार के रूप में चुने जाने पर एचडीएफसी बैंक गौरवान्वित महसूस कर रहा है। राज्य में बिजली बिलों के भुगतान की प्रक्रिया के विकास में यह एक बड़ा कदम है और इससे जल्द भुगतान में मदद मिलेगी। हम लोगों के लिए भुगतान को आसान बनाते रहते हैं, क्योंकि लोगों की जिंदगी अब तेज रफ्तार और व्यस्त हो गयी है, जिससे लोग कभी भी, कहीं से भी सेवाएँ ले सकने की जरूरत महसूस करते हैं।"

इसके अलावा, बैंक ने बिहार सरकार के रजिस्ट्रेशन, एक्साइज और प्रोहिबिशन विभागों के साथ भी समझौता किया है, जिससे लोग भूमि पंजीकरण शुल्क, स्टांप ड्यूटी और सोसाइटी, ट्रस्ट पंजीकरण से संबंधित अन्य शुल्कों का ऑनलाइन भुगतान कर सकें। पिछले महीने, बैंक ने राज्य में आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के साथ समझौता किया, जिससे छात्रों को शुल्क भुगतान के लिए तेज और आसान सुविधाएँ दी जा सकें।

यह पहल भारत के संपूर्ण सेवाओं वाले अग्रणी डिजिटल बैंक की ओर से तकनीक का सहारा लेकर ग्राहकों की सहूलियत, पहुँच और खुशी पर ध्यान दिये जाने की रणनीति का हिस्सा है। इसी के तहत बैंक ने 2014 में 'गो डिजिटल' अभियान आरंभ कर 'बैंक आप की मुट्ठी में' की पेशकश करने के बाद से बहुत-से नये डिजिटल बैंकिंग उत्पादों की शुरुआत की है।

इनमें बायोमीट्रिक तकनीक के उपयोग से 30 मिनट में कागज रहित ऑटो लोन, नेटबैंकिंग पर 10 सेकेंड में पर्सनल लोन, पेजैप, चिल्लर और हाल में पेश एटीएम पर तत्काल ऋण शामिल हैं। यह सब एचडीएफसी बैंक के दमदार नेटबैंकिंग पोर्टल और आधिकारिक मोबाइल ऐप्प के अतिरिक्त है। ग्राहकों को नेटबैंकिंग पोर्टल पर 205 और ऐप्प पर 85 अलग-अलग तरह के लेनदेन करने की सुविधा मिलती है।

इन डिजिटल प्रयासों के अलावा एचडीएफसी बैंक अपने राष्ट्रीय वितरण नेटवर्क के माध्यम से भी लोगों तक पहुँच बना रहा है। राज्य में एचडीएफसी बैंक की 90 शाखाएँ और 239 एटीएम हैं। बैंक के राष्ट्रीय वितरण नेटवर्क में 30 सितंबर 2016 तक 2,596 शहरों में 4,548 शाखाएँ और 12,016 एटीएम हैं।

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मुंबई: एचडीएफसी बैंक ने बायोमीट्रिक तकनीक का इस्तेमाल करके केवल 30 मिनट में वाहन ऋण (ऑटो लोन) देने की सुविधा शुरू की है। 

यह 30 मिनट वाला वाहन ऋण एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों के साथ.साथ अन्य व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध है। तकनीक.आधारित इस समाधान के साथ दोपहिया के लिए ऋण भी केवल 15 मिनट के अंदर स्वीकृत किया जा सकता है। 

इस सुविधा की शुरुआत के साथ वाहन ऋण लेने का इच्छुक कोई व्यक्ति किसी वाहन डीलर या बैंक के किसी अन्य संपर्क.स्थल पर आ कर अपनी आधार कार्ड संख्या और अपना फिंगरप्रिंट दे सकता है। ग्राहक संपर्क के उस स्थान पर उपलब्ध बायोमीट्रिक तकनीक से इन विवरणों का मिलान विभिन्न डेटाबेस में संकलित सूचनाओं से किया जायेगा ताकि ग्राहक की पहचान का सत्यापन हो सके। यदि वह व्यक्ति ऋण के योग्य हुआ तो बेहद कम दस्तावेजों की आवश्यकता के साथ उस ग्राहक को रिकॉर्ड समय में ऋण स्वीकृत कर दिया जायेगा। 

