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ऑकलैण्ड। पाकिस्तान ने ग्रुप बी के एक अहम मैच में दक्षिण अफ्रीका को 29 रनों से हराकर क्वार्टर फाइनल में स्थान बनाने की ओर मज़बूती से क़दम बढ़ाया । 232 रनों का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 33. 3 ओवरों में 202 बनाकर आउट हो गयी । कप्तान ए  बी डिविलियर्स ने शानदार 77 रनों की पारी खेली मगर वह टीम को जीत की दहलीज़ पर नहीं पहुंचा सके । 

इससे पहले बारिश से प्रभावित मैच में पाक टीम 223 रन पर सिमट गई। डकवर्थ लुइस नियम के हिसाब से दक्षिण अफ्रीका को 232 रन का लक्ष्य मिला। उसकी ओर से कप्तान मिस्बाह उल हक ने 56 और सरफराज अहमद ने 49 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से डेल स्टेन ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए।

टॉस हारकर पहले खेलने उतरी पाक टीम ने सधी हुई शुरूआत की और पहले विकेट के लिए 30 रन जोड़े। 18 रन बनाकर अहमद शहजाद काइली एबॉट की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद सरफराज अहमद और यूनिस खान ने दूसरे विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी की। सरफराज पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 49 रन बनाकर रन आउट हो गए। दूसरा विकेट गिरने के बाद पाक टीम की रनगति पर ब्रेक लग गए। इसी दबाव में यूनिस खान एबी डिविलियर्स की गेंद पर लपके गए, उन्होंने 37 रन बनाए।

तीन विकेट गिरने के बाद पाक टीम का मध्य क्रम एक बार फिर दबाव में आ गया। मिस्बाह उल हक ने एक छोर थामे रखा लेकिन रनगति नहीं बढ़ा पाए। इसी दबाव में शोएब मकसूद और उमर अकमल अपने विकेट फेंक बैठे। मकसूद आठ रन बनाकर काइली एबॉट और अक मल 13 रन पर मोर्ने मोर्कल की गेंद पर चलते बने। इसके बाद बारिश के कारण दो बार मैच में व्यवधान आया। इस दौरान मिस्बाह ने अपनी 42वीं फिफ्टी पूरी की।

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नेल्सन। वर्ल्ड कप 2015 में ग्रुप ए के मुकाबले में बांग्लादेश ने 318 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए स्कॉटलैण्ड को छह विकेट से हरा दिया है। 318 रन का लक्ष्य बांग्लादेश ने तमीम इकबाल(95), महमुदुल्लाह(62), मुश्फिकुर रहीम(60) और साकिब अल हसन(52) की अर्धशतकीय पारियों के बूते 48.1 ओवर में हासिल कर लिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की यह सबसे बड़ी जीत है और उसने पहली बार 300 का लक्ष्य चेज किया। स्कॉटलैण्ड के काएले कोएत्जर को उनकी 156 रन की पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।टॉस हारकर पहले खेलने उतरी स्कॉटिश टीम ने काएले कोएत्जर की धमाकेदार शतकीय पारी के बूते आठ विकेट पर 318 रन का स्कोर खड़ा किया। उसकी ओर से कोएत्जर के अलावा कप्तान प्रेस्टोन मोम्सेन(39) और मैट मचान(35) ने भी उपयोगी पारी खेली। इस दौरान कोएत्जर ने वर्ल्ड कप में पहला और कॅरियर का दूसरा शतक उड़ाया। एसोसिएट देश के बल्लेबाजों की ओर से यह वर्ल्ड कप में सर्वोच्च स्कोर है। स्कॉटलैण्ड के बल्लेबाजों ने अंतिम 10 ओवर्स में 88 रन जोड़े। बांग्लादेश की ओर से तस्किन अहमद ने 43 रन देकर तीन विकेट झटके। 

बांग्लादेश की शुरूआत खराब रही और सौम्य सरकार के रूप में पहला विकेट केवल पांच रन ही गिर गया था। लेकिन तमीम इकबाल ने महमुदुल्लाह के साथ मिलकर टीम को जीत की ओर अग्रसर कर दिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 139 रन जोड़े। इस दौरान इकबाल ने वनडे में चार हजार रन का आंकड़ा भी पार लिया। हालांकि वे वर्ल्ड कप में शतक लगाने से चूक गए और 95 रन पर पगबाधा हो गए। महमुदुल्लाह भी 60 रन बनाकर चलते बने। लेकिन मुश्फिकुर रहीम और साकिब अल हसन ने बांग्लादेश की जीत लगभग तय कर दी। साकिब ने शब्बीर रहमान के साथ मिलकर टीम को दूसरी जीत दिला दी।

