Tue11122019

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Displaying items by tag: modi - दिव्य इंडिया न्यूज़

नई दिल्ली: संत कबीर नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली 28 जून को होने जा रही है. बीजेपी में इसे लेकर युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं. बता दें संत कबीर नगर यानी मगहर वही जगह है, जहां तमाम सामाजिक मान्यताओं को तोड़ते हुए संत कबीर दास ने अंतिम सांस ली थी. दरअसल कहा जाता था कि मगहर में मरने वाले को नरक मिलता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर माना जा रहा है कि मिशन 2019 में जुटी बीजेपी के अभियान में इस बार कबीर नाम भी जुड़ जाएगा. इसका उसे लाभ मिलेगा. दरअसल कबीर को दलितों, पिछड़ों, शोषितों, साम्प्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता के करीब माना जाता रहा है. मगहर से रैली के बाद पीएम मोदी के चुनाव अभियान का चक्र शुरू हो जाएगा. बीजेपी की योजना है कि इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर महीने यूपी में कम से कम एक रैली हो.

इसी क्रम में अगली रैली आजमगढ़ में होने की भी बात है. जुलाई में होने वाली इस रैली में कहा जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास कर सकते हैं. उधर पीएम मोदी की रैली की तैयारियों को लेकर बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक रखी है. खुद प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल मगहर का दौरा कर चुके हैं. रैली को लेकर डॉ महेंद्र नाथ पांडेय कहते हैं कि कबीरदास जी समता और समरसता के प्रतिनिधि संत हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संतकबीर दास जी को नमन और वंदन करने मगहर आ रहे हैं.

दरअसल लोकसभा उपचुनावों में गठबंधन के सामने करारी शिकस्त के बाद से बीजेपी ने जातिगत राजनीति पर स्थित मजबूत करनी शुरू कर दी है. इसी क्रम में  सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी पिछले दिनों दलित आरक्षण को लेकर विपक्ष पर हमला किया. उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया में दलित आरक्षण पर कोई नहीं बोलता.  इसी क्रम में पिछले दिनों बीजेपी की तरफ से एससी वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष लालजी निर्मल ने प्रमोशन में आरक्षण को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि यूपी में लाखों कार्मिक रिवर्ट कर दिए गए थे. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव के मैनिफेस्टो में घोषित किया था कि वह प्रमोशन के आरक्षण के खिलाफ हैं. उन्हें अब अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि हिंसा और क्रूरता से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता. जीत हमेशा शांति और अहिंसा की होती है. त्याग और बलिदान से हम आगे बढ़ सकते हैं. पीएम मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 45वें एपिसोड में ये बातें कही. गुरु नानक और कबीर दास का हवाला देते हुए मोदी ने कहा, 'दोनों ने जातिवाद के खिलाफ लड़ाई की. सामाजिक सौहार्द्र के लिए काम किया.' संत कबीरदास का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, "कबीरदास के मगहर जाने के पीछे एक कारण था. उस समय एक धारणा थी कि मगहर में जिसकी मौत होती है, वह स्वर्ग नहीं जाता. इसके उलट काशी में जो शरीर त्याग करता है, वो स्वर्ग जाता है. मगहर को अपवित्र माना जाता था, लेकिन संत कबीरदास इस पर विश्वास नहीं करते थे. उन्होंने समाज में जात-पात का भेदभाव मिटाया." उन्होंने भारतीय जन संघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का हवाला देते हुए कहा, 'वह हमेशा भारत की एकता और अखंडता के लिए काम करते रहे. 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि थी. डॉ. मुखर्जी के करीबी विषयों में शिक्षा, प्रशासन और संसदीय मामले थे.' जलियांवाला बाग हत्याकांड के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा कि इस घटना के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं. इसे हम कैसे स्मरण करें, हम सब इस पर सोच सकते हैं, लेकिन इस घटना ने जो अमर संदेश दिया, उसे हम हमेशा याद रखें. पीएम मोदी ने पूरी दुनिया में मनाए गए योग दिवस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "योग दिवस पर अलग ही नजारा था, जब पूरी दुनिया एकजुट नजर आई. विश्वभर में योग दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया. सऊदी अरब में पहली बार ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ और मुझे बताया गया है कि बहुत सारे आसन महिलाओं ने किए. लद्दाख की ऊंची चोटियों पर भारत और चीन के सैनिकों ने एकसाथ मिलकर योगाभ्यास किया."

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को शनिवार को चार साल पूरे हो गए हैं. मोदी ने 2014 में 26 मई प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने ट्विटर पर देश की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया है.

