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Displaying items by tag: world cup - दिव्य इंडिया न्यूज़

वेलिंगटन। वर्ल्ड कप 2015 के ग्रुप-ए के बड़े मुकाबले में न्यूजीलैंड ने कप्तान ब्रेंडन मैक्कुलम और टिम साउदी के शानदार प्रदर्शन की मदद से इंग्लैंड को बुरी तरह से हरा दिया। कप्तान ब्रेंडन मैक्कुलम की ताबड़तोड़ पारी की मदद से न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 8 विकेटों से मात दी है। मैक्कुलम ने इंग्लैंड की गेंदबाजी को तहस नहस करते हुए 24 गेंदों पर 77 रन बनाए। मैक्कुलम को क्रिस वोक्स ने फुलटॉस गेंद पर बोल्ड किया। लेकिन आउट होने से पहले उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और सात छक्के जड़े। 

मैक्कुलम की इस आतिशी पारी की मदद से 123 रनों के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने आसानी से जीत दर्ज कर ली। मैक्कुलम के अलावा मार्टिन गुपटिल (22) को भी वोक्स ने ही पवैलियन भेजा। वहीं रॉस टेलर (4) और केन विलियमसन (9) रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड ने ये मैच 226 गेंद रहते ही मैच जीत लिया।

इससे पहले वर्ल्ड कप 2015 के ग्रुप ए के मुकाबले में टॉस जीतकर पहले खेलने उतरी इंग्लैण्ड की टिम साउदी की जोरदार गेंदबाजी के आगे 123 रन पर ढेर हो गई। साउदी ने 33 रन देकर सात विकेट झटके। इंग्लैण्ड की ओर से जो रूट ने सबसे ज्यादा 46 रन बनाए। 

टॉस जीतकर पहले खेलने इंग्लिश टीम की शुरूआत एक बार फिर खराब रही। सलामी बल्लेबाज इयान बेल केवल आठ रन बनाकर टिम साउदी की गेंद पर बोल्ड हो गए। थोड़ी ही देर बाद साउदी ने मोईन अली को 20 रन पर बोल्ड कर चलता कर दिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे गैरी बैलेंस भी केवल 10 रन बना पाए और ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर केन विलियम्सन को कैच थमा बैठे। 

इसके बाद जो रूट और इयॉन मॉर्गन ने चौथे विकेट के लिए 47 रन जोड़े, इस समय लग रहा था कि दोनों बल्लेबाज टीम को मुश्किल से बाहर निकाल ले जाएंगे। डेनियल वेटोरी ने मॉर्गन को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। मॉर्गन ने 17 रन बनाए। अगले ही ओवर में साउदी ने जेम्स टेलर को खाता भी नहीं खोलने दिया और विकेट के पीछे लपका दिया। 

इसके बाद तो साउदी ने इंग्लिश गेंदबाजों को क्रीज पर टिकने ही नहीं दिया। उनकी घातक गेंदबाजी के चलते इंग्लिश टीम ने केवल 19 रन में अपने अंतिम सात विकेट गंवा दिए। एक समय इंग्लैण्ड का स्कोर तीन विकेट पर 104 रन था और इसके बाद 123 रन पर पूरी टीम सिमट गई। इंग्लैण्ड के अंतिम बल्लेबाजों टेलर(0), जोस बटलर(3), क्रिस वोक्स(1), स्टुअर्ट ब्रॉड(4) और स्टीवन फिन(1) में से कोई भी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाया।  

दोनों टीमों का यह दूसरा मैच है। न्यूजीलैण्ड ने अपने पहले मैच में श्रीलंका को हराया था जबकि इंग्लैण्ड को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।

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इस्लामाबाद: पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के लिए वर्ल्ड कप में मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले ही मैच में भारत से हार झेलने से जहां खिलाडियों में निराश का माहौल है तो अब उनके फील्डिंग कोच ने परेशानियां बढ़ा दी है। पाक टीम के फील्डिंग कोच ग्रांट ल्यूडेन ने तीन वरिष्ठ खिलाडियों पर उनसे झगड़ा और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है और पद छोड़ने की धमकी दी है। 