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नई दिल्ली: आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के इस संस्करण के दौरान भले ही ऑस्ट्रेलिया का वह जलवा और दहशत बरकरार न हो, जिसके लिए वह पिछले कई साल तक जानी जाती रही, लेकिन कम से कम अफगानिस्तान ने बुधवार को उनका वही रूप देखा, जब वे रनों के लिहाज़ से वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करने के लिए मजबूर हो गए।

बुधवार को पर्थ में वाका मैदान पर खेले गए मैच में मेजबान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के 133 गेंदों में 19 चौकों और पांच छक्कों की मदद से बनाए धुआंधार 178 रनों के अलावा स्टीवन स्मिथ के 95 और ग्लेन मैक्सवेल के 88 रनों की बदौलत वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर छह विकेट के नुकसान पर 417 रन बना डाला। इसके साथ ही उन्होंने टीम इंडिया का 414 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा डाला, जो उन्होंने वर्ष 2007 के वर्ल्ड कप के दौरान बरमूडा के खिलाफ बनाया था।

इसके जवाब में अफगानिस्तान की टीम चार विकेट चटकाने वाले मिचेल जॉनसन समेत सभी कंगारू गेंदबाजों का सामना कतई नहीं कर पाए, और कुल 37.3 ओवर में 142 रन पर ढेर हो गए। अफगानिस्तान की ओर से सर्वाधिक 33 रन नवरोज़ मंगल ने बनाए। इसके साथ ही उन्हें 275 रनों से हार का सामना करना पड़ा, जो रनों के लिहाज़ से वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे बड़ी हार है।

हालांकि वन-डे क्रिकेट में इससे भी बड़ी हार झेलने वालों के रूप में आयरलैंड का नाम दर्ज है, जिन्हें न्यूजीलैंड ने 1 जुलाई, 2008 को एबरडीन के मैदान में 290 रन से हराया था। यह एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड है।

सबसे बड़ी हार का सामना करने वालों की इस सूची में अब दूसरे नंबर पर अफगानिस्तान का नाम दर्ज हो गया है, जिन्होंने ज़िम्बाब्वे को तीसरे स्थान पर धकेला। ज़िम्बाब्वे ने 22 अक्टूबर, 2010 को दक्षिण अफ्रीका के हाथों बेनोनी में 272 रनों से हार का सामना किया था। सूची में चौथा स्थान श्रीलंका का है, और उन्हें भी दक्षिण अफ्रीका ने ही 11 जनवरी, 2012 को पार्ल के मैदान पर 258 रन से हराया था।

सूची में पांचवें पायदान पर बरमूडा है, जो वर्ष 2007 के वर्ल्ड कप के दौरान 19 मार्च, 2007 को पोर्ट ऑफ स्पेन में भारत के हाथों 257 रन से हारे थे। छठे स्थान पर मौजूद वेस्ट इंडीज़ को मौजूदा वर्ल्ड कप के दौरान दक्षिण अफ्रीका ने ही 27 फरवरी, 2015 को सिडनी में 257 रनों से ही हराया था।

सबसे बड़ी हार का सामना करने वालों की इस सूची में सातवें स्थान पर नामीबिया का नाम दर्ज है, जो वर्ष 2003 के वर्ल्ड कप के दौरान पोचेफ्स्ट्रूम में 27 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 256 रन से हारे थे। आठवां स्थान हांगकांग का है, जिन्हें एशिया कप के दौरान कराची में खेले गए मैच में टीम इंडिया ने 256 रन से पराजित किया था।

सूची में नौवां स्थान टीम इंडिया के पास है, और इस शिरकत का मौका उन्हें 29 अक्टूबर, 2000 को मिला था, जब वे श्रीलंका के हाथों शारजाह में कुल 54 रन पर ऑल आउट होकर 245 रनों से हारे थे। सूची में 10वें स्थान पर फिर एक बार बरमूडा ही दर्ज है, जो वर्ष 2007 के वर्ल्ड कप के दौरान श्रीलंका के हाथों पोर्ट ऑफ स्पेन के मैदान में 15 मार्च, 2007 को 243 रन से हारे थे।