प्रधानमंत्री ने एक के बाद एक चार ट्वीट किये हैं. पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, '2014 में आज ही के दिन हम सबने साथ मिलकर भारत को ट्रांसफॉर्म करने की दिशा में काम शुरू किया. पिछले चार सालों में विकास एक बड़ा मूवमेंट चला है. हर नागरिक को अहसास हुआ है कि वह देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है. 125 करोड़ जनता देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है.'

इसके बाद उन्होंने लिखा, 'मेरी सरकार पर विश्वास बनाए रखने के लिए मैं देश की जनता का आभारी हूं. आपका यह प्यार और समर्थन ही हमारी सरकार की प्रेरणा का स्त्रोत और ताकत है. हम इसी निष्ठा के साथ देश की सेवा करते रहेंगे.'

 

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लखनऊ: कैराना लोकसभा और फूलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी दांव पेंच शुरू हो गए हैं. 28 मई को कैराना और फूलपुर में मतदान होना है. चुनाव प्रचार धीरे-धीरे रंग पकड़ता दिख रहा है. इस बीच प्रधानमंत्री की बागपत में 27 मई को होने वाली जनसभा को लेकर विपक्ष की नजरें टेढ़ी हो गई हैं. विपक्ष का मानना है कि चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने ये जनसभा का पासा फेंका है. इस दौरान बीजेपी कई योजनाओं की घोषणा कर सियासी लाभ लेने की कोशिश करेगी. इसी सोच के साथ राष्ट्रीय लोकदल ने मामले में चुनाव आयोग से दखल देने की मांग की है. राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने 27 मई को बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जनसभा व उनके द्वारा किए जाने वाले ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के साथ उक्त जनसभा में की जाने वाली घोषणाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में अनिल दुबे ने कहा कि 28 मई को कैराना लोकसभा का उपचुनाव होना है और कैराना लोकसभा क्षेत्र बागपत से सटा हुआ है. लिहाजा उद्घाटन की तारीख और स्थान अपरोक्ष रूप से कैराना उपचुनाव को प्रभावित करने की दृष्टि से रखा गया है. अभी से बीजेपी द्वारा कैराना लोकसभा क्षेत्र के ग्रामों में प्रधानमंत्री की रैली के लिए भारी जनसंख्या में बागपत पहुंचने के लिए आह्वान करना शुरू कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह भी संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री विभिन्न घोषणाएं, जो कैराना लोकसभा से संबंधित हो सकती हैं, यहां पर कर सकते हैं. ऐसे में कैराना लोक सभा उपचुनाव प्रभावित हो सकता है. रालोद ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कैराना लोकसभा से सटे बागपत जनपद में प्रस्तावित प्रधानमंत्री की जनसभा व उद्घाटन कार्यक्रम व उसमें होने वाली घोषणाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.

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नई दिल्ली: देश की तेजी से बढ़ती FMCG (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) कंपनियों में शुमार पंतजलि को झटका लगा है। कंपनी का कहना है कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की बिक्री में कोई खास इजाफा नहीं हुआ है। लाइवमिंट डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने एक इंटरव्यू में कहा कि हमने पिछले साल के खाते बंद कर दिये हैं और कंपनी की आय लगभग वहीं है जहां पिछले साल थी। बता दें कि 4 मई 2017 को पंतजलि समूह के संस्थापक बाबा रामदेव ने कहा था कि कंपनी का राजस्व हर साल दोगुना हो जाएगा और मार्च 2018 तक ये 20 हजार करोड़ तक पहुंच जाएगा, इसके साथ ही पंतजलि 31 मार्च 2019 तक भारत की सबसे बड़ी पैकेज गुड्स कंपनी हिन्दुस्तान यूनीलीवर को पीछे छोड़ देगी। हालांकि हकीकत में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने के प्रभावों की वजह से कंपनी की ग्रोथ पर असर पड़ा है। हालांकि उन्होंने कहा कि पतंजलि अगले साल अच्छा बिजनेस करेगी। उन्होंने कहा, “इसके अलावा साल भर हमने इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन को विकसित करने में अपनी ऊर्जा लगाई, इस साल सिर्फ हमने कमाई को बढ़ाने पर ही जोर नहीं दिया बल्कि सिस्टम विकसित करने पर भी हमारा ध्यान था।” बता दें कि 31 मार्च 2017 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में पतंजलि ने 10,561 करोड़ की कमाई की थी। पतंजलि का ये आंकड़ा साल 2016 की तुलना में दोगुना था। बता दें कि पतंजलि के आंकड़े इसलिए भी अहम हैं क्योंकि इसी अवधि में दूसरी पैकेज गुड्स बेचने वाली कंपनियों ने अपने बिजनेस में बढ़ोतरी दर्ज की है। हिन्दुस्तान यूनीलीवर ने 31 मार्च को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में अपनी बिक्री में 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। जबकि नेस्ले इंडिया ने 2018 में अपने सामानों की बिक्री में 10.5 फीसदी की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की। जबकि कोलकाता की कंपनी आईटीसी ने अपने पैक्ड सामानों की बिक्री में 31 मार्च 2018 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में 11.3 फीसदी का इजाफा दर्ज किया। बता दें कि पतंजलि के प्रोडक्ट पिछले कुछ सालों में उपभोक्ता में काफी लोकप्रिय साबित हुए हैं। बाबा रामदेव अपनी कंपनी के कई प्रोडक्ट का खुद प्रचार करते नजर आते हैं।