उन्होंने पीसीबी प्रमुख शहरयार खान को शिकायत की है कि शाहिद अफरीदी, उमर अकमल और अहमद शहजाद ने अभ्यास सत्र के दौरान उनसे झगड़ा किया। इसके बाद शहरयार खान ने टीम मैनेजर अकरम चीमा को मामला सुलझाने को कहा। वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान के लिए यह एकमात्र झटका नहीं है। भारत से मैच पहले पाकिस्तान टीम के आठ खिलाडियों जिनमें शाहिद अफरीदी भी शामिल थे पर टीम कर्फ्यू तोड़ने के चलते जुर्माना लगाया गया। इन खिलाडियों ने टीम प्रबंधन की ओर से तय की गई टाइमलाइन का उल्लंघन किया और देर से टीम होटल पहुंचे थे। इससे पहले पाक के टॉप स्पिनर सईद अजमल वर्ल्ड कप टीम से बाहर हो गए थे। उन्होंने संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के चलते नाम वापिस ले लिया था।

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मेलबर्न : दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को होने वाले विश्व कप के दूसरे पूल मैच से पहले भुवनेश्वर कुमार की फिटनेस भारतीय क्रिकेट टीम की चिंता का सबब बनी हुई है क्योंकि यहां आज नेट अभ्यास के दौरान यह तेज गेंदबाज सहज नजर नहीं आया ।

भुवनेश्वर को आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला की शुरूआत से पहले टखने में चोट लगी थी । वह सिर्फ सिडनी में आखिरी टेस्ट खेल सके लेकिन लय हासिल करने के लिये जूझते नजर आये । धवल कुलकर्णी को टीम के अतिरिक्त सदस्य के रूप में रखा गया है । अभ्यास के दौरान उमेश यादव, मोहम्मद शमी और मोहित शर्मा ने तेजी से रनअप लिया लेकिन भुवनेश्वर असहज लग रहे थे । गेंदबाजी करते समय भी वह महेंद्र सिंह धोनी और अंबाती रायुडू को परेशान नहीं कर सके ।

मैदान पर बीचोबीच एक पिच थी और एक कार्नर पर चार नेट्स आसपास थे । खिलाड़ियों ने पहले कार्नर पर अ5यास किया और फिर बीच में आये । भुवनेश्वर पहले कार्नर नेट पर गए और कुछ देर बल्लेबाजी की । उन्होंने यादव का सामना किया और 25 मिनट नेट पर बिताने के बाद उन्होंने शार्ट रनअप के साथ गेंदबाजी की । उमेश, शमी और मोहित ने मुख्य नेट पर गेंदबाजी की लेकिन भुवनेश्वर एक कार्नर पर खड़े रहे । वह अपने साथी गेंदबाजों को अ5यास करते देखते रहे और लग रहा था कि वह गेंदबाजी नहीं करेंगे । उन्होंने हालांकि रायुडू, धोनी और अश्विन को गेंदबाजी की । रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली और सुरेश रैना को बाकियों ने गेंदबाजी की ।

यादव ने नेट पर जहां धोनी और कोहली को अपनी रफ्तार से परेशान किया वहीं शमी ने कुछ शार्ट गेंदें डाली । भुवनेश्वर सही लैंग्थ हासिल नहीं कर सके और उनकी गेंद एक गज पीछे पड़ रही थी । धोनी से लेकर अश्विन तक सभी ने उनकी गेंद पर पूल शाट खेले ।

रायुडू ने उन्हें स्क्वेयर लेग पर शाट लगाया । सबसे निराशाजनक बात यह थी कि भुवनेश्वर के पास वह रफ्तार भी नजर नहीं आई जो एक साल पहले हुआ करती थी । उसने करीब 50 गेंद डाली लेकिन बल्लेबाज को परेशान नहीं कर सके । अब तक 12 टेस्ट, 44 वनडे और नौ टी-20 खेल चुके भुवनेश्वर पहली बार फिटनेस समस्या से जूझ रहे हैं । उनके सीनियर रहे पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने उन्हें सलाह दी थी ,‘ चूंकि भुवी तीनों प्रारूप खेलता है तो उसे फिटनेस पर ज्यादा मेहनत करनी होगी । वरना उसे परेशानी हो सकती है ।’