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नेपियर। पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैकलीन पार्क मैदान पर खेले गए आईसीसी वर्ल्ड कप-2015 के पूल-बी मुकाबले में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 129 रनों से हरा दिया। यह लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान की दूसरी जीत है। पाकिस्तान ने यूएई के सामने 340 रनों का लक्ष्य रखा था। जवाब में यूएई की टीम 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 210 रन ही बना सकी। यूएई की सफलता यह रही कि 25 रनों पर तीन विकेट गंवाने के बाद भी वह पाकिस्तानी आक्रमण पंक्ति के सामने पूरे 50 ओवर खेलने में सफल रहा। यह यूएई की लगातार चौथी हार है।

यूएई की ओर से शैमान अनवर ने सबसे अधिक 62 रन बनाए। अनवर ने 88 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। खुर्रम खान ने 43 और भारतीय मूल के खिलाड़ी स्वप्निल पाटिल ने 36 रनों का योगदान दिया।

खान ने 54 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के लगाए। पाटिल ने 68 गेंदों की पारी में दो चौके लगाए। इसके अलावा निचले क्रम पर अमजद जावेद ने 33 गेंदों पर पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 40 रन बनाए।

पाकिस्तान की ओर से सोहेल खान, शाहिद अफरीदी और वहाब रियाज ने दो-दो विकेट लिए। इस मैच में पाकिस्तान के लिए 93 रनों की शानदार पारी खेलने वाले अहमद शहजाद को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

इससे पहले, पाकिस्तान ने टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों का सामना कर छह विकेट पर 339 रन बनाए। यह वर्ल्ड कप में उसका दूसरा सर्वोच्च योग है। इससे पहले उसने 2007 वर्ल्ड कप में किंग्सटन में जिम्बाब्वे के खिलाफ 349 रन बनाए थे।

पाकिस्तान के लिए शहजाद ने 93, हारिस सोहेल ने 70, शोएब मकसूद ने 45, कप्तान मिस्बाह उल हक ने 65 और शाहिद अफरीदी ने सात गेंदों पर एक चौके और दो छक्कों की मदद से नाबाद 21 रनों की पारी खेली। यूएई की ओर से मंजूला गुरुगे ने चार विकेट हासिल किए।

पाकिस्तान ने 10 रन के कुल योग पर ही नासिर जमशेद (4) का विकेट गंवा दिया था लेकिन इसके बाद शहजाद और सोहेल ने दूसरे विकेट के लिए 160 रनों की साझेदारी निभाई। यह इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है।

सोहेल 83 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाने के बाद 170 रनों के कुल योग पर आउट हुए। 176 के कुल योग पर पाकिस्तान ने शहजाद का भी विकेट गंवा दिया। शहजाद 105 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का लगाने के बाद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हुए।

इसके बाद मकसूद और मिस्बाह ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 75 रन जोड़े। मकसूद 251 रनों के कुल योग पर आउट हुए। उन्होंने 31 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के जड़े। उमर अकमल ने इसके बाद 13 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाए और कप्तान के साथ 61 रनों की साझेदारी की।

उमर का विकेट 312 रन पर गिरा और फिर मिस्बाह भी इसी योग पर आउट हुए। मिस्बाह का विकेट 49वें ओवर की चौथी गेंद पर गिरा। इसके बाद अफरीदी ने आठ में से सात गेंदों का सामना किया और तूफानी अंदाज में 21 रन बटोरे।

अपनी इस तूफानी पारी के दौरान अफरीदी ने एकदिवसीय क्रिकेट में 8,000 रन पूरे किए। 8,000 या उससे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में अफरीदी का स्ट्राइक रेट सबसे अधिक है। अफरीदी ने 116.86 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं जबकि भारत के वीरेंद्र सहवाग (8273) ने 104.33 के स्ट्राइक रेट से रन बटोरे हैं।

अफरीदी और सहवाग ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनका स्ट्राइक रेट 100 से अधिक है। अफरीदी और सहवाग के बाद स्ट्राइक रेट की दौड़ में तीसरे स्थान पर आस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट हैं, जिन्होंने 96.94 के स्ट्राइक रेट के साथ कुल 9,619 रन बनाए हैं।