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नई दिल्ली: त्रिपुरा के बेलोनिया में लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने के बाद अब दक्षिण कोलकाता के केउरातला में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति पर कालिख लगाने की घटना सामने आई है. गृहमंत्रालय के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है और वे पूरे प्रकरण पर नज़र रखे हुए हैं. गृहमंत्रालय ने राज्‍यों से कहा कि उन्‍हें ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी तरह के आवश्‍यक कदम उठाए जाने चाहिए. ऐसे कृत्‍यों में शामिल व्‍यक्‍तियों का कानून की प्रासंगिक प्रावधानों के तरह कार्रवाई करनी चाहिए. गृहमंत्रालय ने कहा कि किसी की भी मूर्ति को तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा. बता दें कि त्रिपुरा में लेनिन की दो मूर्तियां गिराने के बाद तमिलनाडु के वेल्लूर में द्रविड़ आंदोलन के नेता ईवी रामास्वामी यानी पेरियान की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई थी. वहीं दूसरी तरफ कोयंबटूर में बीजेपी कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले की खबर है. इस घटना का सीसीटवी फुटेज भी आया है. आशंका जताई जा रही है कि बीजेपी दफ्तर पर यह हमला पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रतिशोध हो सकता है.

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मोदी सरकार के राज में देश का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से बढ़ते हुए अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. 2 फरवरी को खत्म हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार रेकॉर्ड 421.91 बिलयन डॉलर (27.42 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है. इसका मतलब साफ कि दुनिया में कोई भी आर्थिक संकट आने पर भारत कड़ा मुकाबला कर सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए एक साल का मुद्रा भंडार है. के पास मुकाबले का सामना करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान कर सकता है

दो फरवरी को समाप्त सप्ताह में 412 करोड़ डॉलर (26,780 करोड़ रुपये) बढ़कर 42,191 करोड़ डॉलर (27.42 लाख करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.इससे पहले हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार तीन अरब डॉलर बढ़कर 41,789 करोड़ डॉलर (27.16 लाख करोड़ रुपये) हो गया था. 

डेवलपमेंट बैंक ऑफ सिंगापुर (डीबीएस) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के कारण भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ़ता जाएगा.उसने कहा कि यदि सरकार की ओर से कोई गतिरोध पैदा करने वाला फैसला नहीं हुआ तो लगातार नए स्तर को छुएगा. इसका फायदा रुपये की बढ़त में देखने को मिलेगा. पिछले साल रुपये ने छह फीसदी से ज्यादा की बढ़त हासिल की थी. डीबीएस ने कहा कि विदेशी भंडार में वृद्धि भारत को बाहरी संकटों से सुरक्षा देगी. निम्न चालू खाता घाटा और अधिक विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी जोखिमों से भारत के प्रभावित होने की आशंका कम करता है.

US डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में नए सुधार एजेंडे से उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक उभरते बाजारों के कमजोर इकोनॉमिक आउटलुक के बावजदू भारत की स्थिति बेहतर है. इसीलिए भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से बढ़ रहा है. विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोत्‍तरी होने की वजह से भारत दुनिया टॉप 7 देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास सबसे ज्‍यादा विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है. 

भारत के बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार से चिंतित अमेरिका ने अब इस पर नजर रखने का फैसला किया है. यूएस ट्रेजरी ने इस बारे में एक रिपोर्ट जारी की है. इसे अमेरिकी कांग्रेस को भी सौंपा गया है. दरअसल अमेरिका रुपये में मजबूती से चिंतित है. अगर रुपया में डॉलर के मुकाबले मजबूती जारी रहती है तो इससे अमेरिकी कंपनियों और अमेरिकी कर्मचारियों पर खराब असर पड़ेगा.