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दुनेदिन। वर्ल्ड कप 2015 के छठे मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीत कर स्कॉटलैंड को पहले बल्लेबाजी करने का मौका दिया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी स्कॉटलैंड की टीम कुछ खास नहीं कर पाई और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के आगे महज 142 रनों पर ढेर हो गई। हालांकि स्कॉटलैंड की ओर से माचान (56) और बैरिंगटन (50) अर्धशतक जरूर लगाए, लेकिन ये भी अपनी टीम को एक बड़ा स्कोर नहीं दे पाए। 

न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की बात करें तो उन्होंने शानदार गेंदबाजी कराई। टिम साउदी और बोल्ट के हाथ जहां दो-दो विकेट लगे, वहीं डेनियल विटोरी और कोरी एंडरसन ने तीन-तीन विकेट झटके। जबकि 143 रनों के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम आसानी से लक्ष्य के करीब पहुंच गई, लेकिन मैच में एक समय ऐसा आया जब लक्ष्य को पाने की जल्दी में न्यूजीलैंड ने एक के बाद चार विकेट खो दिए। लेकिन फिर भी न्यूजीलैंड ने ये मैच 151 गेंदों के रहते ही जीत लिया।

न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की बात करें तो उनकी ओर से केन विलियमसन ने सर्वाधिक 38 रन बनाए। विलियनसन के अलावा इलिऑट ने 29 रनों की पारी खेली। स्कॉटलैंड के गेंदबाजों ने भी अच्छी गेंदबाजी कराई, लेकिन छोटा स्कोर होने के कारण वो अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। स्कॉटलैंड की ओर से वार्डलॉ और डेवे के हाथ तीन-तीन विकेट लगे, वहीं आरएम हक के हाथ एक सफलता लगी।

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मेलबर्न : सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच के टूर्नामेंट के पहले शतक के बाद मिशेल मार्श के पांच विकेट की मदद से मेजबान आस्ट्रेलिया ने आज विश्व कप के अपने पहले मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को 111 रन से हरा दिया।

फिंच के 135 रन और ग्लेन मैक्सवेल की 40 गेंद में 66 रन की पारी की बदौलत आस्ट्रेलिया ने आज यहां नौ विकेट पर 342 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टीवन फिन ने आखिरी तीन गेंद पर तीन विकेट लेकर विश्व कप 2015 की पहली हैट्रिक बनाई लेकिन आस्ट्रेलिया तक तक विशाल स्कोर बना चुका था।

जवाब में इंग्लैंड की टीम 41.5 ओवर में 231 रन ही बना सकी। जेम्स टेलर 98 रन बनाकर नाबाद रहे चूंकि उन्हें दूसरे छोर से कोई सहयोग नहीं मिल सका। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही आस्ट्रेलिया के लिये मार्श ने नौ ओवर में 33 रन देकर पांच विकेट लिये जबकि मिशेल स्टार्क और मिशेल जानसन को दो दो विकेट मिले। एक समय पर इंग्लैंड के छह विकेट 92 रन पर गिर गए थे लेकिन टेलर और क्रिस वोक्स ने सातवें विकेट के लिये 92 रन की साझेदारी करके टीम को संकट से निकालने की कोशिश की। उस समय तक जरूरी रनरेट इतना अधिक हो चुका था कि वापसी लगभग नामुमकिन थी।

इससे पहले टास हारकर बल्लेबाजी करने उतरे आस्ट्रेलिया की ओर से फिंच ने 128 गेंद में 135 रन की पारी खेली जिसके बाद मैक्सवेल की तूफानी पारी से आस्ट्रेलियाई टीम मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही।

फिंच ने अपनी पारी के दौरान 12 चौके और तीन छक्के मारे जबकि मैक्सवेल ने 11 चौके जड़े। उन्होंने अपने घरेलू मैदान पर वेलेंटाइन डे पर टूर्नामेंट का पहला शतक जड़ा। कप्तान जार्ज बैली ने भी 69 गेंद में 55 रन की उम्दा पारी खेली और इस दौरान फिंच के साथ चौथे विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी भी की। नियमित कप्तान माइकल क्लार्क की गैरमौजूदगी में टीम की अगुआई कर रहे बैली ने अपनी पारी में तीन चौके मारे।