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कैनबरा : फार्म में लौटे सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला और फाफ डु प्लेसिस के आक्रामक शतकों की मदद से रनों का पहाड़ लगाने के बाद काइल एबोट की उम्दा गेंदबाजी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने विश्व कप के पूल बी मैच में मंगलवार को ‘जाइंट किलर’ आयरलैंड को 201 रन से हरा दिया।

दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने एक बार फिर रन उगलते हुए चार विकेट पर 411 रन बना डाले जो विश्व कप के इतिहास का दूसरा सर्वोच्च स्कोर है। जवाब में आयरलैंड की टीम 44 . 5 ओवर में 210 रन पर आउट हो गई।

पहले मैच में वेस्टइंडीज को हराकर सनसनी फैलाने वाली आयरलैंड के लिये सर्वाधिक 58 रन एंडी बालबर्नी ने बनाये जबकि केविन ओब्रायन ने 48 रन का योगदान दिया। दक्षिण अफ्रीका के लिये एबोट ने ओवर में 21 रन देकर चार विकेट लिये जबकि मोर्नी मोर्कल को तीन और डेल स्टेन को दो विकेट मिले।

एक समय पर आयरलैंड ने पांच विकेट सिर्फ 48 रन पर गंवा दिये थे लेकिन बालबर्नी और केविन ओब्रायन ने छठे विकेट के लिये 81 रन जोड़कर टीम को शर्मनाक स्कोर पर सिमटने से बचाया । नौवें और दसवें नंबर पर जार्ज डाकरेल (25) और मैक्स सोरेंसेन (22) ने भी जीत के लिये दक्षिण अफ्रीका को इंतजार करने पर मजबूर किया।

इससे पहले टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने अमला के 128 गेंद में 159 रन और फाफ डु प्लेसिस के 109 गेंद में 109 रन की मदद से यह स्कोर बनाया । दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 217 गेंद में 247 रन की साझेदारी की। अमला ने सबसे तेज 20 वनडे शतक (108 मैच में) पूरे किये।

दोनों बल्लेबाज तीन ओवर के भीतर आउट हो गए। डु प्लेसिस को केविन ओब्रायन ने बोल्ड किया जबकि अमला को स्पिनर एंडी मैकब्रायन ने पवेलियन भेजा। रिली रोसो ने 30 गेंद में नाबाद 61 और डेविड मिलर ने नाबाद 46 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी दस ओवरों में 131 रन जोड़े।

अमला और डु प्लेसिस के आने से पहले आयरलैंड का पलड़ा भारी था। तेज गेंदबाज जान मूनी ने पहले दो ओवर मैडन फेंके और किंटोन डि काक सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए। आयरलैंड के सबसे अनुभवी खिलाड़ी केविन ओब्रायन को अपनी पहली ही गेंद पर विकेट मिल जाता लेकिन अमला का कैच शार्ट मिडविकेट पर एड जायस ने छोड़ दिया। उस समय अमला ने सिर्फ 10 रन बनाये थे।

तेज गेंदबाज मैक्स सोरेंसेन के एक ओवर में 24 रन लेकर अमला ने दबाव हटाया। दूसरे पावरप्ले में अमला ने मूनी के एक ओवर में 26 रन बनाये । अमला ने अपने कैरियर का सर्वश्रेष्ठ शतक 108वीं पारी में पूरा किया। भारत के विराट केाहली सबसे तेज 20 वनडे शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने 133 मैचों में यह कारनामा किया।

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नेपियर : संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ विश्व कप पूल बी के मैच में पाकिस्तान अपना नेट रनरेट बेहतर करने के लिये बल्लेबाजी में सुधार करके धमाकेदार जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगा। पाकिस्तानी बल्लेबाजों की लंबे समय से चली आ रही दिक्कतें विश्व कप में भी बदस्तूर जारी रही। भारत ने उसे पहले मैच में 76 रन से हराया जबकि दूसरे मैच में वेस्टइंडीज ने उसे 150 रन से मात दी।

