Tue11122019

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Displaying items by tag: imran khan - दिव्य इंडिया न्यूज़

नई दिल्ली: पाकिस्तान में मंगलवार को बजट पेश किया गया. पाकिस्तान में बजट पेश होने से एक दिन पहले यानी सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लोगों के अपील की. इमरान ने कहा, 'आप सभी से मेरी अपील है कि संपत्ति घोषित स्कीम में हिस्सा लें. इमरान खान ने कहा कि पिछले 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज 6 हजार अरब से बढ़कर 30 हजार अरब रुपये तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि अगर आप टैक्स नहीं देते तो हम देश को आगे नहीं ले जा सकेंगे. 30 जून के बाद आपको यह मौका नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि जो हम सालाना टैक्स जमा करते हैं जो है तकरीबन 4 हजार अरब रुपया, उसमें से आधा टैक्स इन कर्ज की किस्तें अदा करने में जाती है. जो बाकी पैसा बचता है उसमें यह मुल्क अपने खर्चे पूरा नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बदकिस्मती से दुनिया का ऐसा देश है, जहां दुनिया में सबसे कम टैक्स दिया जाता है, लेकिन उन चंद मुल्कों में से हैं जो सबसे ज्यादा खैरात देते हैं. उन्होंने कहा कि अगर जज्बा आ गया तो कमसे कम हम 10 हजार अरब रुपया हर साल इकट्ठा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर हम टैक्स नहीं देंगे तो अपने मुल्क को ऊपर नहीं उठा सकते. हमें अपने आप को बदलना पड़ेगा. पाकिस्तान प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्लाह कुरान में कहता है कि मैं कभी किसी कौम की हालत नहीं बदलता, जब तब वह कौम खुद अपनी हालत बदलने की कोशिश नहीं करता. उन्होंने कहा कि 30 जून तक आपके पास वक्त है कि अपनी संपत्ति, बेनामी संपत्ति, बेनामी बैंक अकाउंट को घोषित करें. 30 जून के बाद आपको यह मौका नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि आज सरकार के पास ऐसी जानकारी है जो पहले की सरकारों के पास नहीं थी. हमारे एजेंसियों के पास जानकारी है कि किसके पास बेनामी संपत्ति है, बेनामी अकाउंट है. इसलिए इस स्कीम का फायदा उठाएं और पाकिस्तान को फायदा दें. अपने बच्चों का भविष्य ठीक करें और मौका दें कि हम लोगों को गुरबत से निकाले. बता दें कि पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने मई महीने में 'एसेट डिक्लेरेशन स्कीम' के नाम से पहली कर माफी योजना घोषित की थी. इसके तहत नागरिकों से मामूली कर चुकाकर बेनामी संपत्ति, बैंक खाते और विदेश में जमा धन को 'सफेद' करने की अपील की गई थी.

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इस्लामाबाद: लोकसभा चुनाव में BJP की जीत पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई दी है. इमरान खान ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'मैं भाजपा और सहयोगियों की चुनावी जीत पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देता हूं. दक्षिण एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए उनके साथ काम करना चाहता हूं.' लोकसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार 'प्रचंड मोदी लहर' पर सवार भारतीय जनता पार्टी रिकॉर्ड सीटों के साथ फिर से केंद्र की सत्ता पर काबिज होने जा रही है. निर्वाचन आयोग की ओर से गुरुवार को जारी मतगणना की ताजा जानकारी के अनुसार भाजपा 299 सीटों पर आगे चल रही है. उधर, कांग्रेस 50 सीटों पर आगे है. आयोग ने 542 सीटों के रुझान/परिणाम जारी किये हैं. कर्नाटक की हावेरी सीट पर भाजपा के उदासी एस सी ने एक लाख 40 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से पहले इजराइल, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों के प्रधानमंत्रियों ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी और उनके साथ करीबी सहयोग बनाकर काम करने की इच्छा जतायी. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतानयाहू ने ट्वीट में कहा, ‘मेरे दोस्त नरेन्द्र मोदी आपकी प्रभावशाली चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई! ये चुनावी नतीजे एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में आपके नेतृत्व को साबित करते हैं.' उन्होंने कहा, ‘हम साथ मिलकर भारत और इज़राइल के बीच घनिष्ट मित्रता को मजबूत करना जारी रखेंगे. बहुत बढ़िया, मेरे दोस्त.' नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने अपने ट्वीट में कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को साल 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत पर गर्मजोशीपूर्ण बधाई देता हूं. 'उन्होंने कहा, ‘मैं सभी की सफलता की कामना करता हूं. मैं आपके (प्रधानमंत्री मोदी) साथ करीबी रिश्ता बनाकर काम करने को आशान्वित हूं.' श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे ने कहा, ‘नरेन्द्र मोदी को शानदार जीत पर बधाई. मैं आपके साथ करीबी बनाकर काम करने को लेकर आशान्वित हूं.'