एचडीएफसी बैंक वाहन ऋण और दोहपिया ऋण के क्षेत्र में बाजार का अग्रणी बैंक है और यह समाधान ग्राहकों को किसी शोरूम में बिना किसी दस्तावेज के ही जा कर एक ऋण हासिल करने की सहूलियत देगा। इससे एक ऋण की प्रक्रिया पूरी करने में लगने वाला समय भी घटेगा और बैंक को अपनी सक्षमता बढ़ा कर ज्यादा संख्या में ग्राहकों की सेवा करने का अवसर मिलेगा। 

सीनियर एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (व्हीकल लोन) अशोक खन्ना ने कहाए ष्हमारे डिजिटल बैंकिंग संबंधी प्रयासों के केंद्र में ग्राहकों की सुविधा ही है। हम मानते हैं कि 30 मिनट का वाहन ऋण ग्राहकों को ऋण मुहैया कराने और उनकी जरूरतें पूरी करने की दिशा में अगले स्तर का कदम है। अगर एक ग्राहक किसी वाहन डीलर के पास आता है तो वह उसी दिन गाड़ी खरीद कर ले जा सकता हैए जबकि पहले ऐसा नहीं हो पाता था।ष्

30 मिनट में वाहन ऋण और 15 मिनट में दोपहिया ऋण एचडीएफसी बैंक की डिजिटल बैंकिंग पेशकश श्गो डिजिटलश् के तहत सबसे नयी पहल है। श्गो डिजिटलश् का अभियान पिछले साल वाराणसी में इसकी पेशकश श्बैंक आपकी मुट्ठी मेंश् के साथ आरंभ किया गया थाए जो मोबाइल फोन को बिल्कुल एक बैंक शाखा में परिवर्तित कर देता है। उसके बाद से बैंक ने पेजैप और चिल्लर जैसे भुगतान प्लेटफॉर्म और आकर्षक प्रस्तावों वाले वर्चुअल मार्केटप्लेस स्मार्टबाय समेत कई नयी डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत की है।

एचडीएफसी बैंक पहला ऐसा संस्थान हैए जिसने 10 सेकेंड में व्यक्तिगत ऋण(पर्सनल लोन) की सुविधा दे कर खुदरा ऋणों के क्षेत्र में ऋण स्वीकृति एवं आवंटन की पूरी प्रक्रिया को एकदम स्वचालित कर दिया है। 

वर्ष 2014.15 में एचडीएफसी बैंक में हुए सभी लेन.देन में से 63ः लेन.देन डिजिटल माध्यमों से किये गये।