यहां 1992 विश्व कप जीत चुकी पाकिस्तानी टीम ने एकमात्र जीत वेस्टइंडीज पर दर्ज की है जिसे रविवार को उसने सिर्फ 20 रन से हराया। कप्तान मिसबाह उल हक ने उस जीत के बाद कहा था, अब से हर मैच हमारे लिये नाकआउट की तरह है। शीषर्क्रम को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। पाकिस्तान ने यूनिस खान को भी पारी की शुरूआत के लिये भेजा लेकिन यह फैसला गलत साबित हुआ। वेस्टइंडीज के खिलाफ उसके चार विकेट सिर्फ एक रन पर गिर गए थे जबकि जिम्बाब्वे के खिलाफ दो विकेट चार रन पर उसने गंवा दिये थे।

पाकिस्तान के तीन मैचों में दो अंक है और उसे नाकआउट चरण में प्रवेश के लिये वेस्टइंडीज और आयरलैंड की चुनौती का सामना करना होगा। दोनों पूल से शीर्ष चार टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। पाकिस्तानी टीम को अपना नेट रनरेट भी बेहतर करना होगा जो इस समय माइनस 1.37 है। स्पिन के खिलाफ यूएई की कमजोरी को देखते हुए पाकिस्तान लेग स्पिनर यासिर शाह और नासिर जमशेद की जगह सलामी बल्लेबाज के तौर पर सरफराज अहमद को उतार सकता है । यूएई के खिलाफ पाकिस्तान ने दो वनडे खेलकर दोनों में जीत दर्ज की है। यूएई के पास पाकिस्तानी मूल के मध्यक्रम के बल्लेबाज शेमान अनवर हैं जो तीन मैचों में 67, 106 और 35 रन बना चुके हैं।

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पर्थ : ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बायें हाथ के स्पिनर ब्राड हॉग ने भारतीय क्रिकेट टीम की फील्डिंग की तारीफ करते हुए कहा है कि गत चैम्पियन ‘बड़े टूर्नामेंट की टीम’ है और विश्व कप की प्रबल दावेदार है।

उन्होंने कहा, मुझे भारत की फील्डिंग ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। जब हम खेलते थे तब लगता था कि उनके खिलाफ अतिरिक्त रन लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हमने देखा कि एबी डिविलियर्स और डेविड मिलर किस तरह से रन आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका के हाथ से उसी समय मैच निकल गया। हॉग ने कहा कि लगातार तीन जीत दर्ज करके भारत ने विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे की नाकामी का गम दूर कर दिया है।

उन्होंने कहा, भारत बड़े टूर्नामेंट की टीम है। अब टीम में ठहराव दिख रहा है। दो महीने से वे यहां है और ऑस्ट्रेलियाई हालात में खेलने का अनुभव काम आ रहा है। अब उसके गेंदबाज बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजों ने भी रन बनना शुरू कर दिया है लेकिन शुक्रवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ वाका की तेज और उछालभरी पिच पर उनकी असल परीक्षा होगी।

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ब्रिस्बेन:  विश्व कप क्रिकेट के पूल बी के मैच में आज पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को 20 रन से हरा दिया। इससे पहले पाकिस्तान ने 7 विकेट पर 235 रन बनाए। कप्तान मिसबाह उल हक ने फिर से धीमी बल्लेबाजी की और 121 गेंदों पर 73 रन बनाये। बाद में वहाब रियाज ने 46 गेंदों पर 54 रन की तेज पारी खेली जिससे पाकिस्तान कुछ सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाया।

टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत का इंतजार कर रहे पाकिस्तान ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन उसके बल्लेबाजों ने फिर से निराश किया। सलामी बल्लेबाज नासिर जमेशद (एक) और अहमद शहजाद (शून्य) पहले पांच ओवर में ही पवेलियन लौट गये और तब स्कोर केवल चार रन था। धीमी गति के रन बनाने के लिये अक्सर आलोचकों के निशाने पर रहे मिसबाह ने इसके बाद एक छोर संभाले रखा।

उन्होंने हारिस सोहेल (44 गेंदों पर 27) के साथ 54 और उमर अकमल (42 गेंदों पर 33 रन) के साथ 69 रन की दो अर्धशतकीय साझेदारियां की। लेकिन रन बेहद धीमी गति से बन रहे थे और पाकिस्तान यहां तक कि जिम्बाब्वे के खराब क्षेत्ररक्षक का फायदा भी नहीं उठा पाया। रियाज के क्रीज पर आने के बाद ही रन गति में तेजी आयी।