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि गुरुवार से भारत में शुरू हो रहे लोकसभा चुनाव में यदि बीजेपी (BJP) की जीत होती है तो फिर भारत के साथ शांति वार्ता का एक बेहतर मौका हो सकता है। इमरान खान ने विदेशी पत्रकारों के साथ इंटरव्यू में कहा कि अगर बीजेपी जीतती है तो कश्मीर मुद्दे पर किसी तरह का समझौता हो सकता है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि अगर भारत में अगली सरकार कांग्रेस के नेतृत्व में बनती है तो फिर कश्मीर मुद्दे पर सरकार पाकिस्तान के साथ समझौते से पीछे हट सकती है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान में प्रधानमंत्री खान ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे यह देखना पड़ेगा जो भारत में इस समय हो रहा है। पाक पीएम ने कहा कि भारत में मुसलमानों पर हमले हो रहे हैं। इंटरव्यू में इमरान ने कहा कि कई भारतीय मुसलमानों को कई सालों से जानता हूं भारत में उनकी स्थिति को लेकर काफी खुश हुआ करते थे, उन्हें आजकल कट्टर हिंदुत्व राष्ट्रवाद की वजह से चिंतित हैं। वहीं, इमरान खान ने भारत और इजरायल के नेतृत्व पर नैतिक रूप से दिवालिया होने का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ही देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। दोनों ही देशों में इस सप्ताह चुनाव हो रहा है। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वोट के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और अपने संविधानों का उल्लंघन किया।

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इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच बुधवार को पाकिस्तान ने भारत के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने और दो पालयटों को गिरफ़्तार करने का दावा किया,.पाकिस्तान के इन दावों पर भारत ने मिग-21 लड़ाकू विमान के क्रैश होने और एक पायलट के ग़ायब होने की बात को माना है. इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अपने देश को संबोधित किया और कहा कि उनकी सेना को मजबूरी में जवाब देना पड़ा. इमरान ख़ान ने कहा कि दोनों मुल्कों के पास जो हथियार हैं और उन हथियारों के साथ युद्ध में जाया गया तो अंजाम का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. इमरान ख़ान ने कहा, ''हमारी मजबूरी थी कि हम प्रतिक्रिया दें. कोई भी संप्रभु मुल्क ऐसे चुप नहीं बैठ सकता है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ गफ़ूर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि उसकी वायु सेना ने बुधवार सवेरे भारत प्रशासित कश्मीर में छह ठिकानों पर हमले किए हैं. उनका कहना है, "हमने हमले अपने बचाव में किए हैं. पाकिस्तान की सेना के पास जवाब देने के अलावा कोई चारा नहीं था." उन्होंने कहा कि वो भारत के तरीक़े से जवाब देने की बजाय ऐसे मुल्क की तरह जवाब देना चाहते थे जो ज़िम्मेदार है. उन्होंने कहा, "आज सवेरे पाकिस्तान एयरफोर्स ने ये फ़ैसला किया कि वो कोई सैन्य टार्गेट नहीं लेंगे. साथ ही इसमें किसी इंसानी ज़िदगी का नुक़सान नहीं हो. हमारी सेना ने अपनी हदों के भीतर रहते हुए टार्गेट लॉक किए और थोड़े फ़ासले पर खुली जगह पर हमले किए."