तीन बार के पूर्व उप विजेता इंग्लैंड की ओर से स्टीवन फिन ने 71 रन देकर पांच विकेट चटकाए जबकि स्टुअर्ट ब्राड ने भी दो विकेट हासिल किए। फिन ने आखिरी ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर ब्राड हाडिन (31), ग्लेन मैक्सवेल (66) और मिशेल जानसन (00) को पवेलियन भेजा।

फिंच को जेम्स एंडरसन की गेंद पर क्रिस वोक्स ने उस समय जीवनदान दिया जबकि उन्होंने खाता भी नहीं खोला था। ब्राड ने डेविड वार्नर (22) और शेन वाटसन (00) को लगातार गेंदों पर पवेलियन भेजकर इंग्लैंड को वापसी दिलाई। बैली और फिंच ने हालांकि चौथे विकेट के लिए 146 रन जोड़कर 90000 से अधिक संभावित दर्शकों के सामने आस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। फिंच इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन के सटीक निशाने का शिकार बनकर रन आउट हुए। बैली भी इसके बाद फिन की गेंद को विकेटों पर खेल गए।

इंग्लैंड की पारी की शुरूआत बेहद खराब रही और पांचवें ही ओवर में उसके सलामी बल्लेबाज मोईन अली (10) को स्टार्क ने बैली के हाथों लपकवाकर पवेलियन भेजा। मार्श ने अपना पहला विकेट गैरी बालांस के रूप में लिया जो 10 के ही योग पर फिंच को कैच थमाकर लौटे। मार्श ने 14वें ओवर में इंग्लैंड को दो करारे झटके लगातार दो गेंदों पर दिए। ओवर की चौथी गेंद पर इयान बेल (36) स्टार्क को कैच थमाकर लौटे जबकि अगली गेंद पर जो रूट (5) ने विकेट के पीछे हाडिन को कैच थमाया। इस समय इंग्लैंड का स्कोर 66 रन था। इसमें सात रन ही जुड़े थे कि कप्तान इयोन मोर्गन भी मार्श की गेंद पर हाडिन को कैच देकर लौट गए। वह अपना खाता भी नहीं खोल पाये और 73 के स्कोर पर इंग्लैंड की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी।

जोस बटलर के रूप में मार्श ने पांचवां विकेट लिया। इसके बाद टेलर और वोक्स ने सातवें विकेट के लिये 92 रन जोड़कर विकेटों का पतझड़ रोकने की कोशिश की। वोक्स 36वें ओवर में जानसन की गेंद पर स्मिथ को कैच देकर आउट हुए । उन्होंने 42 गेंद में दो चौकों की मदद से 37 रन बनाए। निचले क्रम के बल्लेबाज टीम को चमत्कारिक जीत नहीं दिला सके। टेलर 90 गेंद में 11 चौकों और दो छक्कों की मदद से 98 रन बनाकर नाबाद रहे।

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एडिलेड : चोटों और प्रदर्शन के निरंतरता की कमी से जूझ रहा भारत कल (रविवार) यहां आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में खिताब के बचाव के अपने अभियान की शुरुआत चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ करेगा तो वह इतिहास से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगा।

सिडनी में 1992 के विश्व कप में दोनों टीमों के बीच पहली बार भिड़ंत के बाद से भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 50 ओवर के विश्व कप में सभी पांच मैच जीते हैं। महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली भारतीय टीम अब ‘सुपर संडे’ को अपना दबदबा बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी।

इस मैच के दौरान स्टेडियम के खचाखच भरा रहने की उम्मीद है और लगभग 20,000 भारतीय पहले ही विशेष रूप से इस मैच के लिए एडिलेड पहुंच चुके हैं। दोनों ही टीमें इस मैच को जीतकर टूर्नामेंट की सकारात्मक शुरुआत करने को लेकर बेताब हैं।

आस्ट्रेलिया की गर्मियों में लचर प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम पहले ही मैच में शिकस्त झेलने की स्थिति में नहीं है और वह भी पाकिस्तान के हाथों। उप कप्तान और अहम बल्लेबाज विराट कोहली के बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहना, अभ्यास मैच में अफगानिस्तान जैसी टीम के खिलाफ भी 10 विकेट चटकाने में नाकाम रहने वाला गेंदबाजी आक्रमण और कुछ अहम खिलाड़ियों की फिटनेस धोनी के लिए चिंता का कारण हैं।

पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती है फिर भले ही वह खराब दौर से ही क्यों नहीं गुजर रही हो। वर्ष 1992 में आस्ट्रेलिया और 1999 में इंग्लैंड में विश्व कप में अधिकांश समय खराब प्रदर्शन करने के बावजूद भारत पाकिस्तान को आसानी से हराने में सफल रहा था।

भारत को हमेशा से ही सचिन तेंदुलकर, अजय जडेजा या वेंकटेश प्रसाद के रूप में ऐसा एक खिलाड़ी मिलता रहा है जो विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ टीम की जीत का सूत्रधार बनता रहा है। मौजूदा टीम में कोहली, अजिंक्य रहाणे और कप्तान धोनी अपने अकेले दम पर मैच का रूख बदलने की क्षमता रखते हैं। धोनी आंकड़ों में अधिक विश्वास नहीं रखते लेकिन विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 5-0 का रिकॉर्ड टीम को सकारात्मक उर्जा देगा।

इसके अलावा मिसबाह उल हक की अगुआई वाली पाकिस्तानी टीम भी काफी अच्छी लय में नहीं है जिससे भारत का पलड़ा कुछ भारी रह सकता है। मोहम्मद हफीज जैसे बल्लेबाज और जुनैद खान जैसे स्विंग गेंदबाज को चोटों के कारण गंवाने जबकि सईद अजमल के बिना उतरने के कारण पाकिस्तान की स्थिति आदर्श नहीं है। इसके अलावा टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में भी मेजबान टीम के हाथों 0-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

पाकिस्तान की टीम में हालांकि किसी भी टीम को हराने की क्षमता है। टीम के लिए अभ्यास मैचों में प्रदर्शन सकारात्मक रहा जहां उसने बांग्लादेश और इंग्लैंड के खिलाफ अपने दोनों मैच जीते। इंग्लैंड के खिलाफ कप्तान मिसबाह ने 91 रन की पारी खेली थी। दूसरी तरफ भारत को अभ्यास मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी जबकि उसने अफगानिस्तान को हराया। विश्व कप में भारत के खिलाफ पिछले पांचों मैच गंवाने के कारण हालांकि पाकिस्तान कुछ दबाव में होगा।

भारत की ओर से अजिंक्य रहाणे लगातार रन बनाने में सफल रहे हैं जबकि रोहित शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ 150 रन की पारी खेलकर दर्शाया कि वह फिट हैं और अपने पहले विश्व कप में रनों के भूखे हैं।

त्रिकोणीय सीरीज के बाद अभ्यास मैचों में भी कोहली के अधिक रन नहीं बना पाने से भारत की समस्या बढ़ी है। भारत के लिए उनकी फार्म अहम हैं और धोनी नहीं चाहेंगे कि अहम मौकों पर उनका सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज विफल रहे। भारत की सबसे बड़ी चिंता हालांकि उसकी गेंदबाजी है जो पिछले ढाई महीने में काफी खराब रही है।

इशांत शर्मा चोटों से परेशान रहे जबकि भुवनेश्वर कुमार भी टखने की चोट के बाद वापसी करते हुए फार्म हासिल करने में विफल रहे जिससे मोहम्मद शमी और उमेश यादव पर भारत की निर्भरता बढ़ गई है। ये दोनों तेज गेंदबाजी करने में सक्षम हैं लेकिन अनुशासन की कमी है।

स्टुअर्ट बिन्नी ने अब तक मिले सीमित मौकों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने की कोशिश की है लेकिन बड़ी टीमों के खिलाफ जीत दिलाने की उनकी क्षमता पर सवालिया निशान लगा हुआ है। स्पिनरों में रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल की क्षमता लगभग समान हैं लेकिन बल्लेबाजी में जडेजा कुछ बेहतर नजर आते हैं। पाकिस्तान के लिए मिसबाह, यूनिस खान और शाहिद अफरीदी की अनुभवी तिकड़ी का प्रदर्शन अहम होगा जबकि प्रतिभावान उमर अकमल और फार्म में चल रहे शोएब मकसूद भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पाकिस्तान के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई वहाब रियाज और सात फीट के मोहम्मद इरफान की अनुभवी जोड़ी करेगी जो अनुकूल दिन किभी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने में सक्षम हैं। रियाज मोहाली में 2011 विश्व कप की तरह एक बार फिर भारत के खिलाफ पांच विकेट हासिल करने के इरादे से उतरेंगे।