उन्होंने अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। उनसे पहले शोएब मकसूद ने 21 रन बनाये लेकिन शाहिद अफरीदी ने फिर से निराश किया। वह बिना खाता खोले पवेलियन लौटे और इस तरह से विश्व कप में अपने जन्मदिन पर शून्य पर आउट होने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। जिम्बाब्वे की तरफ से टेंडाई चतारा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 35 रन देकर तीन विकेट लिये। अपने दस ओवरों में से उन्होंने दो मेडन ओवर किये। बायें हाथ के स्पिनर सीन विलियम्स ने दस ओवर में 48 रन देकर दो विकेट लिये। पाकिस्तान की पारी में कुल पांच ओवर मेडन गये।

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वेलिंगटन : अनुभवी कुमार संगकारा और युवा लाहिरू तिरिमाने की शतकीय पारियों से श्रीलंका ने आज यहां जो रूट और इंग्लैंड के प्रयासों पर पानी फेरकर 9 विकेट की शानदार जीत से विश्व कप क्रिकेट में अपना विजय रथ क्वार्टर फाइनल के करीब पहुंचा दिया।

शीर्ष क्रम के बल्लेबाज रूट की 121 रन की दर्शनीय पारी से इंग्लैंड ने पूल ए के मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 309 रन का मजबूत स्कोर बनाया। लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाज और क्षेत्ररक्षक फिर से फिसड्डी साबित हुए और इस बड़े स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे।

संगकारा (नाबाद 117) और तिरिमाने (नाबाद 139) ने दूसरे विकेट के लिये 212 रन की अटूट साझेदारी करके इंग्लैंड को टूर्नामेंट में करो या मरो की स्थिति में पहुंचा दिया। श्रीलंका ने 47.2 ओवर में एक विकेट पर 312 रन बनाये और अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इस जीत से श्रीलंका के चार मैचों में छह अंक हो गये हैं। इंग्लैंड ने भी इतने ही मैच खेल लिये हैं लेकिन उसके केवल दो अंक हैं।

इंग्लैंड अब भी नाकआउट चरण में पहुंच सकता है लेकिन उसे अपने बाकी बचे दोनों मैचों में बांग्लादेश और अफगानिस्तान पर जीत दर्ज करने के साथ अन्य मैचों में भी अनुकूल परिणाम की दुआ करनी होगी। संगकारा ने अपने करियर का 23वां और सबसे तेज शतक लगाया। उन्होंने अपनी पारी में 86 गेंद खेली तथा 11 चौके और दो छक्के लगाये। संगकारा ने 70 गेंद में शतक पूरा किया जो श्रीलंका की तरफ से विश्व कप में सबसे तेज शतक भी है।

दूसरी तरफ 25 वर्षीय तिरिमाने इस टूर्नामेंट में सैकड़ा जड़ने वाले सबसे कम उम्र के श्रीलंकाई बल्लेबाज बने। उन्होंने 143 गेंद खेली तथा 13 चौके और दो छक्के लगाये। श्रीलंका के आउट होने वाले एकमात्र बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान (44) रहे। उन्होंने और तिररिमाने ने पहले विकेट के लिये 100 रन जोड़े।

मैन ऑफ द मैच संगकारा ने बेदाग पारी खेली। तिरिमाने ने जीवनदान मिलने के बाद अगले ओवर में शतक पूरा किया। वोक्स के इसी ओवर में संगकारा तीन चौके जड़कर 90 रन के पार पहुंचे और फिर उन्होंने 70 गेंदों पर शतक पूरा कर दिया। तिरिमाने ने वोक्स पर ही विजयी छक्का लगाया। यह वनडे में दूसरा अवसर है जबकि किसी टीम ने 300 से अधिक रन के लक्ष्य को केवल एक विकेट गंवाकर हासिल किया। इससे पहले भारत ने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह कारनामा किया था। इंग्लैंड की तरफ से एकमात्र विकेट मोइन अली (50 रन देकर एक विकेट) ने लिया।