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मुंबई: निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक का शुद्ध लाभ जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में 30.06 प्रतिशत उछलकर 1,559.98 करोड़ हो गया। बैंक ने पिछले वर्ष इसी तिमाही में 1,199.35 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। बैंक ने बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में यह जानकारी दी है। आलोच्य अवधि में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 26.7 प्रतिशत बढ़कर 3,731.7 करोड़ हो गई। गैर-ब्याज आय भी 1,211.7 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,345.1 करोड़ रुपए होना चाहिए। बैंक का मूल शुद्ध ब्याज मार्जिन 4.2 प्रतिशत रहा। दूसरी तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध आय 7,929.4 करोड़ से बढ़कर 9,869.8 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। आलोच्य तिमाही में बैंक के बहीखाते का कुल आकार 19.5 प्रतिशत बढ़कर 3,77,375 करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान बैंक की अग्रिम राशि 22.9 प्रतिशत बढ़कर 2,31,649 करोड़ रुपए और जमा राशि 18.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,74,130 करोड़ रुपए हो गई। बैंक में कम लागत के चालू और बचत खाते में जमा पूंजी का हिस्सा 45.9 प्रतिशत रहा।
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- आईओसीएल के किसान सेवा केंद्र करेंगे बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट का काम - पीलीभीत बरेली (उत्तर प्रदेश), 4 अक्टूबर 2012 : एचडीएफसी बैंक ने आज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ तालमेल का ऐलान किया, जिसके तहत इसके ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंप पर किसान सेवा केंद्र (केएसके) अब बैंक के बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) का भी काम करेंगे। यह किसी बैंक और तेल वितरण कंपनी के बीच अपनी पहली तरह का तालमेल है, जिसका लक्ष्य बैंक शाखाओं के मौजूदा नेटवर्क से दूर के अर्धशहरी और ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगों को आधुनिक बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इसकी शुरुआत पीलीभीत से की गयी है। एचडीएफसी बैंक ने चरणबद्ध ढंग से ऐसे 1000 केएसके को इसके तहत लाने की योजना बनायी है। ऐसा हर केंद्र लगभग 1,5000 ग्राहकों को सेवाएँ दे सकेगा। यह पहल एचडीएफसी बैंक के बोर्ड से स्वीकृत उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत एक करोड़ परिवारों (चार करोड़ व्यक्तियों) को बैंकिंग के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। किसान सेवा केंद्र जो बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध करायेंगे, उनमें ऋण आवेदनों की आरंभिक प्रक्रिया, छोटी रकम बाँटना और जमा करना, माइक्रो-इन्श्योरेंस बेचना, म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश के साधन उपलब्ध कराना शामिल है। इस तालमेल पर टिप्पणी करते हुए एचडीएफसी बैंक के हेड, एग्री बिजनेस श्री माइकल एंड्राडे ने कहा, “एचडीएफसी बैंक की 75% से ज्यादा शाखाएँ दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में हैं। हम अर्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम तरह के बैंकिंग उत्पादों को उपलब्ध करा कर अपने ग्राहकों को सशक्त बनाने में गर्व महसूस करते हैं। आईओसीएल के साथ इस साझेदारी की पहल दूरदराज के उद्यमशील भारतीयों तक बैंकिंग को ले जाने की दिशा में हमारा एक और कदम है। आईओसीएल के ग्रामीण खुदरा केंद्रों के विशाल नेटवर्क और हमारे विभिन्न बैंकिंग उत्पादों को देखते हुए यह साझेदारी हमारे ग्राहकों के लिए हर तरह से फायदेमंद है।” इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के डीजीएम, रिटेल सेल्स हेड, यूपीएसओ -2 श्री अतुल भटनागर ने कहा, “किसान सेवा केंद्र (केएसके) एक खुदरा बिक्री केंद्र का मॉडल है, जिसे आईओसीएल ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपने ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने के लिए शुरू किया है। आज केएसके ग्रामीण बाजारों में एक प्रमुख खिलाड़ी है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरी और तीसरी श्रेणी की उभरती सड़कों पर तेजी से हो रहे विकास का फायदा मिल रहा है। केएसके में एक नयी सोच है, जो डीलरों को ग्राहकों की ओर से आने वाली बड़ी माँग को पूरा करने में मददगार है। इस साझेदारी से एचडीएफसी बैंक को हमारे सुस्थापित खुदरा नेटवर्क की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में अपने ग्राहकों को लाभ पहुँचाने और समावेशी विकास के नये रास्ते खोलने का अवसर मिलेगा।”
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- आईओसीएल के किसान सेवा केंद्र करेंगे बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट का काम - पीलीभीत बरेली (उत्तर प्रदेश), 4 अक्टूबर 2012 : एचडीएफसी बैंक ने आज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ तालमेल का ऐलान किया, जिसके तहत इसके ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंप पर किसान सेवा केंद्र (केएसके) अब बैंक के बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) का भी काम करेंगे। यह किसी बैंक और तेल वितरण कंपनी के बीच अपनी पहली तरह का तालमेल है, जिसका लक्ष्य बैंक शाखाओं के मौजूदा नेटवर्क से दूर के अर्धशहरी और ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगों को आधुनिक बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इसकी शुरुआत पीलीभीत से की गयी है। एचडीएफसी बैंक ने चरणबद्ध ढंग से ऐसे 1000 केएसके को इसके तहत लाने की योजना बनायी है। ऐसा हर केंद्र लगभग 1,5000 ग्राहकों को सेवाएँ दे सकेगा। यह पहल एचडीएफसी बैंक के बोर्ड से स्वीकृत उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत एक करोड़ परिवारों (चार करोड़ व्यक्तियों) को बैंकिंग के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। किसान सेवा केंद्र जो बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध करायेंगे, उनमें ऋण आवेदनों की आरंभिक प्रक्रिया, छोटी रकम बाँटना और जमा करना, माइक्रो-इन्श्योरेंस बेचना, म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश के साधन उपलब्ध कराना शामिल है। इस तालमेल पर टिप्पणी करते हुए एचडीएफसी बैंक के हेड, एग्री बिजनेस श्री माइकल एंड्राडे ने कहा, “एचडीएफसी बैंक की 75% से ज्यादा शाखाएँ दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में हैं। हम अर्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम तरह के बैंकिंग उत्पादों को उपलब्ध करा कर अपने ग्राहकों को सशक्त बनाने में गर्व महसूस करते हैं। आईओसीएल के साथ इस साझेदारी की पहल दूरदराज के उद्यमशील भारतीयों तक बैंकिंग को ले जाने की दिशा में हमारा एक और कदम है। आईओसीएल के ग्रामीण खुदरा केंद्रों के विशाल नेटवर्क और हमारे विभिन्न बैंकिंग उत्पादों को देखते हुए यह साझेदारी हमारे ग्राहकों के लिए हर तरह से फायदेमंद है।” इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के डीजीएम, रिटेल सेल्स हेड, यूपीएसओ -2 श्री अतुल भटनागर ने कहा, “किसान सेवा केंद्र (केएसके) एक खुदरा बिक्री केंद्र का मॉडल है, जिसे आईओसीएल ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपने ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने के लिए शुरू किया है। आज केएसके ग्रामीण बाजारों में एक प्रमुख खिलाड़ी है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरी और तीसरी श्रेणी की उभरती सड़कों पर तेजी से हो रहे विकास का फायदा मिल रहा है। केएसके में एक नयी सोच है, जो डीलरों को ग्राहकों की ओर से आने वाली बड़ी माँग को पूरा करने में मददगार है। इस साझेदारी से एचडीएफसी बैंक को हमारे सुस्थापित खुदरा नेटवर्क की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में अपने ग्राहकों को लाभ पहुँचाने और समावेशी विकास के नये रास्ते खोलने का अवसर मिलेगा।”
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देश के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक ने 17 सितंबर को अपने 10,001वें एटीएम का उद्घाटन किया। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के नजदीक एक प्रमुख समुद्रतटीय शहर कोवलम में यह एटीएम चालू किया गया। इस 10,001वें एटीएम का उद्घाटन केरल सरकार के मुख्य सचिव आईएएस, के. जयकुमार ने किया। पिछले सप्ताह राजस्थान के अजमेर शरीफ में 10,000वें एटीएम के उद्घाटन के बाद केरल में इस 10,001वें एटीएम की शुरूआत की गयी।