टीमें इस प्रकार हैं:-

भारत:- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, अंबाती रायुडू, सुरेश रैना, स्टुअर्ट बिन्नी, भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, मोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल और मोहम्मद समी।

पाकिस्तान:- मिसबाह उल हक (कप्तान), शाहिद अफरीदी, अहमद शहजाद, नासिर जमशेद, हैरिस सोहेल, शोएब मकसूद, अहसान आदिल, यूनिस खान, उमर अकमल, मोहम्मद इरफान, वहाब रियाज, यासिर शाह, सोहेल खान, सरफराज अहमद और राहत अली।

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सिडनी: चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ एडिलेड में होने वाले विश्व कप के पहले मुकाबले से पूर्व अगर आप पाकिस्तान के किसी खिलाड़ी से बात करेंगे तो वह यही कहेगा कि ‘हम जीतना चाहते हैं।’। आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए 1992 विश्व कप में पहली बार भिड़ंत से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ पांच मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाया है। कप्तान मिसबाह उल हक ने कहा कि उनकी टीम इस बार इस मिथक को तोड़ देगी।

मिसबाह ने कहा, ‘इतिहास बदलने के लिए हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। मुझे नहीं पता कि हम वे सभी मैच क्यों हारे। शायद वे सभी टीमें अहम मुकाबले के दबाव से निपटने में विफल रही।’ पाकिस्तान 1992, 1996, 1999 और 2011 में लक्ष्य का पीछा करते हुए नाकाम रहा जबकि 2003 में भारत ने सेंचुरियन में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की। लोकप्रिय आलराउंडर शाहिद अफरीदी ने कहा कि हमेशा पहली बार होता है। मोहाली में 2011 में सेमीफाइनल में भारत के हाथों शिकस्त के दौरान टीम के कप्तान रहे अफरीदी ने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि इस बार हम इतिहास बदलेंगे और इस महत्वपूर्ण मैच को जीतेंगे।’

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सिडनी: भारत के पूर्व कोच ग्रेग चैपल का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में खराब फॉर्म के बावजूद गत चैम्पियन भारत को हलके में नहीं लिया जा सकता और वह विश्व कप के प्रबल दावेदारों में होगी।

चैपल ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को दिए इंटरव्यू में कहा, आप भारत को कभी हलके में नहीं ले सकते। ऑस्ट्रेलिया में उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा है, लेकिन विश्व कप में वह अलग ही टीम होगी। भारत को ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट शृंखला में 2-0 से हराया। उसके बाद त्रिकोणीय एक दिवसीय शृंखला में भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी ।

उसे ऑस्ट्रेलिया में पहली जीत कल अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे अभ्यास मैच में मिली। वेस्टइंडीज में 2007 विश्व कप में भारत के पहले ही दौर से बाहर होने के बाद कोच के पद से इस्तीफा देने वाले चैपल ने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप का सबसे प्रबल दावेदार मानते हैं।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया सबसे प्रबल दावेदार है। वह विश्व कप जीत सकता है। उसकी तैयारी सबसे अच्छी है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के नेशनल टैलेंट मैनेजर चैपल ब्रिसबेन में बुपा नेशनल क्रिकेट सेंटर में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, सह मेजबान न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज भी ऑस्ट्रेलिया और भारत के अलावा प्रबल दावेदार हैं।

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एडीलेड : रोहित शर्मा के 150 रन की मदद से भारत ने विश्व कप से पहले दूसरे और आखिरी अभ्यास मैच में मंगलवार को अफगानिस्तान को 153 रन से हराकर लंबे समय बाद जीत का स्वाद चखा।

टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए रोहित के शतक और अजिंक्य रहाणे की 88 रन की पारी की मदद से भारत ने पांच विकेट पर 364 रन बनाये। सुरेश रैना ने 71 गेंद में 75 रन बनाये। शर्मा और रैना ने तीसरे विकेट के लिये 158 रन की साझेदारी की। भारत ने सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (4) और विराट कोहली (5) के विकेट चौथे ही ओवर में गंवा दिये थे।