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नई दिल्ली: औद्योगिक संगठन फिक्की के सालाना बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली यूपीए सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने बैंकों पर उद्योगपतियों को हजारों करोड़ रुपए का ऋण देने के लिए दबाव डाला. पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल में चुनिंदा उद्योगपतियों को बैंक ऋण दिए गए जिससे जनता के पैसे की लूट हुई. साथ ही एनपीए की समस्या भी पिछली सरकारों की देन है. ये राष्ट्रमंडल खेल, टूजी और कोयला घोटाले से भी बड़ा घोटाला है. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने उद्योग जगत और राजनीतिक दलों से जनता की आकांक्षाएं पूरा करने का आह्वान किया, जो भ्रष्टाचार और काले धन से निजात चाहती हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के तहत 9.75 लाख युवाओं को रोजगार के लिए बिना गारंटी के चार लाख करोड़ रुपए से अधिक के ऋण दिए गए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां एक ऐसा सिस्टम बना जिसमें गरीब हमेशा इस सिस्टम से लड़ रहा था. छोटी-छोटी चीजों के लिए उसे संघर्ष करना पड़ रहा था. गरीब को बैंक अकाउंट खुलवाना है, उसे गैस कनेक्शन चाहिए, तो सिस्टम आड़े आ जाता था. अपनी ही पेंशन, स्कॉलरशिप पाने के लिए यहां-वहां कमीशन देना होता था. सिस्टम के साथ इस लड़ाई को बंद करने का काम ये सरकार कर रही है. हम एक ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं जो ना सिर्फ पारदर्शी हो बल्कि संवेदनशील भी हो. एक ऐसा सिस्टम जो लोगों की आवश्यकताओं को समझे. उन्होंने कहा कि हम गरीब की एक-एक आवश्यकता, एक-एक समस्या को पकड़ कर उसे सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं. गरीब महिलाओं को लगातार शर्मिंदगी का सामना ना करना पड़े, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर ना हो, इसलिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 5 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाए गए. उन्होंने कहा कि मैं गरीबी की उस दुनिया से निकलकर आपके बीच आया हूं, जहां सीमित संसाधन, सीमित पढ़ाई, लेकिन सपने अथाह-असीमित थे. उसी दुनिया ने सिखाया कि गरीबों की आवश्यकताओं को समझते हुए कार्य करो. सरकार नौजवानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है, योजनाएं बना रही है. इसके बिल्कुल उलट आपको पिछली सरकार में देखने को मिलेगा. उस दौरान कुछ बड़े उद्योगपतियों को लाखों करोड़ के लोन दिए गए, बैंकों पर दबाव डालकर पैसा दिलवाया गया. उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर की दुर्दशा पर फिक्की ने कोई सर्वे किया है या नहीं? जब सरकार में बैठे कुछ लोगों द्वारा बैंकों पर दबाव डालकर कुछ विशेष उद्योगपतियों को लोन दिलवाया जा रहा था, तब फिक्की जैसी संस्थाएं क्या कर रही थीं? एनपीए यूपीए सरकार का सबसे बड़ा घोटाला था. कॉमनवेल्थ, टूजी, कोयला से भी कहीं ज्यादा बड़ा घोटाला. ये एक तरह से सरकार में बैठे लोगों द्वारा उद्योगपतियों के माध्यम से जनता की कमाई की लूट थी. जो लोग मौन रहकर सब कुछ देखते रहे, क्या किसी संस्था द्वारा उन्हें जगाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि सरकार बैंकिंग सिस्टम को ठीक करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. बैंकों का हित सुरक्षित होगा, ग्राहकों का हित सुरक्षित होगा, तभी देश का हित भी सुरक्षित रहेगा. उन्होंने कहा कि एफआरडीआई को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं. सरकार बैंकों में जमा लोगों की पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रही है, लेकिन खबरें इसके ठीक उलट फैलाई जा रही हैं. भ्रमित करने वाली ऐसी कोशिशों को नाकाम करने में फिक्की जैसी संस्था का योगदान जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार इस लक्ष्य पर काम कर रही है कि 2022 तक देश के गरीब के पास अपना घर हो. इसके लिए लाखों घरों का निर्माण किया जा रहा है. घरों को बनाने के लिए संसाधन स्थानीय स्तर पर ही जुटाई जा रहा है. घरों के निर्माण में जो सामान लग रहा है, वो भी स्थानीय बाजार से ही आ रहा है.