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी से ‘शांति लाने को एक मौका देने' की बात कही और उन्हें यकीन दिलाया कि वह अपनी जुबान पर ‘कायम' रहेंगे और अगर भारत पुलवामा हमले पर पाकिस्तान को ‘कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी' उपलब्ध कराता है तो इस पर ‘तत्काल' कार्रवाई की जायेगी. इमरान खान का बयान राजस्थान में पीएम मोदी की उस रैली के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया में आम सहमति है. आतंकवाद के दोषियों को दंडित करने के लिए हम मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं. इस बार हिसाब होगा और बराबर होगा. यह बदला हुआ भारत है, इस दर्द को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम जानते हैं आतंकवाद को कैसे कुचलना है.' पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के बाद खान को बधाई देने के लिए फोन पर उनके साथ हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैंने उनसे कहा, ‘आईये गरीबी और अशिक्षा के खिलाफ लड़ाई लड़ें. इस पर खान ने कहा था कि मोदीजी मैं पठान का बच्चा हूं, सच्चा बोलता हूं, सच्चा करता हूं. आज उनके शब्दों को कसौटी पर तौलने का वक़्त है.' पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री इमरान खान अपनी जुबान पर कायम हैं कि अगर भारत कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी देता है तो हमलोग तत्काल कार्रवाई करेंगे.' खान ने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ‘शांति को एक मौका' देना चाहिए. इससे पहले 19 फरवरी को खान ने भारत को भरोसा दिलाया था कि वह पुलवामा हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जिसे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन ने अंजाम दिया था. अगर भारत ‘कार्रवाई के योग्य खुफिया जानकारी' साझा करता है तो पाकिस्तान जरूर कार्रवाई करेगा. हालांकि उन्होंने ‘बदले की भावना' से कोई जवाबी कार्रवाई शुरू करने के खिलाफ भारत को चुनौती दी. बहरहाल भारत ने कहा कि हमले की जांच को लेकर खान की पेशकश ‘बहाना' है. बता दें, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला कर दिया था. हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे और करीब पांच जवान जख्मी हो गए थे.

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इस्लामाबाद: पुलवामा हमले केे बाद भारत की कार्रवाई से घिरे पाकिस्तान ने सफाई पेश करते हुए अपने आपको बेगुनाह बताया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले पर बिना किसी सबूत के उस पर इल्जाम लगाया गया है। इमरान खान ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह की जांच कराना चाहता है तो उसके लिए वो तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें किसी मिलिट्री इंटेलिजेंस की खबर है तो वह बताएं उसके खिलाफ उनकी सरकार कार्रवाई करेगी। इमरान खान ने पुलवामा हमले पर कहा- "पाकिस्तान को इससे क्या फायदा है? क्यूं पाकिस्तान करेगा इस स्टेज के ऊपर जब पाकिस्तान स्टेबिलिटी की तरफ जा रहा है?" उन्होंने आगे कहा- "यह हमारे हित में है कि हिंसा फैलाने के लिए कोई भी शख्स हमारी धरती की इस्तेमाल न करे। मैं भारत सरकार से यह कहना चाहता हूं कि पाकिस्तान के अगर किसी शख्स के खिलाफ सबूत मिलता है तो हमारी सरकार कार्रवाई करेगी।" पाकिस्तान पीएम ने कहा कि जब भी हम डॉयलाग की बात करते हैं हिन्दुस्तान की बात होती है कि दशहतगर्दी पार बात करे। पाकिस्तान वो मुल्क है जो सबसे ज्यादा प्रभावित है। सौ अरब से ज्यादा पाक का नुकसान हुआ है और सत्तर हजार लोग आतंकवाद से मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर आज तक मिलिट्री के जरिए इसका समाधान नहीं हुआ तो क्या आगे हो जाएगा?

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इस्लामाबाद: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वली अहद (युवराज) ज़ायद-अल-नाहियान रविवार को पाकिस्तान आ रहे हैं और इस यात्रा में वह मेजबान देश को अरबों डालर की ऋण सहायता की घोषणा कर सकते हैं। अल-नाहियान के आने से पहले दोनों पक्ष पाकिस्तान को यूएई की ओर से 6.2 अरब अमेरिकी डालर के वित्तीय सहायता पैकेज की शर्तों को अंतिम रुप दे चुके हैं। उम्मीद है कि यूएई के वली अहद यात्रा के दौरान इस पैकेज की घोषणा करेंगे। पाकिस्तान को अपने विदेशी मुद्रा भंडार और राजकोषीय स्थिति को सुधारने के लिए धन की सख्त जरूरत है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से भी 8 अरब अमेरिकी डॉलर की कर्ज सहायता के लिए बातचीत कर रहा है। यूएई अपने सहायता पैकेज में पाकिस्तान को 3 अरब अमेरिकी डॉलर की नकद जमा देने के साथ साथ 3.2 अरब अमेरिकी डालर के तेल की आपूर्ति उधार पर करने सुविधा दे सकता है। पाकिस्तान के डॉन अखबार ने देश के एक केंद्रीय मंत्री के हवाले से यह खबर दी है। खबर में मंत्री के हवाले से कहा गया है कि यूएई के सहायता पैकेज की शर्तें सऊदी अरब से प्राप्त पैकेज की शर्तों जैसी ही हैं। पकिस्तान को उसके घनिष्ठ मित्र चीन से मोटी मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीन की सहायता राशि नहीं बतायी है। उन्होंने कहा है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उन्हें राशि सार्वजनिक करने से मना किया है। पाकिस्तान मुद्राकोष से ऋण की बात तो कर रहा है पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह सुनिश्चत करना चाहते हैं कि इस बहुपक्षीय संस्था से कर्ज में मिले धन का प्रयोग पाकिस्तान चीन के महंगे कर्ज को चुकाने में ना करे। अमेरिका का मानना है कि चीन के ऋण भार के चलते ही पाकिस्तान आर्थिक कठिनाइयों में फंसा है।