जीत के लिये विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए पहली बार विश्व कप खेल रही अफगानिस्तान टीम 50 ओवर में आठ विकेट पर 211 रन ही बना सकी। भारतीय गेंदबाजों ने आज बेहतर प्रदर्शन किया। मोहित शर्मा और रविंद्र जडेजा ने दो दो विकेट लिये जबकि मोहम्मद शमी को विकेट नहीं मिल सका।

आज का दिन रोहित के नाम रहा जिसने जबर्दस्त बल्लेबाजी की और तीसरे विकेट के लिये सुरेश रैना के साथ 158 रन जोड़े। इसके बाद उन्होंने रहाणे के साथ 71 95 रन की साझेदारी की। रोहित को आफ स्पिनर मोहम्मद नबी ने आउट किया।

बायें हाथ के बल्लेबाज धवन ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले अभ्यास मैच में अर्धशतक बनाया था लेकिन कोहली एक बार फिर नाकाम रहे। रैना के रन आउट होने के बाद रहाणे क्रीज पर आये और आखिर तक बने रहे। उन्होंने सिर्फ 61 गेंद में नाबाद 88 रन बनाकर भारत को 350 रन तक पहुंचाया।

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी फिर फ्लाप रहे जिन्होंने सिर्फ दस रन बनाये। वह 20 गेंदों में एक भी चौका नहीं लगा सके। अफगानिस्तान के लिये सिर्फ मीरवाइज अशरफ ऐसे गेंदबाज थे जिन्होंने पांच से कम की औसत से रन दिये लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिल सका। उन्होंने छह ओवर में 29 रन दिये।

अफगानिस्तान की शुरुआत धीमी रही। सलामी बल्लेबाज उस्मान गनी और पूर्व कप्तान नवरोज मंगल ने दूसरे विकेट के लिये 63 रन जोड़े लेकिन जरूरी रनरेट बढता जा रहा था। असगर स्टानिकजइ (20) और विकेटकीपर बल्लेबाज अफसर जजाइ (नाबाद 24) ने भी योगदान दिया लेकिन लक्ष्य तक पहुंचना नामुमकिन था

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एडिलेड। एडिलेड में खेले गए आईसीसी वर्ल्ड कप के पहले अभ्यास मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 106 रन से मात दी है। भारत के सामने जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य था, लेकिन मौजूदा पूरी टीम 45.1 ओवरों में 265 रन बनाकर आउट हो गई। भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने 59 रनों का योगदान दिया जबकि अजिंक्य रहाणे 66 रन बनाकर आउट हुए और अंबाती रायडू ने 53 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैट कमिंस ने तीन, मिचेेल जानसन, जोस हैजलवुड और मिचेेल स्टार्क के हाथ दो-दो विकेट लगे।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (104) और ग्लेन मैक्सवेल (122) रनों की तूफानी शतकीय पारियों की मदद से आस्ट्रेलिया ने 48.2 ओवरों में 371 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। वहीं मैच में भारत ने आठ गेंदबाज आजमाते हुए मेजबान टीम को ऑलआउट किया। मोहम्मद समी ने 9.2 ओवरों में 83 रन देकर तीन विकेट लिए। उमेश यादव और मोहित शर्मा के हाथ दो-दो सफलताएं मिली।

वार्नर ने अभ्यास मैच का फायदा उठाया और 83 गेंदों पर 14 चौके और दो छक्के लगाए। वहीं मैक्सवेल ने रिटायर्ड आउट होने से पहले 57 गेंदों पर 11 चौके और आठ छक्के लगाए। इन दोनों के अलावा एरॉन फिंच ने 20, शेन वॉटसन ने 22, मिशेल मार्श ने 21 और मिशेल जानसन ने 19 रन बनाए। अभ्यास मैचों में टीमें 15 खिलाडियों को नामित कर सकती हैं, लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी का मौका सिर्फ 11 खिलाडियों को ही मिलेगा। टीमों को 15 खिलाडियों के बीच में से ही इनका चयन करना होता है और इन मैचों में अंतिम एकादश घोषित करने का कोई नियम नहीं होता।

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