Fri07192019

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Displaying items by tag: jyotira - दिव्य इंडिया न्यूज़

नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस को जल्द ही अपने नये अध्यक्ष की खोज करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी ऐसी शख्सियत को कांग्रेस अध्यक्ष का मौका दिया जाना चाहिए जो पार्टी में नई ऊर्जा पैदा कर पाये। सिंधिया ने कहा, ‘‘हमने कल्पना नहीं की थी कि जिस राहुल गांधीजी ने केवल कांग्रेस का नहीं लेकिन देश के जनमानस का नेतृत्व किया वे अपने पद (कांग्रेस अध्यक्ष) का त्याग करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा गंभीर समय है। इसमें कोई दो राय नहीं। हमने उन्हें (कांग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए) मनाने की कोशिश की। लेकिन जब राहुलजी निर्णय लेते हैं तो उस पर अटल रहते हैं और इस बात पर भी मुझे गर्व है।’’ सिंधिया ने कहा, ‘‘आज कांग्रेस पार्टी को अपने नये अध्यक्ष की खोज करनी होगी। बहुत समय निकल चुका है...निर्णय जल्द होना चाहिए और किसी ऐसी शख्सियत को मौका दिया जाना चाहिए जो एक नई ऊर्जा कांग्रेस पार्टी में भी पैदा कर पाये।’’ उनसे जब कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए आपका नाम भी आ रहा है तो उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की कार्यसमिति हैं जिसमें 23 या 24 सदस्य हैं और विस्तृत कार्यसमिति है जिसमें 52 या 53 सदस्य रहते हैं। सभी सदस्यों को साथ मिलकर ये संयुक्त निर्णय लेना होगा।’’ सिंधिया ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति का सामना मुझे मेरे जीवनकाल में नहीं करना पड़ा और मैं यह दोबारा कहूंगा कि (कांग्रेस अध्यक्ष का) निर्णय जल्द करना पड़ेगा। सात हफ्ते बीत गये हैं और संयुक्त रूप से साथ मिलकर हमें यह करना पड़ेगा।’’ उनसे जब पूछा गया कि क्या आप कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए तैयार है, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं कभी सत्ता एवं कुर्सी की दौड़ में नहीं रहा हूं। जो भी मुझे मौका दिया गया है उसे जिम्मेदारी से निभाया है। विकास के लिए लडूंगा, लेकिन कुर्सी एवं सत्ता के लिए कभी नहीं लडूंगा।’’ सिंधिया ने कहा, ‘‘मैं तो मध्य प्रदेश में था, हूं और अंतिम सांस तक प्रदेश में रहूंगा। मेरी दौड़ सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि जनता की सेवा की है।’’ उनसे जब पूछा गया कि पार्टी अध्यक्ष न रहने पर राहुल की भविष्य में पार्टी में क्या भूमिका रहेगी, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘यह राहुलजी तय करेंगे कि उनकी क्या भूमिका होगी। कांग्रेस पार्टी तो चाहती है कि उनकी भूमिका अध्यक्ष के रूप में हो। लेकिन उनके निर्णय का भी तो सम्मान करना है। राहुलजी जो चाहते हैं वही उनकी भूमिका रहेगी। उस भूमिका का निर्वहन वह करेंगे।’’ 

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफे का दौर जारी है। कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि लोकसभा चुनाम में हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने हाल ही में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि लोगों के फैसले को स्वीकार करने और जवाबदेही लेने के बाद, मैंने अपना पार्टी महासचिव पद का इस्तीफा राहुल गांधी को सौंप दिया। उन्होंने आगे कहा कि मैं उन्हें इस जिम्मेदारी को सौंपने के लिए और मुझे अपनी पार्टी की सेवा करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद देता हूं।

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भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में तेज होती चुनावी जंग के बीच कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 'मामा' के नाम से मशहूर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर 'कंस' और 'शकुनी' जैसे 'कलयुग के मामा' होने का आरोप लगाया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 'भ्रष्ट सरकार' को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि वह मामा हैं, भाजपा कहती है कि वह हिंदू धर्म की एकमात्र रक्षक है.अगर हम इस पर सहमत हो भी जाएं तो धर्मग्रंथों में मामा की परिभाषा कैसे की गई है। कांग्रेस नेता ने यहां बूढ़़े बालाजी मैदान में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक कंस मामा था जिसने अपने भांजे को खत्म करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। दूसरा 'शकुनी मामा' था जिसने हस्तिनापुर के नाश करने के लिए सब कुछ किया और अब कलयुग में तीसरे मामा भोपाल के (राज्य सचिवालय) वल्लभ भवन में बैठे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री पर किसान विरोधी होने के भी आरोप लगाए और कहा कि पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में अन्नदाता माने जाने वाले किसानों पर गोलियां चलाईं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह भी आरोप लगाया कि फसल बीमा के नाम पर किसानों के साथ छल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान भाई मुझे बताएं, जलियांवाला बाग की तरह शिवराज सरकार ने मंदसौर में किसानों की हत्याएं की। किसानों के लिए फसल बीमा से भी कोई मदद नहीं मिली। किसानों के बैंक खातों से पैसे काट लिए गए और उसे शिवराज के कारोबारी मित्रों की मिल्कियत वाली कंपनियों को भेज दिया गया। यह 6000 करोड़ रूपये की राशि है। भाजपा पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुकी है। सिंधिया ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आएगी तो हम निजी कंपनियों के सारे धंधे खत्म कर देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि यह बीमा सरकारी कंपनियों से दिया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने, शास्त्री जी ने 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था, लेकिन भाजपा का नारा 'मर जवान, मर किसान' का है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला करते हुए कहा कि ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको इन्होंने ठगा नहीं।

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नई दिल्ली: आईपीएल 6 में स्पॉट फिक्सिंग मामले में दामाद गुरुनाथ मयप्पन के फंस जाने के बाद इस्तीफे की मांग से परेशान बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की मुसीबत बढ़ती ही जा रही है। नए घटनाक्रम के तहत मंगलवार की शाम ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी उनके इस्तीफे की मांग की है।

ज्योतिरादित्य ने कहा कि इस मामले में नाम आने के बाद उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि इससे पहले श्रीनिवासन को उस वक्त बड़ी राहत मिली थी जब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला उनके बचाव में उतर आए थे।

एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अगर उनके दामाद ने सट्टेबाजी की है तो फिर श्रीनिवासन इस्तीफा क्यों दें? इसमें उनकी क्या गलती है? इसके अलावा उन्होंने सट्टेबाजी को कानूनी रूप दिए जाने की भी सलाह दी है। उनके अनुसार भारत में भी सट्टेबाजी को कानूनी रूप दे दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने श्रीनिवासन का इस्तीफा मांगते हुए यह कहा था कि राजनीति में भी जब किसी के परिवार का कोई सदस्य किसी मामले में फंसता है तो उससे इस्तीफा देने पर जोर दिया जाता है। नियम सबके लिए समान होने चाहिए, इसलिए श्रीनिवासन को तत्काल अपना पद छोड़ देना चाहिए, लेकिन उनके पिता फारुख के बयान से श्रीनिवासन को जरूर राहत मिलेगी।

वहीं, दूसरी तरफ श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। उनके इस्तीफा नहीं देने पर एनसीपी ने भी कड़ा विरोध जताया है और बीसीसीआई की चुप्पी पर सवाल उठाया है। वहीं, पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं।

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