इससे पहले वेस्टपैक स्टेडियम में टास जीतकर बल्लेबाजी करने वाला इंग्लैंड एक समय चार विकेट पर 161 रन के स्कोर पर संकट में दिख रहा था लेकिन रूट और जेम्स टेलर (25) ने 98 रन की साझेदारी करके पारी को संभाला। रूट ने अपनी पारी में 108 गेंद खेली तथा 14 चौके और दो छक्के लगाए। यह विश्व कप में इंग्लैंड की तरफ से पांचवें विकेट के लिये रिकार्ड साझेदारी है जो केवल 11 ओवर में बनी। श्रीलंकाई गेंदबाज तब रन प्रवाह रोकने में नाकाम रहे। बाद में जोस बटलर ने 19 गेंदों पर 39 रन की नाबाद पारी खेली जिससे इंग्लैंड 300 रन के पार पहुंच पाया।

श्रीलंकाई कप्तान और मध्यम गति के गेंदबाज एंजेलो मैथ्यूज (43 रन देकर एक विकेट) ने मोइन को आउट करके पहली सफलता दिलायी। ऑफ स्पिनर (29 रन देकर एक विकेट) ने इसके तुरंत बाद गैरी बैलेन्स (छह) को अपनी ही गेंद पर कैच किया। बेल ने कुछ समय तक एक छोर संभाले रखा लेकिन सुरंगा लखमल (71 रन देकर एक विकेट) ने उन्हें अर्धशतक बनाने से रोक दिया। मोर्गन (27) ने भी अच्छी शुरुआत की लेकिन वह इसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाये। तिसारा परेरा (55 रन देकर एक विकेट) ने उन्हें बल्लेबाजी पावरप्ले शुरू होने से पहले 35वें ओवर में आउट कर दिया।

इसके बाद रूट और टेलर ने सतर्कता और आक्रामकता दोनों में अच्छा तालमेल बिठाकर रन बटोरे। रूट ने 52वें मैच में अपना चौथा वनडे शतक जड़ा। उन्होंने पारी के 45वें ओवर में परेरा पर एक छक्का और तीन चौके लगाये। ओवर के शुरू में टेलर ने भी छक्का जड़ा था। इस तरह से इस ओवर में 25 रन बने। टेलर को लेसिथ मालिंगा (63 रन देकर एक विकेट) ने आउट किया जबकि रूट की पारी का अंत रंगना हेराथ (35 रन देकर एक विकेट) ने किया। इंग्लैंड ने आखिरी पांच ओवरों में 52 रन बनाए। अंतिम ओवर में ही 22 रन बने। लखमल ने आखिरी ओवर में एक बीमर डाला जिसके कारण उन्हें गेंदबाजी से रोक दिया गया। इस ओवर की आखिरी दो गेंदें दिलशान ने डाली।

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ऑकलैंड : क्रिकेट विश्व कप 2015 के पूल ए मैच में आज न्यूजीलैंड ने ऑस्ट्रेलिया को एक विकटे से हरा दिया, इससे पहले न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 151 रन पर ढेर कर दिया।

ऑस्ट्रेलिया की टीम एक समय एक विकेट पर 80 रन बनाकर बेहतर स्थिति में दिख रही थी लेकिन इसके बाद उसने सिर्फ 26 रन पर आठ विकेट गंवा दिए। ब्रैड हैडिन (43) और पैट कमिंस (नाबाद 07) ने अंतिम विकेट के लिए 45 रन जोड़कर टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचाया। बोल्ट ने 10 ओवर में 27 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। उन्होंने तीन ओवर मेडन फेंके।

आस्ट्रेलिया ने तेजतर्रार शुरूआत की थी और 5.3 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर ही उसने 50 रन पूर कर लिए थे। टीम का स्कोर 12.5 ओवर में एक विकेट पर 80 रन था लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड ने जोरदार वापसी।

इस पतन की शुरुआत अनुभवी स्पिनर डेनियल विटोरी (41 रन दो विकेट) ने 13वें ओवर की अंतिम गेंद पर शेन वाटसन (23) को टिम साउथी के हाथों कैच कराके की। साउथी (65 रन दो विकेट) ने अगले ओवर की पहली ही गेंद पर सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (34) को पगबाधा आउट किया।

इसके बाद बोल्ट का कहर देखने को मिला जिन्होंने कप्तान माइकल क्लार्क (12), ग्लेन मैक्सवेल (01), मिशेल मार्श (00), मिशेल जॉनसन (01) और मिशेल स्टार्क (00) को पवेलियन भेजा। हैडिन ने हालांकि कमिंस के साथ मिलकर टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचा दिया। हैडिन ने 41 गेंद की अपनी पारी में चार चौके और दो छक्के मारे।

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