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सूरत: मणिशंकर अय्यर के बयान के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. अय्यर के उनको 'नीच' कहने पर मोदी ने कहा कि ये टिप्पणी मुगल मानसिकता को दर्शाता है और इसका जवाब खुद गुजरात की जनता वोटों के माध्यम से देगी. सूरत रैली में मोदी ने कहा कि उन्हें अपने साधारण परिवेश से आने पर गर्व है और उन्होंने अब तक ऐसा कोई काम नहीं किया है जो 'नीच' हो. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हर प्रकार से उनका अपमान करने की कोशिश की लेकिन वो उनके जितना नहीं गिरेंगे. मोदी ने कहा, 'उन लोगों ने हमें क्या कुछ नहीं कहा - गधे, नीच, गंदी नाली के कीड़े. उन्होंने मेरा अपमान किया जब मैं मुख्यमंत्री था. उन लोगों ने मुझे मौत का सौदागर तक कहा. वो मुझे जेल भेजना चाहते थे.' प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में उन्होंने कांग्रेस की 'निंदनीय भाषा' के खिलाफ कभी बदले की भावना से काम नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगे. मोदी ने कहा, 'हमें कांग्रेस के खिलाफ बुरे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. इसका जवाब बैलेट बॉक्स के ज़रिए आएगा.' आगे उन्होंने कहा, 'कांग्रेस अपनी भाषा अपने पास रख ले, हम अपना काम करेंगे.' गुरुवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए मणिशंकर अय्यर ने उस वक्त राजनीतिक विवाद शुरू कर दिया जब उन्होंने मोदी को लेकर कहा कि वो 'नीच और असभ्य हैं और वो गंदी राजनीति करते हैं.' बाद में मोदी ने इस बयान का इस्तेमाल गुजराती अस्मिता को जगाने के लिए किया और लोगों से अपील की कि वो इस बयान पर अपनी आपत्ति जताते हुए बीजेपी के पक्ष में वोट करें. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने हमें नीच कहा लेकिन हम अपनी परंपरा के मुताबिक जीवन जी रहे हैं. गुजरात की जनता इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं करेगी. लोग 9 और 14 को इसपर करारा जवाब देंगे.' उन्होंने आगे कहा कि उन्हें गरीब परिवार से आने पर कोई शर्म नहीं है और वो अपने कर्तव्य को निभाते रहेंगे. मोदी ने कहा, 'हां मैं समाज के गरीब तबके से आता हूं और अपनी ज़िन्दगी के हर एक पल का इस्तेमाल गरीबों, दलितों, जनजातियों और ओबीसी समुदाय के लोगों के लिए काम करते हुए करूंगा. मैं आहत नहीं होता. मैंने देश के नाम अपना जीवन समर्पित कर दिया है. मेरा जीवन देश के नाम है.' इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वो मोदी के लिए मणिशंकर अय्यर के बयान के लहज़े और भाषा की आलोचना करते हैं. राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और वो उम्मीद करते हैं कि अय्यर इस बयान पर माफी मांगेंगे.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र पर चर्चा का आह्नवाहन किया और कहा कि देश के भविष्य के लिए पार्टियों के भीतर सच्ची लोकतांत्रिक भावना का विकास आवश्यक है। मोदी ने ये टिप्पणियां भाजपा मुख्यालय में आयोजित दिवाली मिलन कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए कीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की फडिंग पर अक्सर चर्चा होती है, लेकिन उनके मूल्यों, विचारधारा, आतंरिक लोकतंत्र और वह नई पीढ़ी के नेताओं को किस तरह अवसर प्रदान करती हैं, इस बारे में चर्चा नहीं होती।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश पार्टियों के भीतर लोकतंत्र को लेकर ज्यादा अवगत नहीं है और मीडिया को इस पर ध्यान देना चाहिए। मोदी ने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक मूल्य उनके (पार्टियों के) मूलभूत मूल्य हैं या नहीं, इस बारे में व्यापक चर्चा होनी चाहिए। मेरा मानना है कि राजनीतिक दलों के भीतर सच्ची लोकतांत्रिक भावना का विकास न सिर्फ देश के भविष्य के लिए, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी आवश्यक है।’’ हालांकि प्रधानमंत्री ने किसी प्रतिद्वंद्वी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणियां इन खबरों की पृष्ठभूमि से संबंधित हो सकती हैं कि कांग्रेस अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पदोन्नत कर सोनिया गांधी की जगह अध्यक्ष बना सकती है।

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