यह एटीएम शुरू होना एचडीएफसी बैंक की ओर से अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए एटीएमए नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को उपलब्ध कराने के प्रयास को दर्शाता है। हमारे लगातार बढ़ते एटीएम नेटवर्क के रणनीतिक स्थानों के चलते ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार बैंकिंग जरूरतें पूरी कर पाते हैं।

एचडीएफसी बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख - केरल, श्री हरि वेल्लूर का कहना है कि मूचे केरल में 133 शाखाओं और लगभग 270 एटीएम के साथ एचडीएफसी बैंक राज्य में अपने ग्राहकों को तेजी से विश्वस्तरीय बैंकिंग सेवाएँ मुहैया कराने की ओर अग्रसर है। कोवलम में एटीएम का शुभारंभ यह दिखाता है कि विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को उपलब्ध कराने पर ज्यादा जोर रखने की रणनीति के केंद्र में दरअसल ग्राहकों पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की नीति है। एचडीएफसी बैंक आने वाले समय में केरल में अपनी शाखाओं और एटीएम के नेटवर्क का विस्तार जारी रखेगा।

मील का यह पत्थर पार करने के इस मौके पर एचडीएफसी बैंक के कंट्री हेड, रिटेल लाएबिलिटीज, मार्केटिंग एंड डाइरेक्ट बैंकिंग चैनल्स, श्री राहुल भगत ने कहा, “इतने वर्षों में एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को विकल्प और सुविधा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को तैयार किया है। हमारे 70 प्रतिशत एटीएम चार मेट्रो शहरों से बाहर स्थित हैं। इस नीति की सफलता का प्रमाण यह है कि हमारे कुल लेनदेन का 82 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से निपटाया जाता है और हमारे 83 प्रतिशत सक्रिय ग्राहक महीने में कम से कम एक बार अवश्य एटीएम का इस्तेमाल करते हैं।

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