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इमरान खान के बयान पर नसीरुद्दीन शाह का तीखा जवाब 

नई दिल्ली: नसीरुद्दीन शाह ने तीखा पीएम इमरान खान बायन पर तीखा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें उन मुद्दों पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है जिनका उनसे वास्ता नहीं। नसीरुद्दीन शाह ने आगे कहा कि मुझे लगता है मिस्टर खान को अपने देश के बारे में सोचना चाहिए हमारे देश के बारे में नहीं। हमारे देश में 70 साल से लोकतंत्र बना हुआ है और हम जानते हैं कि हमें अपनी देखभाल कैसे करनी है। बता दें कि हाल ही में पाक पीएम इमरान खान ने लाहौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नसीरुद्दीन शाह के बयान और मोहम्मद अली जिन्ना द्वारा कही गई बात की तुलना की थी। इमरान खान ने यह भी कहा था कि भेदभाव की वजह से ही पाकिस्तान भारत से अलग हुआ था। भारत में अल्पसंख्यकों के साथ अलग व्यवहार किया जाता है। गौरतलब है कि बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने बुलंदशहर में हुई हिंसा का हवाला देते हुए कहा था कि कई जगहों पर एक गाय की मौत को एक पुलिस अधिकारी की हत्या से ज्यादा तवोज्जो दी गई है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी।

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लाहौर: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को कहा कि वह नरेंद्र मोदी सरकार को ''दिखाएंगे कि ''अल्पसंख्यकों से कैसे व्यवहार करते हैं? पाकिस्तानी प्रधानमंत्री खान का यह बयान बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भारत में भीड़ द्वारा की जाने हिंसा को लेकर टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच आया है। नसीरुद्दीन शाह भारत में भीड़ द्वारा पीट पीटकर मार डालने के मामलों को लेकर अपनी टिप्पणी के कारण विवादों में आ गए हैं। खान ने पंजाब सरकार की 100 दिन की उपलब्धियों को रेखांकित करने के लिए लाहौर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को उनके उचित अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि यह देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का भी दृष्टिकोण था। खान ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्वित करेगी कि अल्पसंख्यक सुरक्षित, संरक्षित महसूस करें और उन्हें 'नये पाकिस्तान में समान अधिकार हों। उन्होंने शाह के बयान की ओर इशारा करते हुए कहा, ''हम मोदी सरकार को दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसे व्यवहार करते हैं...भारत में लोग कह रहे हैं कि अल्पसंख्यकों के साथ समान नागरिकों की तरह व्यवहार नहीं हो रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कमजोर को न्याय नहीं दिया गया तो इससे विद्रोह ही उत्पन्न होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ''पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को उनके अधिकार नहीं दिये गए जो कि बांग्लादेश निर्माण के पीछे मुख्य कारण था।

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. इमरान खान ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि आंतकवाद पर फिर से बातचीत शुरू होनी चाहिए. इस चिट्ठी में ये भी लिखा गया है कि साकारात्मक बदलाव लाने के लिए वाजपेयी जी ने कोशिश की थी. बताया जा रहा है कि 15 सितंबर को इमरान ख़ान ने लिखी थी चिट्ठी. दरअसल, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने पीएम नरेंद्र मोदी को जो चिट्ठी लिखी है, उसमें भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से वार्ता बहाल करने की की बात कही गई है. पत्र में इमरान खान ने दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की वार्ता का भी सुझाव दिया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर भी बातचीत करने को हमेशा तैयार है. गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पत्र भारत के प्रधानमंत्री के पास ऐसे वक्त में आया है, जब एक दिन पहले ही अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक बीएसएफ जवान की पाकिस्तानी सैनिकों ने गला रेतकर हत्या कर दी थी. पिछले महीने शपथ ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में इमरान खान ने कहा कि हम आपकी उस भावना का समर्थन करते हैं, जो दोनों देशों के लिए एकमात्र रास्ता "रचनात्मक इंगेजमेंट में निहित है" भावना है. ऐसा माना जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातें हो सकती हैं. ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली के दौरान मुलाकात हो सकती है. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर दक्षेस देशों के विदेश मंत्रियों की परिषद की अनौपचारिक बैठक में भाग ले सकती हैं.

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